- प्रभारी मंत्री के दौरे से तेज हुई सियासी हलचल,प्रत्याशी चयन को लेकर अटकलें
- नपा चुनाव से एक साल पहले भाजपा की चाल : प्रभारी मंत्री के दौरे ने बढ़ाई सियासी हलचल
- क्या भाजपा ने समय से पहले बजा दिया चुनावी बिगुल? मंत्री के घर-घर दौरे से गरमाई राजनीति
- मंत्री का पहला दौरा,पहला संदेश? नगर पालिका चुनाव की रणनीति पर भाजपा सक्रिय
- चुनाव 2027, तैयारी 2026 से…मंत्री के दौरे ने खोल दी भाजपा की चुनावी स्कि्रप्ट
- बैकुंठपुर-शिवपुर चरचा में चुनावी सरगर्मी तेज,मंत्री के दौरे से प्रत्याशी चर्चा शुरू
- घर से शुरू हुई सत्ता की तैयारी : नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीतिक बिसात
-संवाददाता-
कोरिया,05 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। कोरिया जिले की राजनीति में नए साल की शुरुआत के साथ ही नगर पालिका चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भले ही बैकुंठपुर और शिवपुर चरचा नगर पालिका चुनाव दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 में प्रस्तावित हों,लेकिन सत्ता में आसीन भारतीय जनता पार्टी ने संकेत दे दिए हैं कि वह एक साल पहले ही चुनावी मोड में आ चुकी है।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण वर्ष 2026 के पहले ही महीने में प्रभारी मंत्री राम विचार नेताम का कोरिया दौरा माना जा रहा है। खास बात यह रही कि इस दौरे की शुरुआत सीधे वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष नविता शिवहरे और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेश शिवहरे के निवास से हुई। मंत्री के इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयासों को जन्म दे दिया है।
दौरा मात्र शिष्टाचार या चुनावी संदेश?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल औपचारिक भेंट नहीं,बल्कि आगामी नगर पालिका चुनाव की रणनीतिक शुरुआत है। आमतौर पर चुनाव नजदीक आने पर ही इस तरह की सक्रियता देखी जाती है,लेकिन चुनाव से लगभग एक साल पहले मंत्री का प्रमुख भाजपा नेताओं के घर पहुँचना यह संदेश देता है कि पार्टी ग्राउंड लेवल पर अभी से तैयारी में जुट गई है,सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में जब-जब प्रभारी मंत्री जिले के दौरे पर आएंगे,भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और संभावित प्रत्याशियों के घरों पर भी मुलाकातें होंगी। इसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना,अंदरूनी मतभेदों को समय रहते सुलझाना और चुनाव से पहले किसी भी प्रकार की असंतोष की स्थिति को समाप्त करना है।
प्रत्याशी चयन को लेकर संकेत या दबाव?
मंत्री का सबसे पहले वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष के घर पहुँचना क्या इस बात का संकेत है कि पार्टी दोबारा उन्हीं पर भरोसा जता सकती है? या फिर यह सभी संभावित दावेदारों को साथ लेकर चलने की रणनीति है? भाजपा में आमतौर पर प्रत्याशी चयन अंतिम समय तक गोपनीय रखा जाता है,लेकिन इस दौरे के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि संगठन प्रत्याशी चयन की दुविधा को जल्द समाप्त करना चाहता है, ताकि समय रहते चुनावी तैयारी को धार दी जा सके।
बड़े मियां-छोटे मियां की राजनीति
बैकुंठपुर नगर पालिका चुनाव की बात करें तो शैलेश शिवहरे और भानू पाल की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। स्थानीय राजनीति में इन्हें ‘बड़े मियां-छोटे मियां’ कहा जाता है—जहां शैलेश शिवहरे अनुभव और राजनीतिक कद के लिए जाने जाते हैं, वहीं भानू पाल 5-6 बार के पार्षद, तीन बार एक ही वार्ड से निर्वाचित, एक बार नगर पालिका उपाध्यक्ष रह चुके हैं और एक बार उपाध्यक्ष पद पर पराजय भी झेल चुके हैं, चुनावी गणित जानने वालों का कहना है कि यदि ये दोनों नेता एकजुट होकर भाजपा संगठन के साथ मैदान में उतरते हैं,तो नगर पालिका चुनाव में भाजपा की राह काफी आसान हो सकती है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रत्याशी किसे बनाया जाएगा और क्या दोनों एक नाम पर सहमत हो पाएंगे?
मतदाताओं को साधने में माहिर खिलाड़ी
शैलेश शिवहरे और भानू पाल दोनों ही नेताओं को स्थानीय मतदाताओं की नब्ज पहचानने वाला सटीक चुनावी खिलाड़ी माना जाता है। वार्ड स्तर से लेकर नगर स्तर तक उनकी पकड़ मजबूत बताई जाती है। यही कारण है कि संगठन के लिए चुनौती यह है कि किसी एक के चयन से दूसरा नाराज़ न हो,और पार्टी को आंतरिक नुकसान न उठाना पड़े।
भाजपा का स्पष्ट संदेश
प्रभारी मंत्री के इस शुरुआती दौरे ने इतना तो साफ कर दिया है कि भाजपा नगर पालिका चुनाव को हल्के में नहीं लेना चाहती,समय से पहले तैयारी, घर-घर संपर्क और संगठनात्मक एकजुटता, यही रणनीति दिखाई दे रही है,अब देखना यह होगा कि आने वाले महीनों में भाजपा संकेतों को ठोस फैसलों में कब बदलती है, और क्या नगर पालिका चुनाव से पहले ही प्रत्याशी चयन की तस्वीर साफ हो पाती है या फिर सस्पेंस आखिरी वक्त तक बना रहता है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur