लैंगिक उत्पीड़न पर महिलाएं दर्ज करा सकती हैं शिकायत
-संवाददाता-
बलरामपुर,27 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक संस्थान एवं समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिसके लिए महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 लागू किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले की समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी संस्थाओं, कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों से अपील की गई है कि वे इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने आंतरिक शिकायत समिति को क्रियाशील रखें। उन्होंने बताया कि जिस भी कार्यालय, संस्था अथवा प्रतिष्ठान में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां इस अधिनियम के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना अनिवार्य है। यदि किसी महिला कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की घटना घटित होती है, तो वह निर्धारित समयावधि के भीतर इस समिति के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर सकती है। समिति शिकायत प्राप्त होने पर निष्पक्ष जांच कर अपनी अनुशंसा सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत करती है, जिसके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाती है। ऐसे कार्यस्थल जहां 10 से कम कर्मचारी कार्यरत हों अथवा जहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन संभव न हो, वहां पीडि़त महिला जिला स्तर पर गठित स्थानीय शिकायत समिति के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकती है। घरेलू कार्यकर्ता भी अपनी शिकायत स्थानीय शिकायत समिति के समक्ष दर्ज करा सकती हैं। समिति शिकायत की गोपनीयता बनाए रखते हुए निष्पक्ष जांच करती है तथा आवश्यक अनुशंसा संबंधित प्राधिकारी को भेजती है।
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