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नई दिल्ली@भारत का विकास मॉडल दुनिया के लिए आशा का प्रतीक बना : पीएम मोदी

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नई दिल्ली,18 नवम्बर 2025। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को छठवें रामनाथ गोयनका व्याख्यान में दिए अपने भाषण को साझा करते हुए देशवासियों से अगले दस वर्षों में गुलामी की मानसिकता से पूर्ण मुक्ति का संकल्प लेने अपील की। उन्होंने कहा कि यह मानसिकता उपनिवेशवाद की देन है और अब समय आ गया है कि देश इससे पूरी तरह बाहर निकले। उन्होंने देशवासियों से सामूहिक संकल्प के साथ औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा किए अपने पोस्ट में कहा कि रामनाथ गोयनका का जीवन राष्ट्रप्रथम की भावना और सत्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था। उन्होंने हमेशा कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और यही भावना आज भी पत्रकारिता और लोकतंत्र दोनों के लिए प्रेरणा है। लोकतंत्र पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के बिहार विधानसभा चुनाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड मतदान और विशेष रूप से महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि भारत का लोकतंत्र लगातार सशक्त हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने भारत के विकास को विश्व के लिए आशा का मॉडल बताते हुए कहा कि देश की आर्थिक प्रगति और सामाजिक परिवर्तन दुनिया के सामने मिसाल बन रहे हैं। चुनाव जीतने का मूल मंत्र जनता की भावनाओं को समझना है, न कि लगातार चुनाव मोड में बने रहना। प्रधानमंत्री ने कहा कि माओवाद का प्रभाव लगातार घट रहा है, जो भारत के विकास और सुरक्षा के लिए अत्यंत सकारात्मक संकेत है।


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