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रायपुर@उजड़ गए आशियाने…विधायक कॉलोनी बनाने के लिए चला बुलडोजर,रोते बच्चे बिलखती माताएं और सियासत का संग्राम

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  • बच्ची बोली…सुबह से कुछ नहीं खाया…महिलाएं रोईं…पुलिस से धक्का-मुक्की…नया रायपुर में मिलेंगे मकान
  • पीएम और इंदिरा आवास के 32 मकान भी टूटे,भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला बुलडोजर,सांसद के आश्वासन के बाद शुरू हुई कार्रवाई से ग्रामीणों में नाराजगी


रायपुर,29 जून 2026। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए सोमवार सुबह से प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह से अब तक 80 से अधिक मकानों को ध्वस्त किया जा चुका है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल हैं। कार्रवाई के लिए प्रशासन ने रविवार देर रात से ही गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था और एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। 29 जून की सुबह जेसीबी मशीनें गांव पहुंचीं तो कई ग्रामीण अपने घर बचाने के लिए मशीनों के सामने खड़े हो गए। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। विरोध बढ़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाते हुए कार्रवाई जारी रखी। फिलहाल 20 से 25 जेसीबी लगातार मकानों को तोड़ने में लगी हैं। ग्रामीणों में सबसे अधिक नाराजगी इस बात को लेकर है कि दो दिन पहले सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि बारिश के मौसम में किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे। इसके बावजूद सोमवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई शुरू होने से लोगों में आक्रोश फैल गया। कार्रवाई के दौरान कई परिवार घरों के बाहर अपना सामान लेकर बैठे नजर आए, जबकि कई लोग मलबे के बीच अपने सामान को समेटते दिखे। प्रशासन ने गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। किसी को भी गांव के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उनके घरेलू सामान को वाहनों में भरकर बाहर ले जाया जा रहा है, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया जा रहा कि सामान कहां रखा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। इस बीच जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया है। प्रशासन के मुताबिक कुल 75 प्रभावित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की तैयारी की गई है। इसके लिए मकानों के आवंटन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को चरणबद्ध तरीके से नए आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
लोग बोले…झूठा आश्वासन मिला…
वहीं इसके विरोध में ग्रामीण धरने पर बैठए गए थे,उनमें इसलिए भी आक्रोश है क्योंकि दो दिन पहले ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि बारिश के मौसम में किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे।
मकान के मलबे के पास बैठे रहे लोग…
सांसद के इस आश्वासन के बावजूद इस तोड़फोड़ से ग्रामीणों में गुस्सा है। कार्रवाई के दौरान मौके से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जहां लोग घरों के सामने सामान निकाल कर बैठे दिखे,तो टूटे मकानों के मलबे पर एक बुजुर्ग मासूम को गोद में लेकर बेबस नजर आए।
नया रायपुर में मिलेंगे मकान…
इधर,बढ़ते बवाल के बीच प्रशासन ने दावा किया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की तैयारी शुरू कर दी गई है और उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस मकानों में बसाने के लिए आवंटन प्रक्रिया जारी है।
टीएस सिंहदेव ने की कार्रवाई की निंदा…
इस कार्रवाई को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एक्स पर लिखा नकटी गांव में ठीक बरसात के मौसम के पहले इस असंवेदनशील कार्रवाई की मैं निंदा करता हूं। सरकार ने छत्तीसगढ़ के नागरिकों के हितों पर लगातार कुठाराघात कर शासन संभालने का नैतिक अधिकार खो दिया है।
प्रशासन और पुलिस टीम लौटी…
कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके से लौट गई है। वहीं दूसरी ओर, बेघर होने के विरोध में धरने पर बैठे लोग भी प्रशासनिक आश्वासन के बाद धीरे-धीरे वहां से हटने लगे। कार्रवाई के बाद ग्रामीण पास में ही धरने पर बैठ गए हैं। लोगों की नाराजगी है कि 23, 25 लोगों का उनका परिवार यहां 4 मकान में रहता था लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें एक ही घर दिए जाने की बात कह रहे हैं।
सुबह से भूखे-प्यासे थे बच्चे…
कार्रवाई के दौरान बेघर हुए बच्चों का दर्द भी छलक पड़ा। बच्चों ने बताया कि सुबह से वे भूखे-प्यासे थे और घरों पर खाना भी नहीं बना था, तभी पुलिस और नगर निगम की टीम आ धमकी और उनके आशियानों को तोड़ना शुरू कर दिया। इस बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच एक जहां एक तरफ लोगों के आशियाने उजाड़े जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक टीम ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभावित ग्रामीणों को नाश्ते के पैकेट भी बांटे।
मलबे में तब्दील हुआ घर
कार्रवाई के दौरान तोड़े गए घर के मलबे के पास ही सामान रखे थे जिसे निगम की टीम वहां से दूसरी जगह शिफ्ट कर रही है। लोगों को इसकी जानकारी नहीं है कि ये सामान कहां ले जाए जा रहे हैं।
सांसद ने बोला था- बारिश में मकान नहीं टूटेंगे
दो दिन पहले ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों को आश्वासन दिया था कि बारिश के सीजन में मकान नहीं तोड़े जाएंगे लेकिन सोमवार सुबह से कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस कार्रवाई के बाद लोगों के सामान शिफ्ट किए जा रहे हैं लेकिन सामान कहां भेजे जा रहे हैं ये जानकारी नहीं दी गई है। दो दिन अभी कार्रवाई चलती रहेगी।
गांव में लोगों की एंट्री बैन, 2 दिन चलेगी कार्रवाई
गांव में लोगों की एंट्री बैन कर दी गई है। किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है। लोगों के सामानों को मवेशी ले जाने वाले वाहनों में ठूंसकर बाहर लाया जा रहा है। 2 दिन अभी ये कार्रवाई चलेगी।
प्रभावितों को नया रायपुर में मिलेंगे मकान
नकटी गांव में चल रही बेदखली की कार्रवाई के बीच जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था शुरू कर दी है।
एसडीएम ने बताया कि कुल 75 प्रभावित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (श्वङ्खस्) आवासों में अस्थायी और स्थायी रूप से बसाने का इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए मकान आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।


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