परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा शुरू नहीं…विपक्ष का हंगामा,छात्रों की पिटाई मामले पर बहस के लिए अड़ा
नई दिल्ली,27 जुलाई 2026। ’पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ को लेकर संसद में हंगामा खत्म होने की उम्मीद है। विपक्ष आज इस पर चर्चा शुरू करने के लिए सहमत हो गया है। स्पीकर ओम बिरला ने पार्टियों के नेताओं से बातचीत की। जिसके बाद सरकार और विपक्ष दोनों ही 28 जुलाई को बिल पर चर्चा करने और वोटिंग के लिए तैयार हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार दोपहर 12 बजे से बिल पर चर्चा शुरू हो सकती है। इससे पहले सोमवार को लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया गया। हालांकि विपक्ष के हंगामे की वजह से चर्चा नहीं हो सकी। विपक्ष छात्रों पर हृश्वश्वभ् पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज के मामले पर बहस के लिए अड़ा रहा। कांग्रेस का कहना है कि इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान दें। इस वजह से लोकसभा की कार्यवाही दिन में 4 बार स्थगित हुई। जब भी कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस, सपा के सांसद वेल में बैनर लेकर पहुंच जाते और नारेबाजी करने लगते।
खड़गे बोले…अमित शाह
सदन में आकर बयान दें…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, ‘हम चर्चा से डरने वाले नहीं हैं। मैं चाहता हूं कि अमित शाह को सदन में आना चाहिए और बताना चाहिए लाठीचार्ज क्यों करवाया।’
इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे धर्मेंद्र
प्रधान, बीजेपी सांसदों ने जिंदाबाद के नारे लगाए…

पिछले हफ्ते छात्रों के जोरदार प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को जब संसद भवन पहुंचे तो मकर द्वार पर एनडीए सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उनके समर्थन में नारे में भी लगाए गए। बीजेपी सासंदों ने प्रधान जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इस्तीफे के बाद प्रधान पहली बार सार्वजनिक तौर पर दिखाई दिए। संसद के मकर द्वार पर ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई सांसद भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे जंतर-मंतर पर सीजेपी की अगुवाई में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को हुई घटना के लिए केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले हफ्ते शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन खत्म कर लिया।
पेपर लीक बिल पर चर्चा न
होने देना दुर्भाग्यपूर्ण : रिजिजू
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देशभर के छात्रों की मांगों और हाल में हुए छात्र आंदोलन को ध्यान में रखते हुए सरकार परीक्षा में पेपर लीक और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए आज एक बेहद महत्वपूर्ण विधेयक संसद में लेकर आई है। उन्होंने कहा कि यदि इतने बड़े छात्र आंदोलन के बाद भी इस मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं हो पाती, तो यह न संसद के लिए अच्छा है और न ही लोकतंत्र के लिए। ससंद बहस और चर्चा का सर्वोच्च मंच है, इसलिए ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर यहीं सार्थक चर्चा होनी चाहिए। रिजिजू ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल इस विधेयक पर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं तथा नारेबाजी, काले कार्ड दिखाकर और अन्य तरीकों से सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों से अपील की कि वे देश के छात्रों की भावनाओं को समझें और हंगामा करने के बजाय इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग लें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बड़ा निर्णय लिया है और इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक विधेयक पेपर लीक रोकने के लिए सख्त और समयबद्ध प्रावधानों के साथ-साथ दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करता है, जिससे छात्रों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा।
विपक्ष के सांसदों ने सरकार पर लगाया आरोप,कहा…‘सरकार जनता और छात्रों को कानून के नाम पर कर रही गुमराह’

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सोमवार को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026, छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने सरकार पर छात्रों के साथ कठोर व्यवहार करने,पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। वहीं, विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी और गृह मंत्री अमित शाह की निंदा की भी मांग दोहराई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों के खिलाफ अब भी एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस सूचना की अभी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि इसकी पुष्टि ही नहीं हुई है, तो फिर इस पर बहस का क्या औचित्य है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सार्वजनिक परीक्षाओं संशोधन विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पहले भी इस विषय पर कानून बना चुकी है। उन्होंने पूछा कि यदि पहले के कानून पर्याप्त थे, तो नए संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और सवाल किया कि क्या सरकार को पढ़े-लिखे छात्रों से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा महसूस हो रहा था। यदि सरकार वास्तव में कार्रवाई करना चाहती, तो अब तक जांच एजेंसियां ठोस नतीजे सामने ला चुकी होतीं। इमरान मसूद ने पेपर लीक के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाया है और मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। उनके अनुसार सरकार केवल नए कानून लाने की बात कर रही है,जबकि प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई होती,तो उसके परिणाम भी दिखाई देते। लोकसभा में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को बचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक अदालत ने एक आरोपी को जांच में खामियों के कारण बरी कर दिया था।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur