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अम्बिकापुर @ कलम बंद का तेरहवां दिन @ खुला पत्र @आपके स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद विभाग का हाल-बेहाल है…मंत्री जी…यह बात चौथा स्तंभ नहीं बताएगा…तो कौन बताएगा…?

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-रवि सिंह-
रायपुर/अम्बिकापुर,12 जुलाई 2024 (घटती-घटना)।
प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज को दबाना चाहते हैं वह सिर्फ इसलिए कि उन्हें अखबार में वाही-वाही पसंद है,यदि अखबार विभाग की कमियों का प्रकाशन करता है तो उसे तरह-तरह से दबाने का कुत्सित प्रयास मंत्री द्वारा खुद ही किया जाएगा। विभाग में असंख्य कमियां हैं…विभाग सीधे आम जन से जुड़ा हुआ है…तनिक भी लापरवाही और कमी का असर जनता पर ही पड़ना है…लेकिन स्वास्थ्य मंत्री को इन सबसे कोई लेना-देना नहीं…क्योंकि सत्ता और पद का घमंड अभी सर चढ़कर बोल रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधा दिनों-दिन बेपटरी होती जा रही है,लेकिन सलाहकारों के प्रभाव में मंत्री को यह सब नहीं दिखलाई दे रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के पड़ोसी जिला कोरिया में अब एक नया मामला सामने आया है जो कि अत्यंत हास्याप्रद है, इतने में भी यदि मंत्री को समझ ना आए तो यह घोर आपत्तिजनक है।


कोरिया जिला स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो विभाग में प्रदेश भर में त्राहिमाम मचा हुआ है। इससे पहले ऐसी स्थिति कभी नहीं रही। बतलाया जाता है कि कोरिया जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी हेतु अलग-अलग शाखाओं को वाहन भी आबंटित किया गया है, जिनमें कि प्रभारी स्थानीय पंप संचालकों से डीजल भराकर क्षेत्र का दौरा करते थे। अब इस माह से पंप संचालकों ने पिछले नवंबर-दिसंबर से भुगतान ना होने के कारण डीजल देना बंद कर दिया है। बतलाया जाता है कि सीएमएचओ के माध्यम से एनएचएम शाखा का लगभग 8 लाख रूपये राज्य द्वारा प्राप्त ना होने के कारण भुगतान नही किया गया है। बतलाया जाता है कि राशि स्वीकृत होने के बाद राज्य से राशि जिले में नहीं भेजी गई,जिससे कि वाहन में डीजल नहीं डलाया जा रहा है और राष्ट्रीय कार्यक्रम की निगरानी नहीं हो पा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत मलेरिया,टीबी,टीकाकरण, कुष्ठ आदि अभियान में चल रही वाहनें बंद होने से अब इनकी निगरानी बंद हो चुकी है। सीएमएचओ के रेगुलर हेड से डीजल मिलने पर कुछ वाहनें जरूर चल रही हैं।


बतलाया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत बाजार-हॉट योजना संचालित होती है,इसके अंतर्गत पटना बीएमओं के माध्यम से भी इस योजना अंतर्गत वाहन चलती है जो कि बाजार स्थल में जाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया उपलब्ध कराती है लेकिन बीएमओ पटना के रेगुलर हेड में पैसा ना मिलने के कारण पंप संचालक ने डीजल देने से मना कर दिया है। यहां भी लगभग 9 लाख रूपये का भुगतान बाकी है।


एनएचएम यानि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत इस वर्ष के लिए आरओपी अपै्रल माह में ही आ चुका है लेकिन आरओपी जिला स्तर पर नहीं भेजा गया है। आरओपी यानि कि स्वीकृत एनएचएम पीआईपी को आरओपी कहा जाता है और इसमें वित्तीय वर्ष के लिए अनुमोदित गतिविधियों के साथ-साथ उनके संगत बजट का भी उल्लेख होता है। निधि आबंटन और रिलीज केन्द्र स्वीकृत पीआईपीके लिए धनराशि आबंटित करता है और उसे जारी करता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए अभी तक आरओपी नहीं भेजा जाना भी काफी संदेहास्पद है।


कोरिया में एनएचएम अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को इस माह का अभी तक मानदेय नहीं दिया गया है। कोरिया जिले में लगभग 350 कर्मी कार्यरत है जो कि आर्थिक रूप से परेशान है। कम मानदेय प्राप्त करने वाले कर्मचारी इससे ज्यादा पीçड़त हैं। कर्मचारी नौकरी बचाने कुछ बोलना नहीं चाहते। यह स्थिति राज्य भर में बनी हुई है। कोरिया जिले में 25 करोड़ से अधिक की राशि प्रतिवर्ष एनएचएम को प्राप्त होती है।


बतलाया जाता है कि एनएचएम अंतर्गत विभिन्न जिलों के लिए राशि का आबंटन किया जाता है लेकिन इस बार जिलों को राशि का आबंटन नहीं किया गया है। बतलाया जाता है कि इस बार मंत्री जी की इच्छा पर खरीदी राज्य स्तर से की जानी है इसलिए जिलों को राशि का आबंटन नहीं किया गया,अब सारी खरीदी राज्य स्तर से किये जाने की चर्चा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि विभाग में प्रदेश भर में यही स्थिति बनी हुई है,कर्मचारी परेशान हैं।


घटती-घटना अखबार के द्वारा प्रदेश में लचर स्वास्थ्य सुविधा को लेकर लगातार खबर का प्रकाशन किया जा रहा था और यह बात प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को अच्छी नहीं लगी तो मंत्री जी ने कमियों को ठीक करने की बजाए उल्टा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज को ही कुचलने का प्रयास शुरू कर दिया। आज भी जिस प्रकार से कमियों को बतलाया जा रहा है वह प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के लिए सिर्फ एक खबर है उन्हें इससे कोई लेना-देना नहीं कि पैसे के अभाव में पंप संचालक ने डीजल देना बंद कर दिया है। जब वाहनों को डीजल नहीं मिलेगा तब वाहनें और एनएचएम के विभिन्न शाखाओं के प्रभारी ग्राउंड स्तर तक दौरा कैसे करेंगे यह बड़ा सवाल है। अब यदि इस प्रकार की कमियों को देखकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को यह लगता है कि अखबार को दबा लिया जाएगा तो यह कतई संभव नहीं है।


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