सूरजपुर से 1.83 लाख नागरिकों का समर्थन, गोहत्या-निषेध कानून, राष्ट्रमाता का सम्मान और केंद्रीय गो मंत्रालय गठन सहित 30 से अधिक मांगें उठाईं
-संवाददाता-
सूरजपुर,29 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को सूरजपुर सहित देशभर के सभी जिलों में गो संरक्षण और गो सम्मान से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, अभियान के तहत देशभर से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों के साथ प्रार्थना-पत्र सरकार को भेजे गए। अभियान के आयोजकों ने इसे जनभागीदारी का एक बड़ा प्रयास बताया, सूरजपुर जिले की ओर से 1,83,578 नागरिकों के हस्ताक्षरों का संकलित डाटा 7,215 पृष्ठों तथा एक पेनड्राइव के माध्यम से कलेक्टर को सौंपा गया, जिसे भारत सरकार को प्रेषित किया गया।
पूजन, मंत्रोच्चार और प्रार्थना यात्रा से हुई शुरुआत-कार्यक्रम का शुभारंभ गोमाता के पूजन, शंखनाद एवं ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ किया गया, इसके बाद गोभक्तों ने झंडे,बैनर,प्लेकार्ड और भजन-कीर्तन के साथ रंगमंच मैदान से कलेक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण प्रार्थना यात्रा निकाली, यात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण,बलराम एवं गोमाता की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं और आमजन के आकर्षण का केंद्र रहीं,बड़ी संख्या में महिलाओं,युवाओं, किसानों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया।
30 से अधिक मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन-कलेक्ट्रेट पहुंचने पर संत-महात्माओं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा,ज्ञापन में प्रमुख रूप से देशभर में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाने,गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान प्रदान करने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना,गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने सहित 30 से अधिक मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया।
गोमाता को बताया भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार-अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति, कृषि,पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती,ग्राम्य अर्थव्यवस्था और जनकल्याण का महत्वपूर्ण आधार रही है, उनका कहना था कि गो संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं,बल्कि कृषि,पर्यावरण और ग्रामीण विकास से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।
पहले चरण के बाद दूसरा चरण- अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि प्रथम चरण के अंतर्गत 27 अप्रैल 2026 को देशभर की लगभग 5,000 तहसीलों के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सरकार को सौंपे गए थे। अपेक्षित निर्णय नहीं होने के बाद अब दूसरे चरण में जिलास्तर पर पुनः अभियान चलाकर 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ अनुस्मारक ज्ञापन भेजा गया है।
कार्यक्रम में जिले के संत-महात्मा, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, मातृशक्ति, युवा, किसान, व्यापारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गोभक्त उपस्थित रहे।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur