
पुलिस-साइबर की कथित सेटिंग फिर उजागर,संरक्षण के नए आरोप,पुराने चेहरे फिर सक्रिय

- शमशेर खान का ‘फिर से जुआ फाड़’ संचालित होने का फोटो मिला कथित रकम का पूरा चार्ट चौंकाने वाला
- हज से लौटा शमशेर खान…पर जुआ का ‘तौबा’ नहीं!
- कहता है जुआ नहीं चलाता,लेकिन 5-सदस्यीय टीम के साथ बड़ा ‘जुआ फाड़’ संचालित…पूरे जिले में सनसनी…
- टीम में बैकुंठपुर के पार्षद छोटे खान,विवेक पटेल,बबलू जायसवाल,रामकुमार जायसवाल सभी के नाम आए सामने
- खोड़-रामकोला जंगल में चल रहा करोड़ों का अवैध संचालन, पुलिस-साइबर की संदिग्ध चुप्पी
-शमरोज खान-
सूरजपुर,28 नवम्बर 2025 (घटती-घटना)। हज बदला…दिल नहीं…जंगल बदला…जुआ नहीं…पुलिस बदली… संरक्षण नहीं, दैनिक घटती-घटना ने पहले भी मानी-उदयपुर बॉर्डर के जंगल में चल रहे करोड़ों के जुआ तंबू को उजागर किया था,उस खबर के बाद तंबू जरूर उखड़ा…लेकिन जुआ का खेल बंद नहीं हुआ, सिर्फ स्थान बदल गया है,अब जुआरी रामकोला के खोड़ जंगल में नया अड्डा बसाए बैठे हैं,और हैरानी की बात यह है कि इसके पीछे फिर वही पुराने चेहरे, वही सेटिंग और वही संरक्षण का खेल सामने आ रहा है, जिले में अवैध जुआ नेटवर्क का सिरमौर माना जाने वाला शमशेर खान, हज यात्रा से लौटने के बाद यह जताता रहा कि उसने जुआ खेलना छोड़ दिया है…लेकिन जमीनी सच बिल्कुल उलटा है, दैनिक घटती-घटना की इन्वेस्टिगेशन में जो तथ्य सामने आए हैं, वे पूरे जिले के लिए चौंकाने वाले और हिला देने वाले हैं।
बता दे की दैनिक घटती-घटना ने कुछ सप्ताह पहले किया था दावा
मानी उदयपुर जंगल में चल रहे अवैध ‘जुआ फाड़’ का खुलासा किया था,खबर सामने आते ही पुलिस ने दबाव में आकर तंबू उखाड़ा,जुआरियों ने लोकेशन छोड़ी और इलाके में थोड़ी देर के लिए शांति लौटी,लेकिन अब सबकुछ बदल गया है जुआ का कारोबार नहीं रुका… बस जंगल बदल गया है, नई इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ है कि जुआ सिंडिकेट ने अब अपना बड़ा अड्डा रामकोला-खोड़ जंगल में शिफ्ट कर लिया है और हैरानी की बात— इस पूरे ऑपरेशन को वही व्यक्ति संचालित कर रहा है जो हज से लौटा है और जिसने खुद सबके सामने कहा था ‘जुआ हराम है।’ दैनिक घटना इस पूरे नेटवर्क की अगली कड़ी में और नाम,और फोटो,और पैसों के लेन-देन का पूरा डेटा प्रकाशित करेगा,जुआ सिंडिकेट के तार कहाँ तक जुड़े हैं यह अगला बड़ा खुलासा होगा।
शमशेर खान फिर एक्टिव… ‘जुआ फड़’ का ताजा फोटो आया सामने
जारी का वही चर्चित चेहरा शमशेर खान,जो पहले भी मानी जंगल जुआ मामले में विवादों में था, अब खोड़ जंगल में फिर सक्रिय दिखाई दे रहा है,ताजा फोटो में वही व्यवस्था, वही तंबू,वही लेआउट साफ है कि जुआ नेटवर्क सिर्फ जंगल बदला है, संरक्षण वही है।
पिछली खबर पर कार्रवाई हुई थी…अब फिर वही खेल क्यों?
दैनिक घटती-घटना ने पहले मानी जंगल जुआ तंबू, जारी का नेटवर्क, संरक्षण से जुड़े आरोप जैसे गंभीर मुद्दे उजागर किए थे, पुलिस ने तब एक दबाव में कार्रवाई दिखाई भी थी, लेकिन अब फिर जगह बदली, सेटिंग वही, लोग वही, कमाई वही कहने को कार्रवाई हुई थी, लेकिन जुआ नेटवर्क आज भी उतना ही सुरक्षित है जितना पहले था।
सूत्रों के संगीन आरोप—पुलिस,
साइबर टीम और जुआ संचालक के बीच पैसों का पूरा बंटवारा तय?-
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खोड़ जंगल में चल रहे इस अवैध जुआ घर में 7000 थाना प्रभारी, 5000 प्रतापपुर के एक अधिकारी को,18,000 गांव और आसपास के ‘सेटिंग चैनल’ में बांटा जाता वही 32,000 साइबर टीम के तीन लोगों को यह पूरा ‘कलेक्शन चार्ट’ जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि साइबर टीम का एक आरक्षक,जुआरी शमशेर खान के घर से ही पैसा लाता है,यह आरोप प्रदेश स्तर तक हड़कंप मचाने के लिए काफी है।
जिले की एक बड़ी समस्या, अगर संरक्षण खत्म नहीं हुआ,तो जुआ का फैलाव बढ़ता जाएगा…
खोड़ जंगल का चयन भी बेहद सोच-समझकर किया गया है, घना इलाका, सीमावर्ती रास्ते, पुलिस पेट्रोलिंग कम, रात में तेज भागने के कई मार्ग यानी ‘आदर्श जुआ ज़ोन ‘, जहाँ पुलिस की हर भनक पहले पहुंच जाती है।
जुआ का तंबू उखड़ा नहीं… सिर्फ पता बदल गया है…
मानी जंगल की रिपोर्टिंग के बाद, अब खोड़ जंगल का नया खुलासा, फिर वही कहानी दोहरा रहा है,अब सवाल पुलिस से बड़ा है जुआ रोकने की मंशा है या जुआ से मिलने वाली रकम का मोह? दैनिक घटती-घटना इस मामले की अगली कड़ी में फिर नए प्रमाण,नए चेहरे और नए तथ्य सामने लाएगा।
शमशेर खान की ‘पोस्ट-हज टीम ‘… पांच लोग, पाँच भूमिकाएँ,एक बड़ा जुआ साम्राज्य
सूत्रों, स्थानीय ग्रामीणों और जुआ अड्डे के आसपास के विश्वसनीय स्रोतों ने पुष्टि की है कि शमशेर खान अब अकेला नहीं, बल्कि एक संगठित 5-मेंबर टीम के साथ काम कर रहा है।
टीम के नाम सामने आए हैं—
- छोटे खान – पार्षद,बैकुंठपुर नगर पालिका
शमशेर का नजदीकी, इलाके में ‘प्रोटेक्शन सोशल कवर’ देने का आरोप। - विवेक पटेल – फाइनेंशियल कॉलक्टर
जुआ घर से होने वाली दैनिक रकम का हिसाब-किताब संभालता है। - बबलू जायसवाल – सप्लाई एवं लॉजिस्टिक मैनेजर
टेंट, लाइट, कुर्सी, गाडि़यों की आवक-जावक नियंत्रित करता है। - रामकुमार जायसवाल – खिलाडि़यों को सेट करवाने का काम
जिले और बाहर के ‘बड़े खिलाडि़यों’ को बुलाने में सक्रिय। - जारी शमशेर खान – मास्टर ऑपरेटर
जुआ टेबल,रकम का अंतिम ‘बांट ‘, और पुलिस-साइबर से ‘कोऑर्डिनेशन’ संभालता है।
यानी जुआ अब केवल एक खेल नहीं—बल्कि एक संगठित, प्रशिक्षित, सुव्यवस्थित रैकेट बन चुका है।
प्रशासन से सवालः क्या इस बार भी कार्रवाई सिर्फ दिखावा होगी?
इस मुद्दे पर अब जिला प्रशासन को जवाब देना ही पड़ेगा…
क्या आरोपों की जांच होगी?
क्या साइबर टीम के संदेहास्पद रिश्ता की जांच होगी?
क्या शमशेर खान जैसे लोगों पर रोक लगेगी?
क्या जंगल-जंगल भाग रहा जुआ नेटवर्क खत्म होगा?
अगर कार्रवाई नहीं हुई,तो इसका साफ मतलब होगा संरक्षण के बिना इतना बड़ा जुआ नेटवर्क चल ही नहीं सकता। ‘
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