

सरकारी गाइडलाइन की अनदेखी कर साहित्यकारों और कलाकारों की जगह भाजपा पदाधिकारियों को शामिल करने का लगाया आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
मनेंद्रगढ़/एमसीबी,29 जून 2026 (घटती-घटना)। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को लेकर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता गुलाब कमरो ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर इस यात्रा को राजनीतिक मंच बना दिया गया है, उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रा में जिले के साहित्यकारों, लोक कलाकारों, इतिहासकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को शामिल करने के बजाय भाजपा पदाधिकारियों को प्राथमिकता दी गई, जो सरकार की मंशा और निर्धारित गाइडलाइन के विपरीत है। गुलाब कमरो ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट उल्लेख है कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा में जिले की माटी, पानी, लोक संस्कृति, इतिहास, साहित्य और कला से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जानी थी, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व कर सकें, लेकिन एमसीबी जिले में इस उद्देश्य को दरकिनार कर भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के नाम सूची में शामिल किए गए।
साहित्यकारों और कलाकारों की जगह भाजपा नेताओं को मिला मौका– पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले ने अपनी ही सरकार द्वारा तय नियमों और दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए स्वयं का नाम तथा भाजपा पदाधिकारियों के नाम यात्रा के लिए शामिल करवा लिए, उनका कहना है कि यदि यात्रा का उद्देश्य सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का प्रसार है, तो उसमें राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को प्राथमिकता देना उद्देश्य के विपरीत है, उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे अनेक साहित्यकार, लोक कलाकार, इतिहासकार और सांस्कृतिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग हैं, जो इस यात्रा के वास्तविक पात्र थे। उन्हें अवसर न देकर राजनीतिक नियुक्तियां करना योग्य व्यक्तियों के साथ अन्याय है।
क्या भाजपा जिला अध्यक्ष सरकार से भी बड़ी हो गई हैं?-गुलाब कमरो ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार स्वयं गाइडलाइन जारी करती है और उसी का पालन नहीं कराया जाता, तो इसका क्या संदेश जाएगा? उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा जिला अध्यक्ष अपनी ही सरकार से भी बड़ी हो गई हैं कि सरकारी नियमों को दरकिनार कर अपने अनुसार नाम तय करवा रही हैं? उन्होंने कहा कि यदि शासन के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं होगा तो नियम-कानून केवल आम नागरिकों के लिए ही रह जाएंगे, जबकि सत्ता से जुड़े लोगों के लिए अलग व्यवस्था बन जाएगी।
सरकारी योजना का राजनीतिक उपयोग नहीं होना चाहिए-पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सरकारी योजना का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया है, उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी योजना या सांस्कृतिक आयोजन का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देना होता है, लेकिन यदि उसमें राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी तो उसकी निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है, उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति और आस्था किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं हैं। इन्हें राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
सबका साथ, सबका विकास के नारे पर भी उठाए सवाल-गुलाब कमरो ने भाजपा के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि हर सरकारी कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को ही प्राथमिकता मिलेगी, तो यह नारा केवल प्रचार तक सीमित रह जाएगा, उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं किसी दल विशेष की नहीं होतीं, बल्कि पूरे समाज की होती हैं, इसलिए उनमें चयन की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग…
पूर्व विधायक ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि यात्रा के लिए प्रतिभागियों का चयन किस आधार पर किया गया,यदि जांच में सरकारी गाइडलाइन के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे सभी सरकारी कार्यक्रमों में शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि वास्तविक पात्रों को अवसर मिले और सरकारी योजनाओं की निष्पक्षता एवं गरिमा बनी रहे।
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