बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के बहुचर्चित काले हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ रिलीज से पहले ही विवादों के घेरे में आ गई है। फिल्म के ऐलान और इसका पहला पोस्टर सामने आने के बाद ही यह मामला कानूनी और सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, फिल्म के टाइटल और विषय को लेकर सलमान खान की लीगल टीम ने आपत्ति जताई है। टीम का कहना है कि यह मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है और ऐसे में इस पर आधारित फिल्म बनाना और प्रचार करना कानूनी रूप से संवेदनशील स्थिति पैदा कर सकता है। इसी के चलते मेकर्स को एक कानूनी नोटिस भी भेजा गया है। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने न केवल लीगल नोटिस का जवाब दिया है, बल्कि इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा भी बताया है। उनका कहना है कि फिल्म किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं बनाई गई है, बल्कि यह एक सामाजिक और कानूनी घटनाक्रम पर आधारित प्रस्तुति है। अमित जानी के अनुसार, फिल्म का उद्देश्य केवल उस घटना से जुड़े तथ्यों और सामाजिक दृष्टिकोण को सामने लाना है, जिसे लंबे समय से लोग जानना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा अभिव्यक्ति का माध्यम है और इसे रोकना सही नहीं होगा। दूसरी ओर, सलमान खान की लीगल टीम का तर्क है कि किसी भी लंबित मामले पर फिल्म बनाना न केवल न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, बल्कि इससे गलत संदेश भी जा सकता है। उनका कहना है कि इस तरह की फिल्मों से किसी व्यक्ति की छवि पर भी असर पड़ सकता है, खासकर तब जब मामला अदालत में चल रहा हो।
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