वर्ल्ड न्यूज डेस्क, इस्लामाबाद 15 जुलाई 2022I शहबाज शरीफ के बेटों हमजा और सुलेमान के खिलाफ नवंबर-2020 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया था। अदालत ने सुलेमान और नकवी के खिलाफ 28 मई को गिरफ्तारी वारंट जारी किया तो वह ब्रिटेन फरार हो गया। मनी लांड्रिंग मामले में पाकिस्तान की एक अदालत ने पीएम शहबाज शरीफ के छोटे बेटे सुलेमान शहबाज को आरोपी मान लिया है। पाकिस्तान की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद सीएम शहबाज अंसारी के बेटे और एक अन्य व्यक्ति को भगोड़ा घोषित कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुकाबिक, लाहौर स्पेशल कोर्ट ने सुलेमान शहबाज और ताहिर नकवी को अदालत में तलब होने का आदेश दिया था, जिसके बावजूद दोनों अदालत नहीं पहुंचे। इसको देखते हुए अदालत ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि शहबाज शरीफ के बेटों हमजा और सुलेमान के खिलाफ नवंबर-2020 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया था। अदालत ने सुलेमान और नकवी के खिलाफ 28 मई को गिरफ्तारी वारंट जारी किया तो वह ब्रिटेन फरार हो गया। उसी सुनवाई में, अदालत ने एक अन्य संदिग्ध मलिक मकसूद उर्फ मकसूद छपरासी के लिए भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। मलिक मकसूद का पिछले महीने संयुक्त अरब अमीरात में निधन हो गया था।
एफआईए कर रही जांच
11 जून को एफआईए ने सुलेमान, नकवी और मकसूद के लिए जारी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट के बारे में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसमें एफआईए ने कहा था कि वारंट पर अमल नहीं किया जा सकता क्योंकि सुलेमान अपने फरार है। शुक्रवार की सुनवाई में अदालत ने सुलेमान और नकवी की संपत्तियों के साथ-साथ मकसूद के मृत्यु प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी मांगी। अदालत ने प्रधान मंत्री शहबाज को सुनवाई में शामिल होने से एक बार की छूट देने का अनुरोध भी स्वीकार कर लिया है, लेकिन निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई में अदालत के सामने पेश हों। बाद में सुनवाई 30 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई। गौरतलब है कि एफआईए की जांच में 28 बेनामी खातों का पता चला था। आरोप था कि यह शहबाज के परिवार से संबंधित हैं। इन्हीं खातों के माध्यम से 2008 से 2018 के दौरान 1400 करोड़ रुपये विदेश भेजे गए हैं। धन का पता लगाने के लिए एफआईए ने 17,000 लेन-देन की जांच की थी।
इमरान खान के खिलाफ समिति गठित
वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान के संघीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को एक समिति के गठन को मंजूरी दी है। ये समिति इस बात पर विचार करेगी कि क्या पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 6 के तहत पीटीआई पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान सहित पीटीआई के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ देशद्रोह की कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि जल्द ही यह समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
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