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अम्बिकापुर@एसटी भूमि फर्जीवाड़े में 40 लाख के सौदे का आरोपी गिरफ्तार

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  • प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास 6.25 एकड़ तालाब क्षेत्र की जमीन में हेरफेर का मामला
  • फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली के आधार पर बैनामा कराने का आरोप

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,25 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास स्थित तालाब क्षेत्र की अनुसूचित जनजाति की जमीन के फर्जीवाड़े मामले में मणिपुर पुलिस, साइबर सेल और रायपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी आजाद इराकी (43),निवासी मस्जिद मोहल्ला जयनगर, जिला सूरजपुर को रायपुर से पकड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने फर्जी दस्तावेज होने की जानकारी के बावजूद विवादित जमीन का 40 लाख रुपए में सौदा किया था। मामले में शामिल अन्य आरोपी फरार हैं,जिनकी तलाश की जा रही है। कलेक्टर कार्यालय सरगुजा की जांच के आधार पर मणिपुर थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास खसरा नंबर 3714 में 0.250 हेक्टेयर (0.231 हेक्टेयर) भूमि स्थित है। यह भूमि नगर निगम के मास्टर प्लान-2021 तथा शासकीय तालाब सूची में दर्ज 6.25 एकड़ तालाब क्षेत्र का हिस्सा है। स्थानीय लोग इसका उपयोग निस्तारी, स्नान और छठ पूजा सहित अन्य सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों के लिए करते रहे हैं। जांच में सामने आया कि वर्ष 1954-55 से पहले के राजस्व रिकॉर्ड में उक्त भूमि अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामी जैलाल पिता बोधन गोड़ के नाम दर्ज थी। आरोप है कि आरोपियों ने मिलीभगत कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया। इसके बाद जयलाल पिता देवराम नामक दूसरे व्यक्ति की वंशावली और नामांतरण रिकॉर्ड का दुरुपयोग कर खुद को जमीन का वारिस बताया गया। पुलिस के अनुसार इसके बाद विक्रेता चंद्रशेखर यादव और अन्य सह-खातेदारों के साथ मिलकर अनुसूचित जनजाति की भूमि का गैर-अनुसूचित जनजाति के नाम अवैध अंतरण कराया गया और फर्जी बैनामा तैयार किया गया।
तकनीकी साक्ष्य से रायपुर पहुंची पुलिस : मामले में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देश पर मणिपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान आरोपी आजाद इराकी के संबंध में तकनीकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने रायपुर पुलिस के सहयोग से उसके संभावित ठिकाने पर दबिश दी और उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेज होने की जानकारी के बावजूद 40 लाख रुपए में विवादित जमीन का सौदा करने की बात स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस फरार सह-आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
कार्रवाई में ये रहे शामिल : डीएसपी रायपुर क्राइम संजय सिंह, मणिपुर थाना प्रभारी सीपी तिवारी,रायपुर उप निरीक्षक गेंन्दूराम नवरंग,साइबर सेल प्रभारी एएसआई अजीत मिश्रा,एएसआई अनिल पाण्डेय,प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह,आरक्षक मनीष सिंह,रमेश राजवाड़े, उमाशंकर साहू,अनिल सिंह तथा रायपुर के आरक्षक संदीप सिंह व महिपाल सिंह।


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