लखनऊ, 04 अगस्त 2022। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले 12 साल से वाराणसी जेल मे बद गैगस्टर बृजेश सिह को जमानत दे दी है. न्यायमूर्ति अरविद कुमार मिश्रा की एकल पीठ ने बृजेश को सशर्त जमानत दे दी. वह गाजीपुर मे मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार असारी के काफिले पर जानलेवा हमले के मामले मे जेल मे था. मामला 15 जुलाई 2001 का है, जब बृजेश सिह ने त्रिभुवन सिह के साथ यहा के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के उसर चट्टी मे मुख्तार असारी के काफिले पर जानलेवा हमला किया था, जो उस समय मऊ से विधायक थे. हमले मे मुख्तार असारी के गनर समेत तीन अन्य लोग मारे गए।
हमले मे बृजेश सिह भी घायल हो गया. समाचार रिपोर्ट मे कहा गया कि क्रॉस-फायरिग मे उनकी मृत्यु हो गई. वह वर्षो से फरार था, इस दौरान वह अपना व्यवसाय भी सभालता रहा. उस पर 5 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की गई थी. बाद मे दिल्ली स्पेशल सेल ने उन्हे 2008 मे भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया. उसके बाद बृजेश को यूपी लाया गया और तब से वह वाराणसी जेल मे बद है. याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वह 2009 से इस मामले मे जेल मे बद है.
बता दे कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद गाजीपुर मे अभी तक इस मामले मे ट्रायल शुरू नही हुआ है. अभी तक सिर्फ एक ही गवाही पूरी हुई है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पहले मामले मे बृजेश सिह की जमानत खारिज कर दी थी और निचली अदालत को एक साल मे सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था. लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी ट्रायल पूरा नही हो सका. इस सबध मे बृजेश सिह ने एक बार फिर कोर्ट मे जमानत के लिए याचिका दायर की थी.
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