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नई दिल्ली@सेवा यात्रा के अनुभव जीवन की पूंजी,भारत को किताबों से नहीं गांव-गांव जाकर समझें : पीएम मोदी

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नई दिल्ली,25 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सेवा यात्रियों से कहा कि यात्रा के दौरान अलग-अलग राज्यों के गांवों में लोगों से जुड़ने और सेवा कार्य करने के अनुभव उनके जीवन की अमूल्य पूंजी बनेंगे। उन्होंने युवाओं से कहा कि भारत की विविधता, गांवों की संस्कृति और समाज की सेवा भावना को किताबों से पूरी तरह नहीं समझा जा सकता, इसके लिए गांव-गांव जाकर लोगों के बीच रहना जरूरी है। मोदी ने यात्रियों से यात्रा के अनुभवों को लिखने और दर्ज करते रहने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वडनगर से वाराणसी जाने वाले दल के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद में कहा कि पिछले करीब 10-12 वर्षों में गांवों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में बड़ा बदलाव आया है तथा शहर और गांव के बीच का अंतर काफी कम हुआ है। उन्होंने नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए यात्रियों से पूछा कि क्या उन्हें गांवों में बदलाव महसूस हो रहा है और क्या ग्रामीण भी इस बदलाव की चर्चा करते हैं। यात्रा युवाओं को इन बदलावों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और लोगों से सीधे संवाद करने का अवसर दे रही है। मोदी ने सेवा यात्रियों को सुरक्षा का भी ध्यान रखने की सलाह दी। संवाद के दौरान यात्रियों के भगवा साफे का उल्लेख करते हुए उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, ‘बाइक चलाते समय आप यह साफा पहनकर तो नहीं चलते होंगे? हेलमेट पहनते होंगे ना? साफा को हेलमेट मत समझ लेना।’ उन्होंने यात्रियों से परिवार के संपर्क में रहने, जिन क्षेत्रों से गुजरें वहां के लोगों से जुड़ने और उनके संपर्क नंबर लेने तथा वाट्सऐप समूह बनाने का भी सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें याद याद किया। दीनदयाल उपाध्याय के समाज जीवन में कर्तव्यों से जुड़े सात सूत्रों- सेवा भाव,संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मकता,संवेदना और संवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यही सेवा संकल्प यात्रा की आत्मा हैं। गांवों में बच्चों को पढ़ाई की सामग्री देना,पौधारोपण करना, वृद्धजनों की सेवा करना,महिलाओं से संपर्क करना और युवाओं के सपनों को समझना अलग-अलग कार्य दिखाई देते हैं, लेकिन इनके पीछे मानवता को केंद्र में रखकर समाज की सेवा का भाव समान है।


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