बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली 14 जुलाई 2022। भारत सहित कुल 130 देशों ने पिछले साल जुलाई में वैश्विक कर मानदंडों में बदलाव के लिए सहमति व्यक्त की थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां जहां भी काम करती हैं वहां न्यूनतम 15 प्रतिशत की दर से करों का भुगतान करें। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को G20 देशों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि विकासशील देशों को G20 में प्रस्तावित वैश्विक न्यूनतम कर सौदे के किसी भी “गैर अपेक्षित परिणामों” से बचाया जाए।
वित्तमंत्री ने कहा है कि एक निष्पक्ष और समावेशी कर प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए, यह आवश्यक है कि सभी G20 समावेशी ढांचे के सदस्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर कर लगाने के लिए प्रस्तावित सौदे को अंतिम रूप देने में सक्रिय रूप से भाग लें साथ ही इस समझौते के तहत विकासशील देशों के लिए “सार्थक राजस्व” का प्रावधान भी किया जाना चाहिए। आपको बता दें कि भारत सहित कुल 130 देशों ने पिछले साल जुलाई में वैश्विक कर मानदंडों में बदलाव के लिए सहमति व्यक्त की थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां जहां भी काम करती हैं वहां न्यूनतम 15 प्रतिशत की दर से करों का भुगतान करें। वित्त मंत्रालय की ओर से तब कहा गया था कि लाभ आवंटन में हिस्सेदारी और कर नियमों के दायरे सहित कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान किया जाना बाकी है और प्रस्ताव के तकनीकी विवरण पर काम करने के बाद एक आम सहमति के आधार पर समझौता किया जाएगा।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur