- चुनाव प्रक्रिया में हुआ अहम बदलाव, जिला साहू संघ कोरिया का चुनाव निरस्त, प्रदेश साहू संघ का बड़ा फैसला
- आजीवन सदस्यता से लेकर मतदाता सूची तक बदली पूरी व्यवस्था, 25 फरवरी को होगा चुनाव
- साहू समाज चुनाव में बड़ा उलटफेर: जिला साहू संघ कोरिया का निर्वाचन निरस्त, 25 फरवरी को होंगे नए चुनाव
- प्रदेश साहू संघ का कड़ा फैसला: कोरिया जिला चुनाव रद्द, आजीवन सदस्यता से बनेगी नई मतदाता सूची
- घटती घटना की खबर के बाद साहू समाज का चुनाव निरस्त, प्रदेश अध्यक्ष ने संभाली कमान
- साहू समाज में बड़ा निर्णय: 200 आजीवन सदस्य बनेंगे, 25 फरवरी को पर्यवेक्षकों की निगरानी में मतदान
- नियमों के उल्लंघन पर प्रदेश साहू संघ सख्त: कोरिया जिला साहू संघ का पूरा चुनाव शून्य घोषित
- संगठन में पारदर्शिता की पहल: साहू समाज चुनाव प्रक्रिया फिर से शुरू, 25 फरवरी को निर्णायक दिन



-रवि सिंह-
कोरिया,03 फरवरी 2026(घटती-घटना)। दैनिक घटती-घटना में प्रकाशित साहू समाज से जुड़ी खबर का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगा है,समाज की वर्षों से लंबित मांगों, संगठन के भीतर व्याप्त असंतोष और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने पूरे मामले पर संज्ञान लिया है,इसके बाद प्रदेश स्तर से एक आधिकारिक पत्र जारी कर महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की गई है,यह पत्र न केवल संगठनात्मक संतुलन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है,बल्कि इससे साहू समाज में लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति पर भी विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है,बता दे की जिला साहू संघ कोरिया में लंबे समय से चल रहे संगठनात्मक विवाद, असंतोष और निर्वाचन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के बीच अब छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने निर्णायक हस्तक्षेप करते हुए बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है,प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू द्वारा 31 जनवरी 2026 को जारी आधिकारिक आदेश में जिला साहू संघ कोरिया के वर्तमान निर्वाचन 2026 को पूर्णतः निरस्त कर दिया गया है,प्रदेश संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब तक की गई समस्त चुनावी कार्यवाहियां शून्य घोषित मानी जाएंगी और पूरी निर्वाचन प्रक्रिया नए सिरे से नियमावली के अनुरूप कराई जाएगी।
खबर बनी समाज की आवाज- दैनिक घटती घटना द्वारा साहू समाज की समस्याओं, चुनाव प्रक्रिया को लेकर असंतोष और जमीनी कार्यकर्ताओं की नाराजगी को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, खबर में समाज के भीतर यह चिंता सामने आई थी कि आजीवन सदस्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, कई सक्रिय कार्यकर्ता मतदाता सूची से बाहर हो रहे हैं, चुनाव कार्यक्रम को लेकर पारदर्शिता का अभाव है, इन्हीं बिंदुओं को प्रदेश साहू संघ के शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से लिया और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नया दिशा-निर्देश जारी किया गया।
आजीवन सदस्य बनाए जाएंगे — बड़ा फैसला- प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया है कि लंबे समय से आजीवन सदस्य नहीं बनाए जाने की स्थिति को समाप्त किया जाएगा, सभी पक्षों की सहमति से आजीवन सदस्य जोड़े जाएंगे, निर्धारित शुल्क ₹3100 के माध्यम से सदस्यता दी जाएगी, यह प्रक्रिया 15 फरवरी 2026 तक पूर्ण की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक समाजजन संगठन की मुख्यधारा से जुड़ सकें, आजीवन सदस्यों की अधिकतम संख्या 200 तय की गई है, तहसीलवार परिवार संख्या के अनुपात में सदस्य बनाए जाएंगे, इस निर्णय को संगठन के भीतर वर्षों से चली आ रही बड़ी विसंगति के समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
मतदाता सूची में रहेगा नाम- पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जो व्यक्ति आजीवन सदस्य बनाए जाएंगे, उनका नाम अनिवार्य रूप से मतदाता सूची में शामिल रहेगा, मतदाता सूची से किसी भी पात्र सदस्य को वंचित नहीं किया जाएगा, यह निर्णय उन कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी राहत बनकर आया है, जो वर्षों से संगठन से जुड़े होने के बावजूद मतदान अधिकार से वंचित हो रहे थे।
20 फरवरी को मतदाता सूची का प्रकाशन- प्रदेश साहू संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 17 फरवरी 2026 तक आजीवन सदस्यता सूची अंतिम रूप लेगी,20 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का विधिवत प्रकाशन किया जाएगा, प्रकाशन के पश्चात किसी भी प्रकार की आपत्ति निर्धारित समय सीमा में दर्ज कराई जा सकेगी, इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश भी प्रदेश नेतृत्व द्वारा दिए गए हैं।
25 फरवरी को पर्यवेक्षकों की निगरानी में चुनाव- पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 25 फरवरी 2026 को जिला साहू संघ का चुनाव संपन्न कराया जाएगा,चुनाव प्रक्रिया प्रदेश से नियुक्त पर्यवेक्षकों की सीधी निगरानी में होगी, चुनाव जिला मुख्यालय में लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न कराया जाएगा, इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि किसी भी विवाद की स्थिति में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
संगठन में संतोष और विश्वास का माहौल- प्रदेश स्तर से लिए गए इन फैसलों के बाद साहू समाज में संतोष और नई ऊर्जा देखने को मिल रही है, समाजजनों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही अनदेखी पर अब विराम लगा है, संगठन में पुनः विश्वास बहाल हुआ है, चुनाव प्रक्रिया अब निष्पक्ष और सर्वसमावेशी प्रतीत हो रही है, कई वरिष्ठ समाजसेवियों ने इसे “संगठन को टूटने से बचाने वाला निर्णय” बताया है।
पत्रकारिता की भूमिका फिर हुई साबित- इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह प्रमाणित किया है कि निष्पक्ष और जनपक्षधर पत्रकारिता केवल खबर प्रकाशित नहीं करती, बल्कि समाज की आवाज को सत्ता और संगठन के शीर्ष तक पहुँचाने का कार्य भी करती है, दैनिक घटती घटना द्वारा उठाए गए मुद्दों के बाद प्रदेश नेतृत्व का सक्रिय होना इसी बात का प्रमाण है कि मीडिया यदि ईमानदारी से कार्य करे, तो बदलाव संभव है।
अब टिकी हैं निगाहें- अब समाज की निगाहें 20 फरवरी 2026 : मतदाता सूची के प्रकाशन व 25 फरवरी 2026 : जिला साहू संघ निर्वाचन पर टिकी हुई हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह चुनाव प्रक्रिया समाज को नया नेतृत्व, नई दिशा और मजबूत संगठनात्मक आधार देने में कितनी सफल होती है।
क्यों लिया गया यह कड़ा निर्णय- प्रदेश साहू संघ द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि निर्वाचन 2026 को लेकर सभी पक्षों की बातें सुनी गईं, समन्वय समिति की बैठक में किसी भी विषय पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई, इसके बाद पर्यवेक्षकों को बिना सूचना दिए समन्वय समिति में ऐसे लोगों को शामिल कर लिया गया, जो छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ की नियमावली के अनुसार पात्र नहीं थे, यह प्रक्रिया पूरी तरह संगठनात्मक नियमों के विरुद्ध पाई गई, मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं पर्यवेक्षकगण की उपस्थिति में इन तथ्यों पर विचार करते हुए प्रदेश संगठन ने यह स्पष्ट कर दिया कि ऐसी परिस्थिति में चुनाव कराना न तो न्यायसंगत है और न ही वैधानिक।
पूरा निर्वाचन कार्यक्रम निरस्त- प्रदेश अध्यक्ष के आदेशानुसार जिला साहू संघ कोरिया का वर्तमान निर्वाचन कार्यक्रम रद्द किया गया, उससे जुड़ी सभी अधिसूचनाएं, बैठकें, तैयारियां और प्रक्रियाएं अमान्य घोषित की गईं, यह फैसला संगठन में पारदर्शिता बनाए रखने और समाज में बढ़ते असंतोष को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया।
मतदाता सूची और नामांकन कार्यक्रम तय-
निर्वाचन की नई समय-सारिणी इस प्रकार रहेगी—
18 फरवरी 2026
प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित होगी (आजीवन सदस्य एवं पदाधिकारी सहित)
19 फरवरी 2026
दावा–आपत्ति के बाद
दोपहर 3 बजे अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
20 फरवरी 2026
नामांकन: सुबह 10:00 बजे से 2:00 बजे तक
नामांकन जांच एवं दावा–आपत्ति: 2:00 से 3:00 बजे तक
इसके पश्चात आपसी सहमति बनाने के लिए समन्वय समिति प्रयास करेगी।
विवाद की स्थिति में प्रदेश का फैसला अंतिम- आदेश में यह भी साफ लिखा गया है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा, इस प्रावधान से यह संकेत मिलता है कि अब चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की मनमानी या भ्रम की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।
समाज में संतोष, नेतृत्व पर बढ़ा भरोसा- प्रदेश साहू संघ के इस आदेश के बाद साहू समाज में संतोष का माहौल है, वर्षों से चली आ रही सदस्यता और चुनावी उलझनों के समाधान की उम्मीद जगी है, समाजजनों का मानना है कि अब निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमसम्मत चुनाव संभव होगा, वरिष्ठ समाजजनों ने इस निर्णय को “संगठनात्मक अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादा की जीत” बताया है।
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