Breaking News
????????????

कविता @आँधियां हैं और तूफ ान है

Share

आँधिया है और तूफान है, बवंडर का रेला है
जोश-जज्बा मत खोना,न कहना अकेला है।
घटा-घनघोर भले छाए,चाहे बादल फट जाए
हिमालय सा तू अडिग है,जो यूँ ही हट जाए।
वह खून नही पानी है, जो कष्टो में घबराए हैं
वह कैसी जवानी है,जो आफत से न टकराए हैं
तेरी सोंच छोटी क्यों है,जो हिम्मत क्यो हारे हैं
तेरी उड़ान ऊंची है, नापे आसमां यह सारे हैं।
बुलन्दी तू ही छू पाएगा,अगर न हिम्मत हारे हैं
जहाँ में नाम तेरे होंगे,कदम नही डगमगाएँगे।
ये दुनिया सर झुकाएगी,इज्जत तेरे कदम होंगे
नफरत करने वाले भी, अपना सर झुकायेंगे।
अशोक पटेल
शिवरीनारायण (छत्तीसगढ़)


Share

Check Also

संपादकीय@ सड़कें गड्ढों में नहीं,व्यवस्था की जवाबदेही में फंसी हैं…

Share सरगुजा की सड़कें इन दिनों केवल राहगीरों की परीक्षा नहीं ले रहीं,बल्कि व्यवस्था की …

Leave a Reply