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नई दिल्ली@संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया….

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संसद सत्र खत्म : लोकसभा 1 मिनट,राज्यसभा 1 घंटे चली,बंदर के खिलौने के साथ विपक्ष का प्रदर्शन
नई दिल्ली,13 अगस्त 2026। संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 1 मिनट चली,जबकि राज्यसभा करीब 1 घंटे चली। लोकसभा में पीएम मोदी,गृह मंत्री अमित शाह,पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे। स्पीकर ओम बिड़ला ने वंदे मातरम गान के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। वहीं,राज्यसभा में आखिरी दिन एमएमडीआर संशोधन बिल पास हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद हुए शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया।
लोकसभा में 114 घंटे में से 96 घंटे काम नहीं हुआ
मानसून सत्र में लोकसभा की 19 बैठकें हुईं। सदन की सामान्य बैठक सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक होती है। दोपहर 1 से 2 बजे तक लंच ब्रेक रहता है। यानी एक दिन में करीब 6 घंटे कार्यवाही का समय होता है। इस हिसाब से 19 बैठकों में करीब 114 घंटे कार्यवाही होनी थी,लेकिन यह करीब 17 घंटे 30 मिनट ही चली। यानी करीब 96 घंटे 30 मिनट कम कार्यवाही हुई। वहीं, 2025 का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक चला था। इसमें लोकसभा और राज्यसभा की 21-21 बैठकें हुईं। लोकसभा में सिर्फ 37 घंटे काम हुआ था।
मानसून सत्र में 12 नए बिल पेश, 11 दोनों सदनों में पास : 2026 के मानसून सत्र में कुल 12 नए बिल पेश किए गए। इनमें 10 लोकसभा और 2 राज्यसभा में पेश हुए। लोकसभा में आए बिल टैक्स, बैंकिंग, खनन, ट्रिब्यूनल, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, परीक्षा में नकल रोकने, केरल का नाम बदलने और सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या जैसे मुद्दों से जुड़े हैं। माइंस एंड मिनरल्स संशोधन बिल के राज्यसभा से पास होने के बाद अब 12 में से 11 बिल दोनों सदनों से पास हो चुके हैं। केवल भारतीय सांख्यिकी संस्थान बिल अभी दोनों सदनों से पास नहीं हुआ है। राज्यसभा में पेश किए गए दोनों बिल भी लोकसभा से पास हो चुके हैं।
रिजिजू बोले…सरकार चर्चा चाहती है और विपक्ष बहस से भाग रहा है…
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र चर्चा की नजर से अच्छा नहीं रहा। पहली बार ऐसा देखा गया है,जब सरकार संसद में चर्चा चाहती है और विपक्ष बहस से भाग रहा है।
राज्यसभा में रूरूष्ठक्र संशोधन बिल पास, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को 1ः06 घंटे चली। सदन में माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 पास हुआ। इसके बाद वंदे मातरम हुआ और सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
नड्डा बोले…भाजपा हल्द्वानी शुद्धिकरण की घटना का समर्थन नहीं करती
राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा…‘खड़गे जी ने जो कहा…वह बेहद दुःखद है। यह सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं,बल्कि हम सभी के लिए दुख की बात है। बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। कभी नहीं। लेकिन हम इसकी जांच करेंगे। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वहां जो कुछ हुआ,उसकी निश्चित रूप से जांच की जाएगी।’ मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। मैं इसकी निंदा करता हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मामले को देखेंगे। यह हम सभी के लिए बेहद अफसोस की बात है कि आपकी भावनाएं आहत हुईं। सभापति राधाकृष्णन ने कहा…छुआछूत जैसी कोई चीज नहीं होनी चाहिए। यह पाप है। हम सभी शुद्ध हैं। मामले की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए।
खड़गे ने कहा…हल्द्वानी में मेरे जाने के बाद स्टेज का शुद्धिकरण किया
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा…‘मैं हल्द्वानी में था,जहां मैंने रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया। वहां लाखों लोग मौजूद थे। उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया, बल्कि सिर्फ सरकार के मुद्दों को दोहराया। लेकिन मेरे भाषण के बाद बीजेपी के लोगों ने वहां उस मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए हवन किया।’
शाह ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर चर्चा के लिए स्पीकर को लेटर लिखा
गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जंतर-मंतर प्रदर्शन पर संसद में चर्चा की पेशकश करते हुए स्पीकर को पत्र लिखा है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को शाह का ‘लेक्चर’ नहीं चाहिए, पहले बताएं कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘मैं पूरी तरह निराश हूं। सरकार चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष भाग रहा है।’ उन्होंने कहा कि विपक्ष तैयार हो तो सत्र बढ़ाया जा सकता है।

‘जल्दी आओ सदन के अंदर’,हाथों में टेडी और बंदर लेकर विपक्ष ने संसद परिसर में की नारेबाजी


संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में खिलौना बंदर और टेडी लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा की अगुवाई में सांसदों ने नारेबाजी करते हुए सरकार पर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान ‘56 इंच का छोटा बंदर,जल्दी आओ सदन के अंदर’ का नारा लगाया गया। संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन अलग अंदाज में नजर आया। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा की अगुवाई में विपक्षी सांसद हाथों में खिलौना ‘बंदर’ और टेडी लेकर संसद परिसर में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा,‘56 इंच का छोटा बंदर,जल्दी आओ सदन के अंदर। ‘प्रदर्शन में महिला और पुरुष सांसद दोनों शामिल रहे। विपक्षी सांसदों ने इस प्रदर्शन के जरिए सरकार और प्रधानमंत्री पर सदन में आकर जवाब देने का दबाव बनाने की कोशिश की। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब पूरे मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच लगातार गतिरोध बना रहा। विपक्ष ने इस दौरान अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने का अवसर दिए जाने की मांग भी उठाई। इन मुद्दों को लेकर सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते कई विधायी कामकाज भी हंगामे के बीच आगे बढ़े।
झारखंड के छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा सांसदों का संसद परिसर में प्रदर्शन


झारखंड के छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा सांसदों ने गुरुवार को संसद भवन परिसर स्थित मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में सांसदों ने छात्रों के साथ कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। भाजपा ने कहा कि छात्रों की न्याय की लड़ाई अब राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं है और पार्टी उनकी आवाज संसद तक पहुंचा रही है। खगोलशास्त्र इस दौरान साहू ने कहा कि झारखंड में पिछले 20 दिनों से छात्र आंदोलनरत हैं। यहां कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है और सात सालों से कांग्रेस, झामुमो द्वारा नौकरियों को बेचा जा रहा है। राहुल गांधी में थोड़ी भी नैतिकता है तो उन्हें दिल्ली से ट्वीट-ट्वीट खेलने की बजाय झारखंड आकर छात्रों-युवाओं से बात करनी चाहिए। साथ ही सीएम हेमंत सोरेन सरकार से उन्हें दो टूक बात करनी चाहिए कि छात्रों की सीबीआई जांच की मांग को सरकार अविलंब पूरी करे। अगर सरकार उनकी बात नहीं मानती है तो सरकार से समर्थन वापस लेकर उन्हें छात्रों के साथ अनशन पर बैठना चाहिए। साहू ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो झारखंड के युवाओं के हक अधिकार को छीनने का काम कर रही है।


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