टेलीकॉम अधिकारी और दिल्ली पुलिस का अफसर बनकर किया था फोन
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,11 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। टेलीकॉम विभाग का अधिकारी और दिल्ली पुलिस का अफसर बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हुए एक व्यक्ति से 22 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में सरगुजा रेंज की साइबर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराने और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से रकम का लेनदेन करने में शामिल होने का आरोप है। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार प्रार्थी ने अंबिकापुर गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताया। उसने प्रार्थी के नाम पर फर्जी सिम चालू होने और इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस में किए जाने की बात कही। इसके बाद दूसरे व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और प्रार्थी के बैंक खाते में अवैध लेनदेन होने का डर दिखाया। आरोपियों ने प्रार्थी को डराकर उसकी जमा राशि का भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से सत्यापन कराने के नाम पर अलग-अलग बैंकों के खातों में कुल 22 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने पर प्रार्थी ने पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी दीपक कुमार झा ने अग्रिम विवेचना साइबर रेंज थाने को सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद मोबाइल और व्हाट्सऐप नंबरों की तकनीकी जांच कर आरोपियों की जानकारी जुटाई गई। साइबर रेंज थाना सरगुजा के नोडल अधिकारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम को आरोपियों की तलाश में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र भेजा गया। जांच में ठगी की रकम का एक हिस्सा मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम निवासी साहिल सिंह ठाकुर के बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। पूछताछ में साहिल ने अपना बैंक खाता कार्तिक निकम को देने की बात बताई। इसके बाद कार्तिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, कार्तिक विभिन्न लोगों से बैंक खाते जुटाकर उनसे जुड़ी बैंक किट और सिम कार्ड बस के माध्यम से भोपाल भेजता था। इसके लिए वह टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा हुआ था। जांच के दौरान ठगी की रकम का एक अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। यह खाता नवी मुंबई निवासी उजेर युसुफ शेख का था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उजेर ने सेल्फ चेक के माध्यम से रकम निकालने की बात बताई। पुलिस ने जांच के दौरान अर्जित विश्वकर्मा और हरियाणा निवासी हर्ष की भूमिका भी सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इनका काम अलग-अलग लोगों से बैंक खाते प्राप्त करना और ठगी की रकम उन खातों में जमा कराना था। इसके बाद रकम को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर मुख्य आरोपियों तक पहुंचाया जाता था। जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर लोगों को ऊंची दर पर यूएसडीटी खरीदने का लालच देते थे। इस प्रक्रिया में ठगी की रकम दूसरे लोगों के बैंक खातों में पहुंच जाती थी। ऐसे खाताधारकों के खाते होल्ड होने और संदिग्ध लेनदेन सामने आने पर वे भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
पुलिस ने मामले में अर्जित विश्वकर्मा (23), निवासी आमगांव बड़ा,जिला नरसिंहपुर एमपी,हर्ष सिंह (21),निवासी ग्राम भाकली,जिला रेवाड़ी,हरियाणा, उजेर युसुफ शेख (28),निवासी नवी मुंबई, साहिल सिंह ठाकुर (24) और कार्तिक निकम (21),दोनों निवासी रसूलिया, नर्मदापुरम,मध्यप्रदेश को गिरफ्तार किया है। मामले की विवेचना जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई में निरीक्षक अश्वनी सिंह, प्रधान आरक्षक अमित निकुंज तथा आरक्षक अमरेन्द्र सिंह,इरम्तियाज अली और दिग्पाल सिंह शामिल रहे।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur