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अम्बिकापुर@प्राचीन भारत में विज्ञान और तकनीक था उच्च स्तर पर

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-संवाददाता-
अम्बिकापुर,15दिसम्बर 2025
(घटती-घटना)।

छत्तीसगढ़ राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर में ‘क्वांटम-2025 इनोवेटिव टेक्निक्स इन इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी एंड साइंस ए प्रैक्टिकल एप्रोच पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन कलेक्टर विलास भोस्कर द्वारा किया गया, जिसमें प्रमुख अतिथि के रूप में प्रोफेसर एनके समाधिया, प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष (सिविल इंजीनियरिंग), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुडकी, और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर आरजे पाण्डेय, प्राचार्य, शासकीय पॉलीटेक्निक, ने शिरकत की। डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने रोजगारपरक शिक्षा और कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान का सही तरीके से हस्तांतरण करने से ही प्रभावी शिक्षा संभव है। प्रोफेसर आरजे पाण्डेय ने मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, थ्रीडी प्रिंटिंग, और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के माध्यम से विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नवीनतम बदलावों पर चर्चा की। डॉ. एसके श्रीवास्तव ने रामायण में वर्णित प्राचीन इंजीनियरिंग और विज्ञान के अद्भुत ज्ञान का उदाहरण देते हुए बताया कि प्राचीन भारत में विज्ञान और तकनीक उच्च स्तर पर था। सम्मेलन के दूसरे सत्र में आशीष घारपुरे, प्रोफेसर डॉ. एसके श्रीवास्तव, और डॉ. राम नारायण खरे सहित अन्य शोधकर्ताओं ने शोध पत्रों का वाचन किया। कार्यक्रम के दौरान शासकीय नवीन संगीत महाविद्यालय द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। कार्यक्रम का संचालन पूनम दीवान ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. रोबिन थॉमस ने किया। इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


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