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कोरिया@ कुमार चौक में जला पीएम का पुतला, लोकतांत्रिक विरोध या प्रशासनिक चूक ?

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  • पुतला धधका,सवाल भड़के…बैकुंठपुर में युवा कांग्रेस का उग्र संदेश
  • प्रदेश में भाजपा सरकार, फिर भी पीएम का पुतला दहन—कानून व्यवस्था पर उठे प्रश्न
  • गिरफ्तारी के विरोध में सियासी आगः कुमार चौक बना टकराव का केंद्र
  • पुलिस की मौजूदगी में पुतला दहन—क्या था प्रशासन का रुख?
  • लोकतंत्र बनाम अनुशासनः कोरिया में विरोध की लपटें और जिम्मेदारी का सवाल
  • युवा कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शनः प्रतीकात्मक विरोध या राजनीतिक रणनीति?
  • पुतला जला,राजनीति गरमाईः बैकुंठपुर की घटना से उठे बड़े सवाल


-रवि सिंह-
कोरिया,27 फरवरी 2026 (घटती-घटना)।
कोरिया जिले में शुक्रवार को राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित किया गया। कांग्रेस कार्यालय से पुतला लेकर निकले कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च के रूप में कुमार चौक पहुंचे। पूरे रास्ते लोकतंत्र बचाओ और राजनीतिक प्रतिशोध बंद करो जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। स्थानीय नागरिकों की भीड़ भी सड़क किनारे जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
हल्की झड़प,लेकिन स्थिति नियंत्रण में…
पुतला दहन के दौरान सिटी कोतवाली बैकुंठपुर से एसआई महेश कुशवाहा व अमोल सिंह सहित पुलिस बल मौके पर तैनात रहा,प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प की स्थिति भी बनी, लेकिन कोई गंभीर घटना सामने नहीं आई,पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया,आग बुझाने के बाद भी कार्यकर्ता कुछ देर तक नारेबाजी करते रहे।
लोकतांत्रिक विरोध या कानून-व्यवस्था की चुनौती?
प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बावजूद विपक्षी संगठन द्वारा प्रधानमंत्री का पुतला दहन किए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, एक ओर कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकार बता रही है,वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक सक्रियता और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं,स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर आगजनी जैसी गतिविधियों पर समय रहते नियंत्रण होना चाहिए।
आगे क्या?
युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष की रिहाई नहीं हुई तो जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा,अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है और क्या आगे इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई होती है, फिलहाल, कुमार चौक की यह घटना कोरिया जिले की राजनीति में एक नई बहस छेड़ गई है — लोकतंत्र की अभिव्यक्ति बनाम प्रशासनिक जिम्मेदारी।
गिरफ्तारी के विरोध में फूटा आक्रोश…
युवा कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई है और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है,नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाना असंवैधानिक है,यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशभर में और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस कार्यालय से कुमार चौक तक मार्च
प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय कांग्रेस कार्यालय से हुई, कार्यकर्ता हाथों में बैनर और पुतला लेकर नारे लगाते हुए मुख्य मार्ग से कुमार चौक तक पहुंचे,प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,मार्च के दौरान पुलिस बल मौजूद तो रहा, लेकिन प्रारंभिक चरण में रोकने का कोई सख्त प्रयास नजर नहीं आया,कुमार चौक पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला जलाया। आग की लपटें उठते ही आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। बताया जाता है कि पुतला लगभग पूरी तरह जल चुका था, उसके बाद ही पानी डाला गया।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल?
घटना के बाद शहर में यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर पुतला दहन से पहले पुलिस ने सख्ती क्यों नहीं दिखाई,क्या प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति ली गई थी? यदि अनुमति नहीं थी,तो प्रशासन ने पहले ही रोकथाम क्यों नहीं की? क्या पुतला दहन की आशंका के बावजूद सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे? इन सवालों पर पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा की जा रही है, हालांकि,मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया और कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बल तैनात था।
प्रदेश और जिला नेतृत्व की मौजूदगी
आंदोलन का नेतृत्व जिला युवा कांग्रेस ने किया,प्रदेश महासचिव संजीव सिंह काजू,युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राम सजीला यादव,कार्यकारी जिलाध्यक्ष सुमन दुबे सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे,जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह,जनपद सदस्य गणेश सिंह, नगर पालिका बैकुंठपुर उपाध्यक्ष आशीष यादव,जिला प्रवक्ता आशीष डवरे,अविनाश पाठक,जिला महामंत्री दीपक गुप्ता,सौरभ गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल रहे,नेताओं ने एक स्वर में कहा कि संगठन अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की रिहाई तक संघर्ष जारी रखेगा और चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी।


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