Breaking News

सोनहत/कोरिया@अंशकालिक सफाई कर्मचारियों का ऐलान…अक्टूबर में जिला मुख्यालय पर होगा शक्ति प्रदर्शन

Share

  • सफाई कर्मचारी अब आर-पार के मूड में,अक्टूबर में जिला मुख्यालय पर विशाल रैली…
  • सालों की सेवा,फिर भी अंशकालिक! सफाई कर्मचारियों ने अक्टूबर में रैली का किया ऐलान…
  • मानदेय से नहीं चल रहा परिवार, पूर्णकालिक दर्जे के लिए सफाई कर्मचारियों ने कसी कमर…
  • स्कूलों की सफाई करने वाले कर्मचारियों ने उठाई आवाज,अक्टूबर में जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन
  • सफाई कर्मचारियों की हुंकार-पूर्णकालिक करो, कलेक्टर दर पर वेतन दो… सोनहत से उठी आवाज,अक्टूबर में जिला मुख्यालय पर जुटेंगे अंशकालिक सफाई कर्मचारी


-रवि सिंह-
सोनहत/कोरिया,21 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
सरकारी स्कूलों में वर्षों से सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे अंशकालिक स्कूल सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन की तैयारी तेज हो गई है, अंशकालिक स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ,ब्लॉक सोनहत की रविवार को मिनी स्टेडियम सोनहत में महत्वपूर्ण बैठक हुई,बैठक में विकासखंड क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और अपनी सेवा शर्तों,मानदेय तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में कर्मचारियों ने साफ किया कि अब मांगों को केवल ज्ञापन और बैठकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। संगठन ने अक्टूबर माह में जिला मुख्यालय पर विशाल रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है। रैली के बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अंशकालिक कर्मचारियों को पूर्णकालिक करने, कलेक्टर दर पर वेतन देने तथा वेतन वृद्धि संबंधी लंबित मांगों पर निर्णय लेने की मांग की जाएगी, यह मांग ऐसे समय में फिर सामने आई है,जब प्रदेश स्तर पर भी अंशकालिक स्कूल सफाई कर्मचारी अपनी सेवा शर्तों और मानदेय को लेकर आंदोलन करते रहे हैं,अगस्त 2026 में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार कर्मचारी संगठनों ने पूर्णकालिक करने और कलेक्टर दर पर वेतन सहित मांगों को लेकर शासन को सितंबर अंत तक कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया था।
सालों से स्कूलों में सेवा,लेकिन दर्जा अब भी अंशकालिक-बैठक में कर्मचारियों ने अपनी सबसे प्रमुख मांग अंशकालिक सेवा को पूर्णकालिक किए जाने की रखी,उनका कहना है कि वे लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सफाई व्यवस्था से जुड़े दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं,स्कूलों की स्वच्छता बनाए रखने के साथ कई जगहों पर विद्यालय की दैनिक व्यवस्थाओं में भी उन्हें सहयोग करना पड़ता है, कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उनकी सेवा स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है,वे चाहते हैं कि उनके कार्य और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें पूर्णकालिक कर्मचारी का दर्जा दिया जाए तथा वेतन का निर्धारण कलेक्टर दर के आधार पर किया जाए,यह मुद्दा केवल सोनहत तक सीमित नहीं है,प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्कूल सफाई कर्मचारी संगठन समय-समय पर पूर्णकालिक नियुक्ति,कलेक्टर दर पर भुगतान और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं,2025 में भी कर्मचारियों ने विभिन्न स्तरों पर रैली और ज्ञापन के जरिए इन्हीं मांगों को उठाया था।
कम मानदेय में परिवार चलाने की चुनौती-बैठक में कर्मचारियों ने महंगाई के बीच कम मानदेय को लेकर भी अपनी परेशानी रखी, उनका कहना है कि घरेलू जरूरतों,बच्चों की शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजमर्रा के खर्च में लगातार वृद्धि हो रही है,जबकि उनके पारिश्रमिक में उस अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है, कर्मचारियों का कहना है कि सीमित मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है,इसी कारण वे सरकार से ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जिसमें उनके कार्य के अनुरूप सम्मानजनक भुगतान सुनिश्चित हो सके,प्रदेश में न्यूनतम वेतन और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की दरें समय-समय पर संशोधित होती हैं,उदाहरण के तौर पर छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला प्रशासन ने 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी दैनिक वेतन एवं परिवर्तनशील महंगाई भत्ते की संशोधित दरों का आदेश जारी किया है, हालांकि, सोनहत के कर्मचारियों की मांग सीधे तौर पर कलेक्टर दर पर वेतन और पूर्णकालिक सेवा से जुड़ी है, इसलिए उनका कहना है कि सरकार को उनकी सेवा प्रकृति और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
अक्टूबर में जिला मुख्यालय पर जुटेंगे कर्मचारी-बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय आगामी आंदोलन को लेकर रहा, कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से तय किया कि अक्टूबर में जिला मुख्यालय पर विशाल रैली आयोजित की जाएगी,रैली में सोनहत के अलावा जिले के अन्य विकासखंडों में कार्यरत अंशकालिक स्कूल सफाई कर्मचारियों को भी शामिल करने की तैयारी की जाएगी,संगठन का उद्देश्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को एक मंच पर लाकर अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाना है,रैली के बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की योजना है। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन प्रमुख मुद्दे रखे जाएंगे— पहला—अंशकालिक कर्मचारियों को पूर्णकालिक किया जाए,दूसरा—कलेक्टर दर के अनुसार वेतन का भुगतान किया जाए,तीसरा—वेतन में 50 प्रतिशत वृद्धि से संबंधित मांग/वादे पर निर्णय लिया जाए,कर्मचारियों का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।
सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है कर्मचारियों की भूमिका-बैठक में कर्मचारियों ने अपने काम की प्रकृति को लेकर भी चर्चा की,उनका कहना है कि स्कूल में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और विद्यालय के समग्र वातावरण से सीधे जुड़ा हुआ है,उनके अनुसार स्कूल खुलने से पहले परिसर और आवश्यक स्थानों की सफाई,विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखना तथा कई जगहों पर विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग जैसे काम भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा बन जाते हैं,कर्मचारियों का तर्क है कि जब स्कूल व्यवस्था में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है तो सेवा की स्थिति और भुगतान की व्यवस्था भी उसी अनुरूप होनी चाहिए, वहीं,प्रदेश में पूर्व में कर्मचारी संगठनों ने यह भी आरोप लगाया है कि कई स्कूलों में भृत्य या अन्य सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई कर्मचारियों से निर्धारित काम से अधिक जिम्मेदारियां ली जाती हैं,यह कर्मचारी संगठनों का दावा है और स्थानीय स्तर पर इसकी वास्तविक स्थिति स्कूलवार अलग हो सकती है।
संगठन ने कहा…मांग व्यक्तिगत नहीं, सामूहिक है-बैठक में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि आंदोलन किसी एक कर्मचारी के वेतन या व्यक्तिगत सुविधा का मामला नहीं है, यह उन सभी कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़ा विषय है जो लंबे समय से अंशकालिक व्यवस्था के तहत स्कूलों में काम कर रहे हैं, कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी सेवा को पूर्णकालिक किया जाता है और कलेक्टर दर पर वेतन मिलता है तो इससे उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी,साथ ही लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को अपनी सेवा के भविष्य को लेकर अधिक स्पष्टता मिलेगी, संगठन ने कर्मचारियों से अपील की कि वे आपसी मतभेद से ऊपर उठकर सामूहिक रूप से अपनी मांगों को शासन के सामने रखें।
बैठक में पदाधिकारियों ने ली समस्याओं की जानकारी-बैठक में संगठन के जिला अध्यक्ष लाल सिंह पोर्ते और जिला सचिव बिनेश कुमार किंडो विशेष रूप से मौजूद रहे,पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से उनकी समस्याओं और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली परेशानियों की जानकारी ली,बैठक में सेवा शर्तों,मानदेय,काम की प्रकृति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई,पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन कर्मचारियों की मांगों को जिला स्तर से शासन तक पहुंचाने के लिए चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा,इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद,ब्लॉक सचिव संतोष सोनवानी,सम्पत लाल खैरै,धर्मपाल, श्रीकुमार,किशोर कुमार,संत कुमार,विभीषण सिंह, पतिराम सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
अब ज्ञापन से आगे रैली की तैयारी- बैठक का माहौल इस बात का संकेत देता है कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अब जिला स्तर पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं,हालांकि अक्टूबर की रैली की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम बाद में संगठन द्वारा तय किया जाना है,रैली के जरिए कर्मचारी अपनी मांगों को प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएंगे। इसके बाद शासन की ओर से क्या जवाब आता है,यह आंदोलन की अगली दिशा तय कर सकता है, प्रदेश में इस वर्ग की मांगें पहले भी कई बार आंदोलन का रूप ले चुकी हैं। 2026 में भी अलग-अलग स्तरों पर ज्ञापन और आंदोलन की खबरें सामने आई हैं। मई 2026 में बालोद में कर्मचारियों ने अतिरिक्त कार्य के भुगतान और निर्धारित कार्य अवधि जैसे मुद्दे उठाए थे।
सरकार के सामने अब तीन प्रमुख सवाल सोनहत की बैठक के बाद कर्मचारियों की मांगों का केंद्र तीन मुद्दों पर आ गया है—पूर्णकालिक सेवा, कलेक्टर दर पर वेतन और 50 प्रतिशत वेतन वृद्धि, कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से स्कूलों में काम कर रहे हैं और अब उन्हें अपनी सेवा के भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय चाहिए,अक्टूबर की प्रस्तावित रैली इसी मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर उनकी सामूहिक आवाज बनने की तैयारी है, अब देखना यह होगा कि रैली से पहले या रैली के बाद शासन की ओर से इन मांगों पर कोई औपचारिक निर्णय,वार्ता या नई पहल सामने आती है या नहीं, फिलहाल सोनहत से उठी यह आवाज अक्टूबर में जिला मुख्यालय तक पहुंचाने की तैयारी में है, अंशकालिक स्कूल सफाई कर्मचारी अब केवल मानदेय बढ़ाने की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपनी सेवा की प्रकृति बदलने और कलेक्टर दर पर वेतन के साथ भविष्य को अधिक सुरक्षित करने की मांग को आंदोलन का मुख्य आधार बना चुके हैं।
50 प्रतिशत वेतन वृद्धि के वादे का भी उठाया मुद्दा
बैठक में कर्मचारियों ने चुनाव पूर्व किए गए 50 प्रतिशत वेतन वृद्धि के कथित वादे को भी प्रमुखता से उठाया,कर्मचारी नेताओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया था और वेतन वृद्धि का मुद्दा घोषणा पत्र में शामिल किए जाने की बात कही गई थी,कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे इस वादे के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं,संगठन ने मांग की है कि यदि वेतन वृद्धि का प्रावधान या आश्वासन किया गया था तो उसकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए और लंबित मांग पर निर्णय लिया जाए,इस मुद्दे पर पूर्व में भी कर्मचारी संगठनों द्वारा सरकार के समक्ष मांग रखी जाती रही है,उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में भी 50 प्रतिशत वेतन वृद्धि और कलेक्टर दर पर भुगतान की मांग को कर्मचारी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में बताया गया है,हालांकि,किसी घोषणा या घोषणा-पत्र में किए गए वादे की वर्तमान प्रशासनिक स्थिति का अंतिम निर्धारण संबंधित सरकारी आदेशों और बजट/विभागीय रिकॉर्ड से ही होगा, बैठक में कर्मचारियों ने अपनी ओर से इस मांग को फिर प्रमुखता से उठाया है।


Share

Check Also

कोरिया/पोड़ी-बचरा@पोड़ी-बचरा के गणेश पंडालों में पहुंचे अशोक जायसवाल,विधिवत पूजा-अर्चना कर मांगा क्षेत्र की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

Share गणेश उत्सव में अलग-अलग समितियों के आयोजन में हुए शामिल,बिशुनपुर जूनापारा में जगराता और …

Leave a Reply