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सोनहत@सुशासन तिहार में छाया ‘ट्रैफिक पाठशाला’ का जादू

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महेश मिश्रा के एजुकेशनल स्टाल ने जीता लोगों का दिल,सड़क सुरक्षा के सिखाए जीवनरक्षक गुर
-संवाददाता-
सोनहत,19 मई 2026 (घटती-घटना)। ग्राम पोड़ी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में जहां शासन की विभिन्न योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही थी,वहीं यातायात विभाग का एक अनोखा और जागरूकता से भरपूर स्टाल पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण बन गया,अपनी अलग कार्यशैली और सड़क सुरक्षा के प्रति लगातार सक्रियता के लिए पहचाने जाने वाले यातायात विभाग के महेश मिश्रा द्वारा लगाए गए इस ट्रैफिक पाठशाला स्टाल ने लोगों का ध्यान तो खींचा ही, साथ ही ग्रामीणों और युवाओं को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों की व्यावहारिक जानकारी भी दी, शिविर में पहुंचे लोगों की भीड़ लगातार इस स्टाल की ओर उमड़ती रही, कोई हेलमेट के महत्व को समझ रहा था तो कोई दुर्घटना के बाद मिलने वाली सरकारी सहायता की जानकारी ले रहा था, कई ग्रामीणों ने पहली बार सड़क सुरक्षा से जुड़े ऐसे पहलुओं को जाना, जिनकी जानकारी अब तक उन्हें नहीं थी।
इस दौरान यातायात विभाग के महेश मिश्रा के साथ सोनहत थाना प्रभारी विनोद पासवान और एसआई राठिया भी पूरी सक्रियता के साथ मौजूद रहे,पुलिस टीम ने शिविर में आए ग्रामीणों, युवाओं और वाहन चालकों से सीधे संवाद कर उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया,महेश मिश्रा ने बेहद सरल और व्यवहारिक तरीके से लोगों को समझाया कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए जरूरी है,उन्होंने सीट बेल्ट की अनिवार्यता और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले खतरों पर भी विस्तार से जानकारी दी,उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही किस तरह बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।
सुशासन तिहार में बना आकर्षण का केंद्र
पूरे शिविर के दौरान यातायात विभाग का यह स्टाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर वर्ग के लोगों ने यहां पहुंचकर जानकारी ली,इस पहल ने यह साबित कर दिया कि यदि पुलिस और प्रशासन केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर जागरूकता को प्राथमिकता दें,तो समाज में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
हिट एंड रन और मुआवजे की जानकारी ने बढ़ाई जागरूकता
स्टाल के माध्यम से लोगों को सड़क संकेतों की पहचान, गति सीमा का पालन और दुर्घटना के दौरान चोटों से बचने के तकनीकी उपायों की भी जानकारी दी गई। विशेष रूप से शासन द्वारा हिट एंड रन मामलों और मोटर दुर्घटना पीडि़तों के लिए बनाए गए मुआवजा प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया, ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें पहली बार यह जानकारी मिली कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में शासन द्वारा आर्थिक सहायता और कानूनी सुरक्षा के क्या प्रावधान मौजूद हैं, कई लोगों ने मौके पर ही सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं दूर कीं और पुलिस टीम ने भी बेहद सहजता से हर प्रश्न का जवाब दिया।
पुलिस का कम सिर्फ चालान नहीं,जीवन बचाने भी है… बना बड़ा संदेश
यातायात विभाग के इस एजुकेशनल स्टाल ने लोगों के बीच पुलिस की एक सकारात्मक और संवेदनशील छवि प्रस्तुत की, आमतौर पर ट्रैफिक पुलिस को केवल चालान और कार्रवाई से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस पहल ने यह संदेश दिया कि पुलिस का असली उद्देश्य लोगों की जान बचाना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है,स्टाल में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि इस तरह की जागरूकता मुहिम गांव-गांव तक पहुंचे तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है।
महेश मिश्रा के प्रयासों की हुई जमकर सराहना
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने महेश मिश्रा की इस पहल की खुलकर सराहना की, लोगों का कहना था कि सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को जिस सहज और व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया गया,वह वास्तव में प्रभावी और प्रेरणादायक था, स्थानीय ग्रामीण राम कुमार ने कहा आज के दौर में सड़क सुरक्षा की ऐसी बारीकियां कम ही देखने को मिलती हैं, महेश मिश्रा ने जिस तरह हेलमेट और हिट एंड रन के नियम समझाए, उससे हमारे जैसे ग्रामीणों का डर दूर हुआ है। अब हमें पता है कि दुर्घटना के समय शासन से क्या मदद मिल सकती है।


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