पटना,15 सितम्बर 2026। पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश मंगलवार को सड़क पर दिखा। बिहार दरोगा भर्ती, बीपीएससी 70वीं परीक्षा समेत 13 सूत्री मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से राजभवन मार्च शुरू किया। विधानसभा के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे छात्रों को जेपी गोलंबर पर पुलिस और सीआरपीएफ ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारी बीपीएससी 70वीं परीक्षा में कथित धांधली की निष्पक्ष जांच और परीक्षा दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं।
जेपी गोलंबर पर रोका, बैरिकेडिंग पर चढ़े छात्र : गांधी मैदान से राजभवन की ओर बढ़ रहे छात्र-अभ्यर्थियों को जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने आगे जाने से रोक दिया। मौके पर पटना पुलिस के साथ सीआरपीएफ की टीम भी तैनात थी। पुलिस की बैरिकेडिंग के बावजूद कुछ छात्र उस पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। इसके बाद कुछ छात्र एग्जीबिशन रोड के रास्ते डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे। हालांकि यहां भी पुलिस टीम ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी।
दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग : प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि 1799 पदों पर हुई दरोगा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई यानी ईओयू कर रही है, लेकिन अब तक परीक्षा रद्द नहीं की गई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब परीक्षा में गड़बड़ी की जांच चल रही है तो इसे रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जानी चाहिए। छात्रों ने बीपीएससी 70वीं परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा को रद्द नहीं किया जा रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि बीएसएससी की परीक्षा भी नहीं हो रही है।
’सरकार सिर्फ जांच का आश्वासन दे रही’
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार की ओर से लगातार जांच का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन छात्रों के हित में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। इसी वजह से उन्हें आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है। अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि जब तक सरकार उनकी 13 सूत्री मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रोमित के परिजन भी अभ्यर्थियों के आंदोलन में पहुंचे
दरोगा भर्ती के अभ्यर्थी रोमित की आत्महत्या के बाद उनके परिजन भी मंगलवार को अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल होने पटना पहुंचे। रोमित की मां और उनके भाई ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में रोमित को न्याय दिलाना चाहती है तो प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बडि़यों को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। बहाली प्रक्रिया में भ्रष्टाचार पर रोक लगानी होगी और गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी तरीके से प्रतियोगी परीक्षाएं करानी होंगी।
’आज मैंने अपना बेटा खोया, कल बिहार कई बेटे न खो दे’
रोमित की मां ने भावुक होकर कहा कि आज उन्होंने अपना बेटा खोया है, लेकिन वह नहीं चाहतीं कि भविष्य में बिहार के किसी और परिवार को ऐसा दर्द झेलना पड़े। उन्होंने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक न जाने कितने रोमित अपनी जान गंवाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि रोमित पढ़ाई में बचपन से ही काफी तेज था। उसने नेट की परीक्षा भी क्वालीफाई की थी। उसका सपना दरोगा बनने का था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बडि़यों के कारण उसका यह सपना पूरा नहीं हो सका। मां के मुताबिक, लगातार तनाव और डिप्रेशन में आने के बाद रोमित ने अपनी जान दे दी।
परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी की मांग
वहीं, दरोगा भर्ती के अभ्यर्थियों ने रोमित के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि रोमित की मौत प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार को छात्रों की समस्याओं और भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बडि़यों को गंभीरता से लेते हुए ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur