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कोरिया/सूरजपुर/सरगुजा@ कुदरत का अनमोल खजाना: सरगुजा की वादियों में बिखरे जन्नत के नज़ारे

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सोनहत से कुदरगढ़ तक — सरगुजा की धरती पर प्रकृति, आस्था और रोमांच का संगम
ड्रोन की नज़र से सरगुजा: झरनों, पहाड़ों और बांधों का विहंगम सफर
हरियाली की गोद में सरगुजा — जहाँ हर मोड़ पर मिलता है सुकून
बालमगढ़ी की ऊँचाइयाँ, अमृतधारा की फुहारेंज् पर्यटन का नया स्वर्ग बना सरगुजा
वादियों में सुकून, झरनों में संगीत — सरगुजा बुला रहा है पर्यटकों को
नीले बांध, दूधिया जलप्रपात और आस्था की ऊँचाइयाँ — सरगुजा की खास पहचान
प्रकृति का पोस्टकार्ड बना सरगुजा संभाग, ड्रोन व्यू में दिखी स्वर्ग सी तस्वीर
राजन पाण्डेय
कोरिया/सूरजपुर/सरगुजा 08 फरवरी 2026 (घटती-घटना)।
छत्तीसगढ़ का उत्तरी छोर यानी सरगुजा संभाग इन दिनों अपनी प्राकृतिक आभा, आस्था और रोमांचक पर्यटन स्थलों की वजह से खास पहचान बना रहा है, कोरिया और सूरजपुर जिले की हरियाली, पहाड़ों की ऊँचाई, जलप्रपातों की दूधिया फुहारें और शांत जलाशयों का नीला विस्तार पर्यटकों को सुकून और रोमांच दोनों का अनुभव कराते हैं, ड्रोन कैमरे से कैद किए गए दृश्य इन स्थानों की भव्यता को और भी जीवंत बना देते हैं, सोनहत की सर्पिलाकार सड़कों से लेकर अमृत धारा के जलप्रपात तक, यहाँ हर मोड़ पर प्रकृति का अलग ही रूप दिखाई देता है।
सोनहत की वादियाँ और शिवघाट की घुमावदार सड़कें


हरी-भरी पहाड़ियों के बीच से गुजरती सोनहत की सर्पिल सड़कें ऊपर से देखने पर किसी कलाकृति जैसी दिखाई देती हैं, रोमांच पसंद यात्रियों के लिए यह रास्ता जितना खूबसूरत है, उतना ही यादगार भी। हर मोड़ पर बदलता दृश्य पर्यटकों को रुककर प्रकृति को महसूस करने पर मजबूर कर देता है।
बालमगढ़ी-बादलों को छूती ऊँचाइयाँ


बालम पहाड़ या बालमगढ़ी इतिहास और रोमांच का अनूठा मेल है। प्राचीन किलों के अवशेष और ऊँचाई से दिखता विहंगम दृश्य ट्रेकर्स और फोटोग्राफरों के लिए स्वर्ग जैसा अनुभव देता है, यहाँ खड़े होकर दूर तक फैली हरियाली को देखना किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं लगता।
अमृत धारा जलप्रपात -दूधिया फुहारों का जादू


हसदेव नदी पर स्थित अमृत धारा जलप्रपात जब ऊँचाई से गिरता है तो सफेद धुंध का ऐसा दृश्य बनता है जो मन को सुकून से भर देता है। ड्रोन से लिया गया टॉप व्यू यहाँ के रौद्र और शांत दोनों रूपों को एक साथ दर्शाता है।
आस्था के धाम-सारा सोरों और कुदरगढ़

सूरजपुर जिले के सारा सोरों शिव मंदिर और कुदरगढ़ धाम धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं। ऊँची पहाड़ी पर बसे मंदिर और
नीचे फैला हरियाली का विस्तार ड्रोन कैमरे में किसी दैवीय चित्र जैसा नजर आता है। श्रद्धालु यहाँ आस्था के साथ-साथ प्रकृति का भी आनंद लेते हैं।
झुमका बांध और पिलखा डेम-नीले जल का विस्तार


बैकुंठपुर का झुमका बांध अपने नीले पानी और विकसित पार्कों के कारण पर्यटकों का पसंदीदा स्थल बन चुका है। वहीं पिलखा डेम का शांत वातावरण पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए आदर्श है, ऊपर से देखने पर ये जलाशय किसी विशाल नीलम की तरह चमकते नजर आते हैं।
केनापारा-खदान से पर्यटन तक का सफर


विश्रामपुर का केनापारा क्षेत्र कभी कोयला खदान था, लेकिन आज यह वाटर एडवेंचर का नया हब बन चुका है। नीले पानी में चलती नावें और चारों ओर विकसित हरियाली इंसानी प्रयास और प्रकृति के पुनर्जन्म की कहानी कहती हैं।
हसदेव उद्गम स्थल-प्रकृति और आध्यात्म का संगम


घने जंगलों के बीच स्थित हसदेव नदी का उद्गम स्थल प्रकृति और आध्यात्म का अनूठा संगम है। नया शिव मंदिर और शांत जलकुंड इस स्थान को आध्यात्मिक पर्यटन की नई पहचान देते हैं।
पर्यटन के नक्शे पर उभरता सरगुजा

सरगुजा संभाग आज प्राकृतिक विविधता,धार्मिक आस्था और रोमांचक पर्यटन स्थलों के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है,ड्रोन व्यू ने इन स्थानों की भव्यता को नई पहचान दी है,यदि पर्यटन सुविधाओं का और विकास हुआ तो यह क्षेत्र राष्ट्रीय ही नहीं,अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग छवि बना सकता है।
स्थानः सरगुजा संभाग- कोरिया व सूरजपुर जिले
खासियतः जलप्रपात, पहाड़, बांध, आस्था स्थल और घने जंगल
आकर्षणः ड्रोन व्यू में दिखती अद्भुत प्राकृतिक भव्यता
अनुभवः प्रकृति, रोमांच और आध्यात्म का त्रिवेणी संगम

फीचर की समापन हाईलाइट

सोनहत की सर्पिल सड़कें,अमृत धारा की फुहारें और कुदरगढ़ की आस्था-सरगुजा की धरती सचमुच कुदरत का वह अनमोल खजाना है,जहाँ हर नजर को जन्नत का एहसास होता है। ‘


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