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अम्बिकापुर@जनहित की आवाज और आधुनिक खेती के पैरोकार लल्लू विजय शरण सिंह का निधन

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74 वर्ष की उम्र में बिलासपुर के अस्पताल में ली अंतिम सांस, क्षेत्र में शोक की लहर…आज सुबह 11 बजे गृह निवास से निकलेगी अंतिम यात्रा


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,25 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। नगर से लगे ग्राम लब्जी (महुआटिकरा-भिठीकला) निवासी एवं क्षेत्र में जनहित के मुद्दों को लेकर सदैव सक्रिय रहने वाले लल्लू विजय शरण सिंह (74) का मंगलवार दोपहर बिलासपुर के प्रथम हॉस्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे ब्रेन हेमरेज के बाद अस्पताल में उपचाररत थे। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और उन्होंने जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष करते हुए अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
जनहित के मुद्दों पर हमेशा मुखर रहे…
लल्लू विजय शरण सिंह अपने स्पष्ट विचारों और बेबाक व्यक्तित्व के लिए क्षेत्र में अलग पहचान रखते थे। जनहित से जुड़े मुद्दों, क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं और सामाजिक सरोकारों को लेकर वे हमेशा सक्रिय रहते थे। आम लोगों की समस्याओं को अपनी समस्या मानकर उनके समाधान के लिए आवाज उठाना उनके स्वभाव में शामिल था। सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों पर भी वे स्वतंत्र सोच रखते थे और आमजन के हित में अपनी बात बेबाकी से रखने के लिए जाने जाते थे। क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में थी, जो किसी भी जनसमस्या को लेकर चुप बैठने के बजाय उसके समाधान के लिए प्रयास करता था।
आधुनिक खेती के भी रहे पक्षधर
सामाजिक सरोकारों के साथ लल्लू विजय शरण सिंह की कृषि में भी विशेष रुचि थी। वे परंपरागत खेती के साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के पक्षधर रहे। खेती को बेहतर और लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीक एवं वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने के प्रति वे किसानों को भी प्रोत्साहित करते थे।
परिवार में पसरा मातम
उनके निधन से परिवार में गहरा दुःख व्याप्त है। वे अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से बिलासपुर से उनके गृह निवास लाया जा रहा है।
आज निकलेगी अंतिम यात्रा
परिजनों के अनुसार लल्लू विजय शरण सिंह की अंतिम यात्रा बुधवार सुबह 11 बजे उनके गृह निवास से निकाली जाएगी। उनके निधन पर क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक एवं आम नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। जनहित के सवालों पर बेबाक आवाज उठाने वाला एक सक्रिय चेहरा अब हमेशा के लिए खामोश हो गया।


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