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बैकुंठपुर@ एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई,रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सीएमओ और लेखापाल

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नगर पालिका में भ्रष्टाचार का खुलासा
बैकुंठपुर,23 मार्च 2026(घटती-घटना)।
जिला एमसीबी के अंतर्गत नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जहां एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी और लेखापाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है और सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आमाखेरवा निवासी चन्द्रमणी वर्मा द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी, शिकायत में बताया गया कि वह साई कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर के नाम से मनेंद्रगढ़ में कार्य कर रहे हैं, उन्होंने नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ के वार्ड क्रमांक 11 में रिटेनिंग वॉल निर्माण और वार्ड क्रमांक 8 में सीसी सड़क निर्माण कार्य किया था, जिसकी कुल भुगतान राशि लगभग 5.90 लाख रुपये थी।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि भुगतान जारी करने के एवज में सीएमओ इशहाक खान और प्रभारी लेखापाल (सहायक राजस्व निरीक्षक) सुशील कुमार द्वारा 9 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी, जो लगभग 53,000 रुपये बनती है,आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर बिल का भुगतान रोक दिया गया था,जिससे शिकायतकर्ता को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था।
ट्रैप की कार्रवाई: पहले 20 हजार, फिर 33 हजार में गिरफ्तारी
एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें प्रारंभिक तौर पर 20,000 रुपये की रिश्वत ली गई, इसके बाद 23 मार्च 2026 को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई, इस दौरान ष्टरूह्र इशहाक खान और लेखापाल सुशील कुमार को 33,000 रुपये की शेष राशि रिश्वत के रूप में लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
कानूनी कार्रवाईः भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है, यह कार्रवाई एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
प्रशासन में हड़कंप : जवाबदेही पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्या यह मामला केवल दो अधिकारियों तक सीमित है? या फिर यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है? स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है और पारदर्शिता की मांग उठ रही है।
क्या बदलेगा सिस्टम?
एंटी करप्शन ब्यूरो की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, हालांकि, यह देखना बाकी है कि इस कार्रवाई के बाद सिस्टम में वास्तविक सुधार होता है या नहीं।
अंतिम सवाल
क्या यह गिरफ्तारी एक मिसाल बनेगी,या फिर भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि यह मामला भी समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा?


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