सरकार बोली…इनके पास बुनियादी सुविधाएं नहीं,पहले मदरसों का बजट 3600 करोड़ घटाया था
कोलकाता,13 सितम्बर 2026। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है। करीब 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। सरकार का कहना है कि जांच में इन मदरसों के पास बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली। यह कार्रवाई अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने की है। सरकार ने रविवार को ये भी बताया कि मानक पूरे करने वाले मदरसे चलते रहेंगे। जिन संस्थाओं को नोटिस दिए गए हैं, उनके जवाब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। इससे पहले 2026 के बजट में बंगाल सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा विभाग के लिए फंड 5,713 करोड़ से घटाकर 2,165.42 करोड़ कर दिया था। यानी बजट में लगभग 3600 करोड़ की कटौती हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने जून की शुरुआत से पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में जमीनी सर्वे किया। इस सर्वे में सरकारी और निजी मदरसों की बुनियादी सुविधाएं, मंजूरी की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था की जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मदरसों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनके जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह जांच अलग-अलग जिलों में अधिकृत और अनधिकृत मदरसों की जानकारी पता करने के लिए कराई थी।
मदरसों को लेकर दिलीप घोष?
मंत्री ने कहा, ‘252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है, जबकि 100 अन्य को जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचा नहीं होने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।’ राज्य के पंचायती राज मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि मदरसों को लेकर कई बार विवाद सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में चरमपंथी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोग ऐसे संस्थानों में शिक्षक के रूप में काम करते पाए गए।
क्या मदरसों में हो रही हैं राष्ट्रविरोधी गतिविधियां?
उन्होंने कहा, ‘मदरसों के खिलाफ बार-बार शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामले सामने आए हैं, जब इन संस्थानों से लोग राष्ट्रविरोधी गतिविधियां कर रहे थे।’ घोष ने कहा, ‘कानून के अनुसार और सरकार की अनुमति से चल रहे मदरसे काम करते रहेंगे। लेकिन सरकार मदरसों को मनमाने तरीके से खोलने और परेशानी पैदा करने की अनुमति नहीं देगी।’ विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि सभी मदरसों को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक,यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा। इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा की ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।
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