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लेख@ मोदीजी की लोकप्रियता नहीं है कम

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17 सितम्बर 25 के दिन का प्रधान मंत्री मोदीजी का मीडिया में खुब खबर चल रही है कि वो 75 साल के हो जायेंगे और क़ोई और होगा इधर ऐ भी चर्चा में है उपराष्ट्रपति किसी दबाब में इस्तीफा दिए हैं और इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी को भी घसीटा जा रहा और बहुत से यू टुबर ने इतना गन्दा राजनीति बयान दे रहें हैं कि उपराष्ट्रपति कँगना रनौत होगी ऐसा गलत संदेश पहुँचाना देश के प्रधानमंत्री का अपमान है नारजगी है तो अगले चुनाव में उनके खिलाफ वोट दे देना लेकिन घटिया यू टुब मत बनाएं इससे पढ़े लिखे लोग में आपके चैनल में गलत संदेश जाता है जो उनकी नहीं आपकी मानसिकता को गलत दृष्टिकोण से देखती है। देखिए ऐ लोकतान्ति्रक देश है इसमें संख्या बल देश को सरकार बनाती है आज ऐ बात सही है बीजेपी के पास बहुमत नहीं है लेकिन थोड़ा ही कम है मात्र 30 सांसद जो एनडीए के 292 सीट के साथ बहुमत में हैं 75 साल उम्र पर बहस करना प्रधानमंत्री जैसे पद के लिए ठीक नहीं है क्योंकि 2024 का चुनाव मोदीजी के नेतृत्व में लड़ा गया और एनडीए की सरकार बनी जहाँ तक किसी को लाने या ना लाने का प्रश्न है उसमें जब आप जीतते हैं तो सब आपके पीछे लग जाते हैं और जब हारते हैं तो भाग कर इधर उधर चले जाते हैं मोदीजी भले ही 17 सितम्बर 25 को 75 साल के हो जाए लेकिन प्रधानमंत्री लोकतान्ति्रक व्यवस्था है अतः जब 2024 में सब कुछ स्पष्ट हो गया तो उम्र का सवाल ही पैदा नहीं होता ट्रम्प जो 79 साल के हैं वो अमेरिका के राष्ट्रपति है अतः किसी नेता के नाम की चर्चा करना की योगीजी होंगे, केंद्रीय मंत्री गडकरी जी होंगे या राजनाथ सिंह होंगे ऐ सब एक भर्मित करना और देश हित में नहीं है आज किसी से पूछ लीजियेगा मोदीजी की लोकप्रियता सभी नेता से ज्यादा है और क़ोई एन डी ए में अपना भी भविष्य देखेगा तो मोदीजी पर पूर्ण भरोसा होगा ऐसा इसलिए है कि उनके पास ना तो बहुत बड़ी संपत्ति है और ना ही परिवार लेकिन सभी लोग चाहते हैं प्रधानमंत्री के लिए 6 राज्य यूपी, महाराष्ट्र,मप्र, गुजरात और बिहार बहुत महत्वपूर्ण हैं और ऐसे कर्नाटक भी है लेकिन जब देश की बात आती है तो उप्र और बिहार को पहले देखा जाता है जहाँ बीजेपी का गढ़ है और वहाँ मोदीजी को लोग इसलिए पसंद करते हैं कि क्योंकि वहाँ महिलाओ, बुजुर्गो और युवाओ का बड़ा तपका उनके पक्ष में नजर आता है। 2014 चुनाव से पहले ऐसा लग रहा था कि बीजेपी अब कभी सत्ता में नहीं आएगी लेकिन मोदीजी को जनता ने पसन्द किया और जीत मिली जितने पर जो उनके खिलाफ भी थे सब ने भरे मन से नहीं लेकिन किसी पद की लालच में वाहवाही लूटने की कोशिश की और कहीं राज्यपाल कहीं मंत्री के रूप में जमे रहें और सभी जो पहले सत्ता का स्वाद चख चुके थे नहीं मिलने पर नाखुश हुए जो ठीक नहीं है। अतः जो होगा वो भी प्रभु राम की मर्जी से होगा लेकिन प्रधानमंत्री को एनडीए का पूर्ण समर्थन प्राप्त है और जो दूसरे की थाली में खाकर उसका छेद करता है जो ऐ गद्दारी है ऐसा करना सही नहीं है और खुद ही धोखा खाता है । मैंने सभी से राय भी ली अधिकतर लोगों ने मोदीजी पर भरोसा जताया है क्योंकि उनका कार्यकाल लोगों से बात करने का संबाद अच्छा रहा है। अतः आजकल खुद को बदलना जरुरी है इसलिए भगवान श्री राम का ध्यान करें सुबह से ही लगभग सभी व्हाट्सऐप्प पर किसी के घर में क्या हो रहा है उसकी निंदा,गलती और अपने को अच्छा बनाने की होड़ में लगे रहते है जिससे नफरत और घृणा पैदा होती है। अतः सबकुछ भगवान राम देख रहें हैं समय का इंतज़ार करें और भगवान राम समय से चलते हैं और संसार में कुछ भी गलत नहीं होने देंगे। आज थाईलैंड और कॉम्बोडिया में युद्ध चल रहा है जहाँ भगवान श्री राम की एक अयोध्या भी है। अतः सारे संसार पर उनकी नजर हैं । आपने भगवान श्री राम को जानने में कितना समय दिया और भगवान श्री राम ने आपको कितना दिया एक बार अवश्य मूल्यांकन करें । बहुत कुछ दिया है अतः आप इधर उधर की बातों में विश्वास ना करें जो होगा वो भारत के विकास के लिए होगा। अब तो एनडीए ने 1 साल से ज्यादा का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है।
संजय गोस्वामी
मुंबई,महाराष्ट्र


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