विद्यार्थियों और अभिभावकों को हो रही भारी परेशानी…ग्रामीणों ने जांच कर कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग…
-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर/चांदनी बिहारपुर,19 मई 2026 (घटती-घटना)। जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी सभी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के कार्यालय नियमित रूप से खोलने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है,चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल महुली में कार्यालय समय के दौरान ताला लटका मिला,जिससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में न तो शिक्षक मौजूद थे और न ही कोई कार्यालयीन कर्मचारी,जबकि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में भी विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कार्यदिवस पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कार्यालय खुला रखा जाए।
15 मई को जारी हुआ था आदेश
जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर द्वारा 15 मई 2026 को आदेश क्रमांक 4173 जारी किया गया था,आदेश में जिले के सभी शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया था कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी), अंकसूची वितरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय कार्यालय नियमित रूप से संचालित किए जाएं, आदेश में यह भी स्पष्ट कहा गया था कि कार्यालयीन कार्यों के संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि विद्यार्थियों और पालकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आदेश के बावजूद स्कूल में लटका रहा ताला
ग्रामीणों के अनुसार सोमवार को जब वे आवश्यक कार्यों के लिए शासकीय हाई स्कूल महुली पहुंचे,तो विद्यालय परिसर में ताला लगा मिला। कई विद्यार्थी और अभिभावक घंटों तक विद्यालय परिसर में इंतजार करते रहे,लेकिन कोई जिम्मेदार शिक्षक या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा,इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। लोगों का कहना है कि जब जिला शिक्षा अधिकारी का स्पष्ट आदेश मौजूद है,तब भी विद्यालय प्रशासन द्वारा आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
अभिभावकों का कहना है कि वर्तमान समय में कई विद्यार्थियों को प्रवेश,छात्रवृत्ति,दस्तावेज सत्यापन और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं के लिए टीसी एवं अंकसूची की तत्काल आवश्यकता पड़ती है,विद्यालय बंद रहने से छात्रों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,कई विद्यार्थी दूसरे विद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं,ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिला स्तर से जारी आदेशों का पालन ही नहीं हो रहा,तो फिर ऐसे आदेशों का औचित्य क्या रह जाता है, लोगों का कहना है कि कई बार सरकारी आदेश केवल कागजों तक सीमित रह जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर उनकी मॉनिटरिंग नहीं होती,ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें…
मामले के सामने आने के बाद अब लोगों की निगाहें सूरजपुर कलेक्टर और शिक्षा विभाग पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं होती,तो इससे अन्य विद्यालयों में भी आदेशों की अनदेखी को बढ़ावा मिलेगा,लोगों ने मांग की है कि स्कूलों के निरीक्षण की व्यवस्था मजबूत की जाए और ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कार्यालय संचालन की नियमित मॉनिटरिंग हो, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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