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अम्बिकापुर@धर्म विशेष की प्रार्थना अनिवार्य करने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग,कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने सौंपा ज्ञापन

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अम्बिकापुर,15 जून 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरकारी एवं निजी स्कूलों में दैनिक प्रार्थना गतिविधियों को अनिवार्य किए जाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग उठने लगी है। इसी क्रम में कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने सरगुजा कलेक्टर के माध्यम से शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आदेश पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा जारी दैनिक प्रार्थना संबंधी नियम एक धर्म विशेष की धार्मिक आस्थाओं पर आधारित प्रतीत होते हैं,जो देश की धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के अनुरूप नहीं हैं। प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में इस विषय पर पुनर्विचार का अनुरोध किया गया है। रशीद अहमद अंसारी ने कहा कि वर्तमान समय में पेपर लीक, महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान देने के बजाय स्कूलों को साम्प्रदायिक राजनीति का केंद्र बनाने का प्रयास कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से आदेश वापस लेने अथवा उसमें संशोधन करने की मांग की। अंबिकापुर शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह धंजल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश के बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक स्वरूप को ध्यान में रखकर शिक्षा नीतियों का निर्माण किया तथा वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारें राजनीतिक लाभ के लिए शिक्षा व्यवस्था में धार्मिक हस्तक्षेप बढ़ा रही हैं,जो शिक्षा के मूल उद्देश्यों के विपरीत है। ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष मो. इस्लाम, राजू बाबरा, पापिन्दर सिंह विखु, लुकस एक्का, अजय अरुण मिंज, जेनेबिब कुजूर, रूबी जैन, शिफ्तीन रजा, शकीला सिद्दीकी, विजय बेक, अली सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।


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