नई दिल्ली,05 अगस्त 2026। यदि आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस नहीं है, तो आने वाले समय में पेट्रोल पंप पर ईंधन मिलना मुश्किल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बिना बीमा वाले वाहनों पर सख्ती की जरूरत बताते हुए सुझाव दिया कि जिन वाहनों का वैध बीमा नहीं है,उन्हें पेट्रोल-डीजल न दिया जाए। साथ ही ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके मालिकों का ई-चालान भी किया जाए। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा कि देश की सड़कों पर चल रहे करीब 56 प्रतिशत वाहन,जिनमें अधिकांश दोपहिया हैं,बिना बीमा के हैं। यह स्थिति मोटर वाहन अधिनियम की धारा 146 के उद्देश्य को ही विफल कर देती है। इससे सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों को मुआवजा पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। देश में 30.4 करोड़ पंजीकृत वाहनों में से करीब 16.5 करोड़ वाहन बिना बीमा के हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं के 22 प्रतिशत मामलों में बिना बीमा वाले वाहन शामिल होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मिलकर एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार करें,जिसके तहत वाहनों को ईंधन तभी मिले,जब उनका इंश्योरेंस वैध हो। यदि बीमा समाप्त हो चुका है तो संबंधित वाहन को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाए। पीठ के अनुसार,इस व्यवस्था से बिना बीमा और बिना पंजीकरण वाले वाहनों की पहचान आसान होगी तथा वाहन मालिक समय पर बीमा कराने के लिए प्रेरित होंगे।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur