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अयोध्या@ राममंदिर चोरी…8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

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अयोध्या के वकील पैरवी नहीं करेंगे,ट्रस्ट की बैठक अब 5 दिन पहले होगी
अयोध्या,29 जून 2026। राम मंदिर ट्रस्ट की 11 जुलाई को होने वाली बैठक अब 6 जुलाई को अयोध्या में होगी। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक मणि रामदास जी की छावनी की जगह कारसेवक पुरम में हो सकती है। दिन और जगह क्यों बदला गया, इस बारे में पता नहीं चल पाया है। वहीं, चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की गई। उनके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद चंपत राय दिल्ली चले गए। इस बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वकील अनूप अवस्थी की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए कोर्ट ने पूछा कि इतनी जल्दी क्या है? छुट्टियों के बाद ही मामला सुना जाएगा। इधर, पुलिस सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे जेल में बंद 8 आरोपियों के खाते खंगालने के लिए एसबीआई की अयोध्या धाम ब्रांच पहुंची। 7 आरोपियों के खाते इसी ब्रांच में हैं। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट लिए। अब यह जांच की जाएगी कि मंदिर में नौकरी के बाद से उनके खातों में कितना पैसा आया। पुलिस ने बैंक के 2 कर्मचारियों को भी नोटिस दिया है। इस बीच, सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस आरोपियों की रिमांड नहीं मांगी। फिर कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। तब तक आरोपी जेल में ही रहेंगे। हालांकि,इससे पहले ही अयोध्या के वकीलों ने बड़ी बैठक की। इसमें फैसला लिया कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों का केस कोई भी वकील नहीं लड़ेगा। साथ ही, चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के अयोध्या छोड़ने की मांग की। नहीं छोड़ने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
23 जून को रिपोर्ट सौंपी, 2 दिन बाद गिरफ्तारी
चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को बनाई। 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंपी। 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर हुई। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 को नामजद किया गया। हालांकि, चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं।
एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 26 जून को सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों को 3 दिन के लिए जेल भेज दिया। इसी दिन मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। अगले दिन ट्रस्ट ने कहा- 11 जुलाई को होने वाली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा।
28 जून को पुलिस की 8 टीमों ने आरोपियों के घर पर एकसाथ छापेमारी की थी। चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से निवेश-खरीद से जुड़े कागजात, आभूषण और नकदी मिले थे। आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर से एक डायरी मिली थी। पुलिस का मानना है कि डायरी से चढ़ावा चोरी मामले से जुड़े सुराग मिल सकते हैं।
पुलिस ने कर्मचारियों की बैंक खातों की डिटेल मांगी
राम मंदिर दानराशि चोरी मामले की जांच कर रही पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। इसी क्रम में पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या और अयोध्या धाम क्षेत्र स्थित तीन से अधिक शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों के बैंक खातों का विवरण तलब किया है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक लेनदेन और संभावित वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। इसी कड़ी में संबंधित शाखाओं के कर्मचारियों के खातों से जुड़े दस्तावेज और लेनदेन का ब्योरा मांगा गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दानराशि की कथित हेराफेरी से जुड़े धन का प्रवाह किन-किन खातों तक पहुंचा और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। जांच के तहत बैंकिंग रिकॉर्ड, खातों में हुए लेनदेन और अन्य वित्तीय पहलुओं का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
राममंदिर के रेडियो ऑपरेशन अधिकारी का तबादला, गोरखपुर भेजे गए
राम मंदिर परिसर में पिछले 17 वर्षों से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी अर्जुन देव का तबादला कर दिया गया है। उन्हें राम मंदिर की जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए गोरखपुर भेजा गया है।
अर्जुन देव लंबे समय से मंदिर परिसर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके स्थानांतरण के बाद उन्हें औपचारिक रूप से रिलीव कर दिया गया है। हालांकि, उनके तबादले के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
लवकुश मिश्रा ने 25 लाख का प्लॉट खरीदा, मकान बनवाया
राम मंदिर दानराशि चोरी मामले का आरोपी लवकुश मिश्रा पिछले साल तक गाडि़यों की मरम्मत का काम करता था। इसके बाद उसकी राम मंदिर में नौकरी लग गई, जहां उसे करीब 17 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था। हालांकि, बीते एक वर्ष में उसकी आर्थिक स्थिति में आए तेजी से बदलाव ने कई लोगों को हैरान कर दिया है।
यह मकान अयोध्या के शहादतगंज इलाके में जयपुरिया स्कूल के पीछे स्थित है। जानकारी के अनुसार, लवकुश ने इसी वर्ष फरवरी में करीब 1000 वर्गफीट का यह प्लॉट अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम खरीदा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस जमीन की कीमत करीब 25 लाख रुपये है।
जमीन खरीदने के बाद यहां तेजी से निर्माण कार्य शुरू कराया गया। मकान को तीन मंजिला बनाया जाना था, जिसमें से दो मंजिलों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। पहली मंजिल पर बड़ी रसोई, चार कमरे और लिफ्ट लगाने के लिए अलग से स्थान भी छोड़ा गया है।
यह संपत्ति लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर दर्ज है। सुप्रिया, इसी मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा की बहन हैं। जांच एजेंसियां अनुकल्प मिश्रा की संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अनुकल्प ने भी पिछले एक वर्ष के दौरान उल्लेखनीय संपत्ति अर्जित की है, जिसकी जांच की जा रही है।
अजय राय रामलला के दर्शन करने जाएंगे
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय मंगलवार को रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे। वह सुबह करीब 11 बजे प्रतिनधिमंडल के साथ टेढ़ी बाजार चौराहा (निषादराज चौराहा) पहुंचेंगे। इसके बाद कांग्रेस नेता श्रीराम मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद से कांग्रेस इस मुद्दे पर मुखर है। दर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर अपनी बात भी रखेगा। रामलला के चढ़ावे की चोरी पर श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति ने जताई नाराजगी
श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति ने रामलला के गर्भगृह में प्राप्त धन, आभूषण और अन्य चढ़ावे की गणना एवं प्रबंधन में लगे लोगों पर लूट का आरोप लगाते हुए गहरी चिंता जताई है। समिति ने कहा कि इस घटना से वह बेहद व्यथित है। दशकों से चली आ रही कई धार्मिक परंपराएं अब पूर्ववत तरीके से नहीं हो पा रही हैं। क्योंकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से समिति को अपेक्षित सहयोग और अवसर नहीं मिल रहा है।
30 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रखेगा पक्ष
समिति ने कहा कि 23 दिसंबर 1949 से लेकर केंद्र सरकार द्वारा अधिग्रहण तक भगवान रामलला की सेवा, भोग, प्रबंधन और अर्चकों की नियुक्ति का काम वही करती रही है। उच्चतम न्यायालय ने भी उसकी परंपराओं को मान्यता दी है। इन मुद्दों पर अपना पक्ष रखने के लिए समिति 30 जून को अयोध्या के अरुंधती भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। इसमें सभापति महंत धर्मदास, महामंत्री अच्युत शंकर शुक्ल, कोषाध्यक्ष महंत सत्येंद्र दास ‘वेदांती’ सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। ज्ञात हो कि श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अलग-अलग संस्थाएं हैं।
‘चंपत राय और उनके साथी छोड़ दें अयोध्या’,
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी होगी। इस मामले ने पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि कोई भी वकील इस मामले के आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यदि कोई अधिवक्ता आरोपियों का पक्ष रखता है,तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसकी सदस्यता भी रद्द कर दी जाएगी। बार एसोसिएशन ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। साथ ही चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। वकीलों ने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर ये लोग अयोध्या नहीं छोड़ते हैं, तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
बढ़ता हुआ जन-आक्रोश और कानूनी पेच
राम मंदिर चंदा चोरी का यह विवाद अब केवल कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठ रहे इन गंभीर सवालों के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। बार एसोसिएशन का यह कदम कानूनी बिरादरी के उस रुख को दर्शाता है, जहाँ वे अपनी नैतिकता को पेशे से ऊपर रखते हुए समाज के साथ खड़े हैं। यह स्थिति प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती पैदा कर रही है, क्योंकि एक तरफ जाँच की प्रक्रिया चल रही है, तो दूसरी तरफ अयोध्या का जनमानस और कानूनी समुदाय आरोपियों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
आने वाले तीन दिन इस पूरे मामले की दिशा तय करने के लिए निर्णायक साबित होंगे।


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