दैनिक घटती-घटना की खबर का बड़ा असर
चार में से दो बोर निकले सूखे,शेष दो में तत्काल हैंडपंप लगाकर बहाल की गई पेयजल सुविधा

-राजन पाण्डेय-
बैकुंठपुर/कोरिया,19 मई 2026 (घटती-घटना)। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत को लेकर दैनिक घटती घटना द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित खबर सुशासन का सूखा उत्सव कागजों में दौड़ रहा जल जीवन मिशन,ज़मीन पर बूंद-बूंद को तरसती जनता का बड़ा असर सामने आया है, खबर प्रकाशित होते ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग हरकत में आ गया और विभागीय अमला तत्काल ग्राम पंचायत रावतसरई पहुंचकर मौके का निरीक्षण करने लगा। बता दे की लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे ग्राम सिंहपानी और आसपास के ग्रामीणों के लिए यह कार्रवाई राहत लेकर आई है, निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने क्षेत्र में पूर्व में कराए गए बोरों की जांच की, जिसमें सामने आया कि कुल चार बोरों में से दो पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि दो बोरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है, इसके बाद विभाग ने तत्काल निर्णय लेते हुए दोनों चालू बोरों में हैंडपंप स्थापित कर पेयजल सुविधा बहाल कर दी, ग्रामीणों का कहना है कि महीनों से गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई थी, गर्मी बढ़ने के साथ हालात और खराब हो गए थे। महिलाएं और बच्चे सुबह-शाम कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाने को मजबूर थे, गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन और अन्य व्यवस्थाओं के दावे तो किए जा रहे थे, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था।
जवाबदेही का बना उदाहरण
रावतसरई की यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि जब मीडिया जनसमस्याओं को मजबूती से उठाता है तो प्रशासन को जवाबदेह बनना पड़ता है,ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई ऐसी समस्याएं हैं जो फाइलों और योजनाओं के बीच दबकर रह जाती हैं,लेकिन जब जनता की आवाज खबर बनती है,तो उसका असर जमीन पर दिखाई देता है,रावतसरई में हैंडपंप स्थापना की यह कार्रवाई सिर्फ पेयजल सुविधा बहाल होने की खबर नहीं, बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि सजग पत्रकारिता और जनदबाव प्रशासनिक व्यवस्था को सक्रिय करने की ताकत रखते हैं।
भीषण गर्मी में बड़ी राहत
भीषण गर्मी के बीच हैंडपंप शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। अब लोगों को दूर-दूर जाकर पानी लाने की मजबूरी से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है, महिलाओं ने कहा कि अब समय और श्रम दोनों की बचत होगी,हालांकि ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जो दो बोर पूरी तरह सूखे पाए गए हैं,उनकी जगह नए बोर कराए जाएं ताकि भविष्य में फिर से पेयजल संकट उत्पन्न न हो। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई गई है, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था की आवश्यकता है,क्योंकि हर गर्मी में पानी की समस्या गंभीर रूप ले लेती है, यदि समय रहते व्यापक योजना नहीं बनाई गई तो आने वाले वर्षों में संकट और गहरा सकता है।
मीडिया बना जनता की आवाज
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने दैनिक घटती-घटना को धन्यवाद देते हुए कहा कि समाचार पत्र ने सिर्फ खबर प्रकाशित नहीं की, बल्कि गांव की पीड़ा को प्रशासन तक पहुंचाने का काम किया, लोगों ने कहा कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद जब समाधान नहीं हुआ, तब मीडिया ने मुद्दे को मजबूती से उठाया और प्रशासन को जवाबदेह बनने पर मजबूर किया,ग्रामीणों ने विभागीय इंजीनियर भूपेंद्र कोर्चे, पंचायत प्रतिनिधियों और पंच संघ अध्यक्ष प्रेमसागर तिवारी का भी आभार व्यक्त किया। लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी दैनिक घटती घटना जनहित से जुड़े मुद्दों को इसी तरह प्रमुखता से उठाता रहेगा ताकि प्रशासनिक तंत्र सक्रिय बना रहे और आम जनता को समय पर राहत मिल सके।
खबर के बाद प्रशासन की बढ़ी सक्रियता
दैनिक घटती घटना में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल बढ़ गई,ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से शिकायतें और आवेदन दिए जा रहे थे,लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हो रही थी। जैसे ही मामला मीडिया में प्रमुखता से सामने आया, विभाग ने तत्काल टीम गठित कर गांव भेजी,पीएचई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा की और पेयजल स्रोतों का निरीक्षण किया, जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिन चार बोरों के भरोसे गांव की पेयजल व्यवस्था थी,उनमें से दो पूरी तरह सूखे पड़े हैं, शेष दो बोरों में पानी उपलब्ध होने के बावजूद हैंडपंप नहीं लगाए गए थे, जिसके कारण ग्रामीणों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा था, विभागीय इंजीनियरों और कर्मचारियों ने तत्काल कार्यवाही करते हुए दोनों उपयोग योग्य बोरों में हैंडपंप स्थापित कराया। हैंडपंप शुरू होते ही ग्रामीणों के चेहरों पर राहत दिखाई दी।
कागजों में योजनाएं,जमीन पर संकट
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत गांव में कई योजनाओं की घोषणाएं तो हुईं,लेकिन उनका लाभ लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया, गांव में पाइपलाइन,जलस्रोत और पेयजल व्यवस्था को लेकर कई दावे किए गए,लेकिन वास्तविकता इससे अलग थी, गांव की महिलाओं ने बताया कि कई बार अधिकारियों को समस्या बताई गई,लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला,गर्मी के दिनों में हालात इतने खराब हो गए थे कि लोगों को निजी साधनों और दूरस्थ स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा था,ग्रामीणों का कहना है कि यदि मीडिया इस मुद्दे को नहीं उठाता तो शायद समस्या का समाधान और लंबा खिंच जाता। लोगों ने कहा कि समाचार प्रकाशित होने के बाद ही विभाग की नींद खुली और तत्काल कार्रवाई देखने को मिली।
पंचायत प्रतिनिधियों ने जताया आभार
पंच संघ अध्यक्ष प्रेम सागर तिवारी सहित ग्राम पंचायत के पंचों और जनप्रतिनिधियों ने दैनिक घटती घटना और विभागीय टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया ने गांव की वास्तविक समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है,प्रेम सागर तिवारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाना चाहिए,उन्होंने कहा कि जब तक गांवों में पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मजबूत नहीं होंगी, तब तक विकास के दावे अधूरे रहेंगे,उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएचई विभाग आगे भी इसी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम करेगा तथा शेष समस्याओं का भी जल्द समाधान करेगा।
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