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अंबिकापुर@पांच साल पुराने मारपीट मामले में तीनों आरोपियों को सजा,अदालत ने माना दोषी

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  • नवापारा चर्च ग्राउंड में चना खाते समय विवाद के बाद लाठी,डंडे,रॉड और बेसबॉल बैट से हमले का था आरोप…
  • अभिषेक ताम्रकार,अतुल ताम्रकार और मंटू ताम्रकार पर लगा जुर्माना,तीन माह का साधारण कारावास भी…

-संवाददाता-
अंबिकापुर,30 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। पांच साल पुराने मारपीट के एक मामले में अंबिकापुर की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुलापन राम यादव की अदालत ने अभिषेक ताम्रकार उर्फ अवि, अतुल ताम्रकार और मंटू ताम्रकार को भारतीय दंड संहिता की धारा 294,506 भाग-2 तथा धारा 323 सहपठित धारा 34 के तहत दोषसिद्ध किया है, अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर अलग-अलग धाराओं में अर्थदंड लगाया है, वहीं धारा 323 सहपठित धारा 34 के तहत तीन माह के साधारण कारावास की सजा भी सुनाई है, यह फैसला 24 अक्टूबर 2026 को घोषित किया गया। न्यायालयीन दस्तावेजों के अनुसार,पूरा मामला गांधी नगर थाना क्षेत्र के नवापारा चर्च ग्राउंड का है। घटना 9 सितंबर 2021 की शाम की बताई गई है, शिकायत में उल्लेख किया गया था कि प्रार्थी अपने दोस्त सावन मित्तल के साथ नवापारा चर्च ग्राउंड में एक ठेले के पास चना खा रहा था,इसी दौरान अचानक अभिषेक ताम्रकार उर्फ अवि,उसका छोटा भाई अतुल ताम्रकार और मंटू ताम्रकार वहां पहुंचे।
आरोप था कि तीनों ने मां-बहन को लेकर अश्लील गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर लाठी,डंडा,रॉड तथा बेसबॉल बैट से मारपीट की,शिकायत के मुताबिक,हमले में प्रार्थी के सिर,हाथ और पैर सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं, बाएं कान में भी चोट लगने और खून बहने का उल्लेख किया गया था,आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया,घटना के बाद पीडि़त ने गांधी नगर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी,जिसके आधार पर 9 सितंबर 2021 को अपराध दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।
पुलिस ने दर्ज किए बयान, कराया चिकित्सकीय परीक्षण-मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान दर्ज किए,न्यायालयीन दस्तावेजों में घायल का चिकित्सकीय परीक्षण कराए जाने तथा चोटों से संबंधित दस्तावेज प्राप्त किए जाने का उल्लेख है, मेडिकल रिपोर्ट में चोटों को सामान्य प्रकृति का बताया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, इसके बाद मामला न्यायालयीन सुनवाई के लिए पहुंचा।
अदालत में आरोपियों ने आरोपों से किया इनकार-न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान तीनों आरोपियों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया,दस्तावेजों के अनुसार,दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत उनके बयान दर्ज किए गए,जिसमें उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाए जाने की बात कही। दूसरी ओर अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाहों के माध्यम से अपना पक्ष रखा,सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया।
2021 में दर्ज हुआ था मामला, 2026 में आया फैसला- इस प्रकरण की शुरुआत 9 सितंबर 2021 को हुई थी। पुलिस ने उसी दिन शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की,इसके बाद विवेचना पूरी कर 23 दिसंबर 2021 को अभियोग पत्र प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख न्यायालयीन अभिलेख में है, 11 अप्रैल 2022 को आरोप विरचित किए जाने और 10 मई 2022 से साक्ष्य प्रारंभ होने की तारीख भी प्रकरण के दस्तावेजों में दर्ज है, अंततः 24 अक्टूबर 2026 को अदालत ने अपना निर्णय सुनाया,प्रकरण में राज्य की ओर से अभियोजन पक्ष ने पैरवी की,जबकि आरोपियों की ओर से अधिवक्ता राजेश प्रजापति उपस्थित रहे, न्यायालय के इस फैसले के साथ लंबे समय से विचाराधीन इस मामले में दोषसिद्धि का निर्णय सामने आया है, फैसले से स्पष्ट हुआ कि शिकायत से लेकर न्यायालयीन निर्णय तक साक्ष्यों की भूमिका अहम रही।
तीनों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में सजा…
अदालत के 24 अक्टूबर 2026 के आदेश में तीनों आरोपियों के लिए सजा का विवरण दर्ज है,आदेश के मुताबिक,प्रत्येक आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 294 के तहत 500 रुपये अर्थदंड, धारा 506 भाग-2 के तहत 1,000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 323 सहपठित धारा 34 के तहत तीन माह का साधारण कारावास और 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है, अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में संबंधित धाराओं के तहत 10-10 दिन के साधारण कारावास का प्रावधान भी आदेश में दर्ज है, इस प्रकार अदालत ने गाली-गलौज, आपराधिक धमकी और मारपीट से जुड़े आरोपों पर तीनों को दोषसिद्ध किया।
प्रमुख तथ्य
– घटना की तारीखः 9 सितंबर 2021
– घटना स्थलः नवापारा चर्च ग्राउंड, गांधी नगर थाना क्षेत्र
– अपराध क्रमांकः 454/2021
– आपराधिक प्रकरण क्रमांकः 3593/2021
– निर्णय की तारीखः 24 अक्टूबर 2026
– दोषसिद्ध आरोपीः अभिषेक ताम्रकार उर्फ अवि, अतुल ताम्रकार और मंटू ताम्रकार
– दोषसिद्धि की धाराएंः 294, 506 भाग-2, 323 सहपठित 34 भा.दं.सं.


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