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कुसमी @युवक अपने एक पैर से चला रहा कार

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-उपेश सिन्हा-
कुसमी 14 अक्टूबर 2022(घटती-घटना)। धरती पर तरह-तरह के लोग रहते है उन्ही में से कुछ तो ऐसे होते है जिनका शरीर भी विकलांग हो जाये तो फिर भी वो अपना हिम्मत नही हारते और अपने सपनो की उड़ान आसानी से पुरा कर लेते है,आज हम ऐसे ही एक युवक की हिम्मत से आप लोगो को रूबरू करा रहे है उसके हौसले को पढ़कर आप भी कहेंगे गजब का हौसला है इस युवक में, आçख़रकार कैसे एक दुर्घटना ने उसे घर पर रुकने के लिये मजबुर कर दिया था ,पैर बचाने के लिये काफी शारीरिक मानसिक कष्ट सहा लेकिन एक पैर नही बचा सका फिर भी युवक हिम्मत नही हारी और आज एक पैरों से आसानी से चला रहा है कार ।दरअसल इस युवक का नाम मो. औरंगजेब शेख पिता ताहिर शेख उम्र करीब 37 जो कि बलरामपुर जिले के छोटे से शहर कुसमी का निवासी है,युवक ने बताया 2005 से ही वो गाçड़यों की लाईन में काम कर रहा है अपने मेहनत से तीन ट्रक तक खरीद ली थी, लेकिन जीवन में एक दिन ऐसा भी आया कि उसके शरीर का एक पैर नही रहा ,वो दिन था 28 नवम्बर 2019 का जब वह अपना ट्रक चलाकर गुमला झारखंड की और गया था लेकिन बदकिस्मती से उस दिन जब वह ट्रक चला रहा था तब अचानक रास्ते मे चलती ट्रक का कोई पाटर्स खराब हो गया और उसका स्टेयरिंग फैल हो गया जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और उससे जबरदस्त चोटे आई,फिर उसके ईलाज की शुरुवात हुई और एक पैर काफी ईलाज करवाने के बाद भी ठीक नही हुआ पुरी तरह खराब हो चुका था फिर डॉक्टरों ने उसका एक पैर काट दिया और वह एक पैर से पुरी तरह विकलांग हो गया ईलाज करवाते करवाते करीब डेढ़ साल बीत गया और उसका तीन ट्रक में से दो ट्रकों को बेचना पड़ गया,जब पैर कट गया तो वह अपने घर पर ही कुछ दिन रहने लगा शरीर की हालत देख काफी दुख युवक और उसके परिवार में छा गया पति पत्नी तीन बच्चे समेत 5 लोगों का परिवार के आगे दुःख का पहाड़ टूट पड़ा घर के मुखिया औरंगजेब के आगे रोज़ी रोटी परिवार पालने को लेकर टेंसन भी था लेकिन उसने अपना हौसला नही हारा और फिर तीन ट्रकों में से बचे एक ट्रक को चालक रखकर चलवाना शुरू कर दिया,और अपने परिवार का पालन पोषण करने लगा,और फिर एक पैरों से अपाहिज होने के बाद भी उसने हिम्मत कर कार का स्टेयरिंग एक दिन पकड़ा और एक पैर से ही कार चलाने का प्रयास करने लगा और आज हिम्मत के बल से बड़ी आसानी से एक पैर के साथ कार चलाने लगा सड़क पर,युवक ने बताया कि दो ट्रकों को बेचने के बाद भी ईलाज में काफी पैसा खर्च हुआ कि हालत काफी खराब हो गई थी फिर परिवार के सदस्यों ने लोगो से चंदा कर उसकी जान बचाई ।


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