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सूरजपुर@WCD सरगुजा–सूरजपुर भर्ती में बड़ा खेल!

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अनुभव बदल गए,प्रतिशत बढ़ गए,चयन सूची में “फेवरिट नाम”—दस्तावेज़ों ने खोली पोल

  • महिला एवं बाल विकास विभाग में भर्ती पर गंभीर सवाल…
  • पूजा गोस्वामी का अनुभव दो जगह अलग–अलग, दो पदों में अलग रिकॉर्ड, क्या चल रहा है विभाग में?
  • केस वर्कर के चयन में भी बड़ा फर्क,भैयाथान सूरजपुर-सरगुजा की पूरी प्रक्रिया जांच के दायरे में…
  • दैनिक घटती-घटना एक्सक्लूसिव
  • अनुभव अंक काटे गए, प्रतिशत बदले गए, दो पदों में अलग-अलग रिकॉर्ड, शिकायतें कलेक्टर तक पहुँची


-शमरोज खान –
सूरजपुर,19 नवंबर 2025 (घटती-घटना)।

महिला एवं बाल विकास विभाग सूरजपुर की भर्ती प्रक्रिया पर फिर से सवाल उठने लगे हैं,पूजा गोस्वामी के अनुभव रिकॉर्ड, केस वर्कर चयन में प्रतिशतों का भारी अंतर, और विभागीय अधिकारियों की कथित भूमिका पर अब कई स्तर पर उंगलियां उठ रही हैं, पूरा मामला अब जांच योग्य बताया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन मिशन वात्सल्य,चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और केस वर्कर भर्ती से जुड़े बड़े अनियमितताओं के प्रमाण अब सामने आ गए हैं, दैनिक घटती-घटना को कई अभ्यर्थियों ने लिखित आवेदन, अनुभव पत्र,हस्तलिखित नोट, प्रतिशत तुलना और कलेक्टर को भेजी गई प्रतियां उपलब्ध कराई हैं, जिनमें कई गंभीर विरोधाभास साफ दिख रहे हैं, नीचे सबसे महत्वपूर्ण 7 अनियमितताएँ साफ-साफ उभर रही हैं,अनुभव अंक जानबूझकर काटे जाने का आरोप (प्रथम दस्तावेज़ से स्पष्ट) शीतल सिंह (अभ्यर्थी) ने कलेक्टर सूरजपुर को दिए आवेदन में लिखा, सूरजपुर में सिर्फ आपातकालीन अनुभव के 10 अंक दिए गए, जबकि अन्य जिलों में सामान्य अनुभव, आपातकालीन अनुभव दोनों के अंक दिए गए, अनुभव के आधार पर मेरिट 20 अंक गड़बड़ हुई, इसका सीधा असर अभ्यर्थी की मेरिट लिस्ट (टॉप-5) में जगह न बनने पर पड़ा।
वो अभ्यर्थी जिन पर चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल, दस्तावेजों में दर्ज नाम (जैसा कि शिकायतकर्ताओं द्वारा कलेक्टर व विभाग को दिए गए दस्तावेजों में उल्लेखित है
पूजा गोस्वामी जिला मनेंद्रगढ़- अनुभव दो जगह अलग-अलग बताया गया एक ही अवधि का “दोहरे अनुभव” का मामला,पति महिला एवं बाल विकास सूरजपुर कार्यालय में ऑपरेटर हित-संघर्ष का आरोप
फुलेश्वरी / बुधन रामपरामर्शदाता- चयन में अनुभव अंक जोड़ने को लेकर आपत्ति-अनुभव सत्यापन की मांग
*खुशबू जयसवाल,सुपरवाइज़र (अनारक्षित)- अनुभव की मान्यता पर सवाल, जिले के नियमों से मेल न खाने का आरोप
रीता सिंह,सुपरवाइज़र (एससी/एसटी श्रेणी)- आरक्षण कोटे में चयन योग्य अंक जोड़ने पर आपत्ति, आपातकालीन अनुभव बनाम सामान्य अनुभव में अंतर
मनीषा कुशवाहा, सुपरवाइज़र (अन्य पिछड़ा वर्ग वर्ग)-अनुभव अंक विवाद अंक निर्धारण और पात्रता की प्रक्रिया पर सवाल
यशोद गुप्ता,केश वर्कर: अनारक्षित- मेरिट में नियम से अलग अंक जोड़ने का आरोप-आपातकालीन अनुभव का गलत तरीके से समावेश का दावा
मनीषा कुशवाहा,सुपरवाइज़र (अनारक्षित)-अभ्यर्थि एक दोनों वर्गों का लाभ लिया है जिसकी सूची सत्यापन मांगने की आवश्यकता बताई गई है…
प्रकाश राजवाड़े,केस वर्कर (अन्य पिछड़ा वर्ग वर्ग)- अनुभव सत्यापन व अंक निर्धारण में विसंगति,पात्र-अपात्र सूची में बदलाव का आरोप
पूजा गोस्वामी: एक ही व्यक्ति का दो जगह अलग अनुभव, कैसे?
पहला अनुभव (बीआरसी भैयाथान) महिला सशक्तिकरण हेतु अनपढ़ महिलाओं को शिक्षा व प्रशिक्षण का कार्य 01/01/2011 से 22/09/2023 तक यह अनुभव महिला सशक्तिकरण भर्ती में लगाया गया था। दूसरा अनुभव (जिला समन्वयक महिला बाल विकास संचालक रायपुर) इसमें पूजा गोस्वामी ने दो अनुभव लगाए सरस्वती शिशु मंदिर 01/07/2008 से 02/12/2010, साक्षरता प्राधिकरण सूरजपुर -01/01/2011 से 22/09/2023 सवाल ये है की एक ही व्यक्ति का एक ही अवधि (01/01/2011-22/09/2023) एक बार महिला सशक्तिकरण भैयाथान में दूसरी बार “साक्षरता प्राधिकरण सूरजपुर” में दो अलग कार्यस्थलों पर एक ही तारीख में अनुभव कैसे संभव है? क्या यह अनुभव में हेरफेर है? दोहरी प्रविष्टि है? या विभागीय गलती? यह पूरी प्रक्रिया जांच का विषय बन चुकी है।
केस वर्कर चयन में चौंकाने वाला अंतर
सरल क्रमांक 254 के अनुसार प्रकाश राजवाड़े सरगुजा मिशन वात्सल्य पात्र-अपात्र सूची12वीं का प्रतिशत 43.40 प्रतिशत, सूरजपुर केस वर्कर पात्र-अपात्र सूची उसी उम्मीदवार का प्रतिशत 88.8प्रतिशत, सवाल ये है की एक ही व्यक्ति का वही मार्क-शीट दो जिलों में दो अलग प्रतिशत कैसे दिखा रही है? क्या नए दस्तावेज लगाए गए? विभागीय एंट्री बदली गई? या चयन प्रणाली में गड़बड़ी है? यह अंतर संदेह पैदा करता है और जांच की मांग मजबूत करता है।
मनेंद्रगढ़ में भी जिला कार्यक्रम अधिकारी पर ऐसे ही आरोप
मंडल स्तर पर मनेंद्रगढ़ में जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा इसी तरह की नियुक्ति को लेकर भी कई शिकायतें सामने आई हैं, सूत्रों के अनुसार चयन प्रक्रिया में मनमानी गुणांक में संशोधन, कुछ उम्मीदवारों को लाभ पहुँचाने का आरोप जांच का विषय बना हुआ है।
क्या विभागीय कर्मचारियों का दबाव?
सूत्रों के अनुसार पूजा गोस्वामी के पति नीलेश गोस्वामी महिला एवं बाल विकास विभाग सूरजपुर में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं, स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार यह संबंध भी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाता है कि क्या विभागीय प्रभाव भर्ती में इस्तेमाल हुआ?
जिन अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं…
कई अभ्यर्थियों और विभागीय स्रोतों की ओर से इन अधिकारियों की भूमिका पर प्रश्न उठाए गए हैं शुभम बंसल जिला कार्यक्रम अधिकारी, मनोज जायसवाल बाल संरक्षक अधिकार, अखिलेश सिंह विभागीय अधिकारी इन पर आरोप है कि पात्र-अपात्र सूची अनुभव सत्यापन प्रतिशत एंट्री और चयन के अंतिम बिंदुओं पर इनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि घटती-घटना इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता, लेकिन इन्हें कई स्रोतों ने गंभीर मुद्दों के रूप में दर्ज कराया है।
अब सवाल बड़ा है,क्या पूरी प्रक्रिया एसआईटी या जिला स्तर पर जांच के लिए जाएगी?
जिलों में अलग-अलग पात्र-अपात्र सूची, उम्मीदवार के अंकों में भारी बदलाव, अनुभव प्रमाणपत्रों में दोहरी प्रविष्टि, और विभागीय प्रभाव के आरोप, ये चारों तथ्य यह दिखाते हैं कि मामला पूरी तरह जांच योग्य है।
घटती-घटना की निष्कर्षात्मक टिप्पणी
इन दस्तावेजों में इतने ठोस विरोधाभास हैं कि यह पूरा मामला जिला स्तरीय जाँच, या राज्य मिशन स्तर की टीम द्वारा जांच के लायक बन चुका है,अनुभव गड़बड़ी दो अलग प्रतिशत,दो पदों पर अलग अनुभव,नियमों की दोहरी व्याख्या, चुनावित उम्मीदवारों को कथित लाभ ये सभी आरोप गंभीर श्रेणी में आते हैं।


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