GSLV-F 17 ने 36 हजार किमी ऊंचाई पर जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में पहुंचाया अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई नेताओं ने इसरो को दी बधाई…
नई दिल्ली,04 सितम्बर 2026। भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार सुबह आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F17 रॉकेट के जरिए देश के पहले इमेजिंग अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-05 का सफल प्रक्षेपण किया। उपग्रह को करीब 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित किया गया। सफल प्रक्षेपण के बाद देशभर से इसरो की टीम को बधाइयां मिलने लगीं। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि GSLV-F17 की सफल उड़ान भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार और बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करती है। उन्होंने इसरो और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ती साझेदारी को भी देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण बताया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित EOS-05 भारत की पृथ्वी-अवलोकन क्षमताओं को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि इसरो और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ता सहयोग स्वदेशी क्षमताओं को मजबूती देने के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोल रहा है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इस उपलब्धि को अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की एक और बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने कहा कि श्वह्रस्-05 अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जो विजिबल, इन्फ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपर-स्पेक्ट्रल बैंड में उन्नत इमेजिंग क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरिक्ष क्षमताएं लगातार नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सफल प्रक्षेपण को भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की प्रतिभा तथा तकनीकी क्षमता का प्रमाण बताया। वहीं पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह उपलब्धि अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में विश्वस्तरीय क्षमताएं विकसित करने की दिशा में भारत की निरंतर प्रगति को दर्शाती है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी त्रस्रुङ्क-स्न17 के सफल प्रक्षेपण को भारत की बढ़ती पृथ्वी-अवलोकन क्षमताओं की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस उपलब्धि पर वैज्ञानिकों, अंतरिक्ष इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्वह्रस्-05 भारत की पृथ्वी को देखने और समझने की क्षमता को और मजबूत करेगा तथा देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले वैज्ञानिकों की मेहनत पर गर्व है। श्वह्रस्-05 की अत्याधुनिक इमेजिंग क्षमता पृथ्वी की सतह से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने में उपयोगी होगी। इसके सफल प्रक्षेपण ने एक बार फिर अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता और वैश्विक स्तर पर मजबूत होती स्थिति को रेखांकित किया है।
उपराष्ट्रपति ने ईओएस-05 सैटेलाइट के सफल प्रक्षेपण पर जताई खुशी
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को देश के पहले इमेजिंग सैटेलाइट ईओएस-05 के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण पर खुशी जताते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की टीम को बधाई दी। उपराष्ट्रपति ने एक्स पोस्ट में लिखा,‘आज श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ17 ईओएस-05 मिशन के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई। भारत के पहले इमेजिंग सैटेलाइट ईओएस-05 को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में सफलतापूर्वक स्थापित करना,भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक अहम पड़ाव है। भारत के लिए गर्व का क्षण और देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक और शानदार उपलब्धि!
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