
GenZ से जुड़ने पर फोकस,सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सीख,फील्ड पर वर्किंग1
रायपुर,21 सितम्बर 2026। कांग्रेस के 74 ब्लॉक अध्यक्षों की 3 दिवसीय ट्रेनिंग का सोमवार को दूसरा दिन है। जोरा के प्रतिष्ठा मांगलिक भवन में चल रहे शिविर में आज संगठन को जमीन पर सक्रिय रखने के साथ नई पीढ़ी यानी GenZ से जुड़ने और सोशल मीडिया पर पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। रायपुर संभाग के सभी ब्लॉक अध्यक्षों के साथ मास्टर ट्रेनर भी इसमें शामिल हैं। पहले दिन नेताओं ने पार्टी की विचारधारा,इतिहास,धर्मनिरपेक्षता और संगठन सृजन जैसे विषयों पर बात की थी। दूसरे दिन प्रशिक्षण का रुख ज्यादा व्यावहारिक कामकाज की तरफ है। ब्लॉक अध्यक्षों को यह समझाने पर जोर है कि अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क कैसे रखा जाए,संगठन को सक्रिय कैसे रखा जाए और बदलते दौर में युवाओं तक पार्टी की बात कैसे पहुंचाई जाए।
GenZ तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया पर फोकस : प्रशिक्षण में सोशल मीडिया को सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं से जुड़ने के एक अहम प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल करने पर जोर है। ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने और स्थानीय संगठन की गतिविधियों को वहां प्रभावी तरीके से पहुंचाने की जानकारी दी जा रही है। फोकस खास तौर पर इस बात पर है कि युवा क्या देख रहे हैं,किस तरह की भाषा और सामग्री से जुड़ रहे हैं और ब्लॉक स्तर की गतिविधियों को डिजिटल माध्यम से कैसे लोगों तक पहुंचाया जाए। पहले दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्तमान राजनीति में धर्म और धर्मनिरपेक्षता, टीएस सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व और जनकल्याणकारी योजनाओं में खर्च, डॉ. शिवकुमार डहरिया ने सामाजिक समरसता, युगल पांडेय ने प्रशिक्षण की भूमिका और संगठन सृजन और अशोक चतुर्वेदी ने कांग्रेस की विचारधारा और इतिहास पर सत्र लिया था। रायपुर संभाग का यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण 22 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद प्रशिक्षण अभियान को आगे बढ़ाने की योजना है। ब्लॉक अध्यक्षों के बाद विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों और फिर मंडल-बूथ स्तर तक प्रशिक्षण ले जाने की तैयारी है। यानी कांग्रेस का फोकस सिर्फ नए पदाधिकारियों को पार्टी की विचारधारा बताने तक नहीं, बल्कि ब्लॉक से बूथ तक संगठन चलाने का एक समान तरीका तैयार करने पर है। संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश के दूसरे संभागों में भी ब्लॉक स्तर के प्रशिक्षण आयोजित हो चुके हैं।
ब्लॉक अध्यक्षों को सिर्फ बैठकें नहीं,फील्ड में काम करना है…
ट्रेनिंग का दूसरा बड़ा हिस्सा फील्ड वर्क है। ब्लॉक अध्यक्षों की जिम्मेदारी सिर्फ बैठक बुलाने या पार्टी के कार्यक्रम कराने तक सीमित नहीं रखने पर जोर दिया जा रहा है। उन्हें अपने इलाके के कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क में रहने और संगठन की गतिविधियों को नीचे तक ले जाने की भूमिका समझाई जा रही है। यानी ब्लॉक अध्यक्षों को अपने क्षेत्र में संगठन की रोजमर्रा की गतिविधियों का संचालन करने वाले पदाधिकारी के तौर पर तैयार किया जा रहा है।
अनुशासन भी प्रशिक्षण का हिस्सा
3 दिन के आवासीय शिविर में संगठन के भीतर अनुशासन को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। पहले दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रतिभागियों से पूरे प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन के साथ रहने की बात कही थी।
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