रायपुर,09 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य की 621 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों से जुड़े 7 लाख 14 हजार 446 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का वितरण शुरू कर दिया गया है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों, वनवासियों और आदिवासी परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जंगल से जुड़े हर श्रमिक को उसके श्रम का उचित मूल्य समय पर मिले। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई को सहकारिता सप्ताह और अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण की प्रोत्साहन राशि वितरण की शुरुआत की गई थी। भुगतान की प्रक्रिया तेजी से जारी है और जल्द ही सभी पात्र संग्राहकों के खातों में राशि पहुंच जाएगी। वन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी है। इससे संग्राहक परिवारों की आय में सीधा इजाफा हुआ है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संग्रहण सत्र 2026 के दौरान प्रदेश के करीब 11.15 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपये का संग्रहण पारिश्रमिक पहले ही ऑनलाइन माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजा जा चुका है। केदार कश्यप ने कहा कि सरकार संग्रहण से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध बना रही है।
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