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अम्बिकापुर@धान खरीदी में हड़ताल का असर,प्रशासन ने की नई नियुक्तियां

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-संवाददाता-
अम्बिकापुर,15 नवम्बर 2025/
(घटती-घटना)।

जिले में 15 नवंबर से शुरू हुई समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बावजूद समिति प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से खरीदी कार्य में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। हड़ताल के कारण अधिकांश धान उपार्जन केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं,जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन ने इस समस्या का समाधान करने के लिए हर केंद्र पर नए प्रभारी और ऑपरेटरों की नियुक्ति की है, लेकिन उनके अनुभव की कमी के कारण काम में रुकावटें आ रही हैं। जिले में कुल 54 समिति प्रबंधक और 54 ऑपरेटर हैं, जो 3 नवंबर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इनमें प्रमुख मांगें हैं कि धान की खरीदी के दौरान कम मात्रा में धान मिलने के बावजूद उन पर जिम्मेदारी डाली जाती है। साथ ही, वे यह भी शिकायत कर रहे हैं कि उनके काम के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है। इसके चलते समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों की हड़ताल ने धान खरीदी कार्य को प्रभावित किया है।
प्रशासन ने उठाए कदम
जिला प्रशासन ने इस स्थिति से निपटने के लिए हर धान खरीदी केंद्र में नए प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की है। इसके अलावा,सुरक्षा और निगरानी के लिए उडऩदस्ता दल भी गठित किया गया है ताकि खरीदी कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। बावजूद इसके, प्रशासन की नई नियुक्तियां कम अनुभवी कर्मचारियों की वजह से खरीदी प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न कर रही हैं। पहले दिन ही कुछ समितियों में ताले लटकते रहे, जिससे किसानों को धान बेचने में कठिनाई हुई।
धान खरीदी महापर्व की शुरुआत
इसके बावजूद, जिले में 15 नवंबर को धान खरीदी महापर्व की शुरुआत हुई। पहले दिन धान बेचने पहुंचे किसान अनंत मंडल ने 20 क्विंटल धान बेचकर पहले टोकन का लाभ उठाया। कलेक्टर विलास भोसकर ने उनका स्वागत किया और फूल-माला पहनाकर उन्हें सम्मानित किया। मंडल ने कहा कि उनके पास कुल 78 क्विंटल धान है और पहले दिन ही 20 क्विंटल बेचकर वह खुश हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा प्रति क्विंटल 3100 रुपये के समर्थन मूल्य को किसानों के लिए एक बड़ी राहत बताया।
कलेक्टर ने दी स्पष्ट निर्देश
कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी किसान को टोकन, तौल या भुगतान में कोई समस्या न हो। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसान कम समय में अपना धान बेचकर घर लौट सकें और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वायरल बर्खास्तगी नोटिस से हलचल
इस बीच, हड़ताल पर बैठे समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों को लेकर बर्खास्तगी की एक वायरल नोटिस चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, यह नोटिस अभी तक हड़ताली कर्मचारियों को आधिकारिक रूप से नहीं मिला है और इसे संदिग्ध माना जा रहा है। वायरल नोटिस में कहा गया है कि सरगुजा में एक और कोरिया में दो समिति प्रबंधकों को बर्खास्त किया गया है। इस नोटिस ने हड़ताली कर्मचारियों के बीच हलचल मचा दी है, हालांकि इसकी सच्चाई पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आने वाले समय में चुनौती
जिले में इस वर्ष लगभग 55,937 पंजीकृत किसान हैं, और धान की फसल लगभग 58,219 हेक्टेयर में फैली हुई है। 54 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से इन किसानों से धान खरीदी की जाएगी। ऐसे में यदि हड़ताल जारी रहती है और प्रशासन के द्वारा नियुक्त किए गए नए प्रभारी व ऑपरेटरों का अनुभव कम रहता है, तो धान खरीदी में और अधिक समस्याएं आ सकती हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में कोई कठिनाई न हो और खरीदी का काम सुचारू रूप से चलता रहे।


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