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बलरामपुर@पुलिस हिरासत में युवक की मौत का मामला

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  • अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन के बलरामपुर जिला अध्यक्ष सुदामा रजवाड़े ने निष्पक्ष जांच कराने के लिए केंद्रीय मानवाधिकार आयोग,गृह मंत्री,पुलिस महानिदेशक,पुलिस महानिरीक्षक को लिखा पत्र


-संवाददाता-
बलरामपुर,14 नवम्बर 2025 (घटती-घटना)।
विगत दिनों बलरामपुर जिले के कोतवाली थाने में पुलिस हिरासत के दौरान 19 वर्षीय युवक उमेश सिंह की संदिग्ध मौत थी,मृतक की खबर प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में सुर्खियां बनी हुई है यही नहीं यह मामला सोशल मीडिया में छाया हुआ है,जिसके कारण मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिसको लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली के अध्यक्ष,प्रदेशाध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन छत्तीसगढ़, गृह मंत्री छ.ग. शासन, पुलिस महानिदेशक रायपुर, तथा पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज को लिखित पत्र भेजकर उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन के बलरामपुर जिलाध्यक्ष सुदामा राजवाड़े ने भेजे गए पत्र लिखा कि बलरामपुर कोतवाली पुलिस थाने में दिनांक 9/11/2025 को पुलिस हिरासत में ग्राम नकना थाना सीतापुर निवासी 19 वर्षीय चोरी के कथित आरोपी उमेश सिंह की मृत्यु होने की खबर कई प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया पर समाचार सुर्खियों में रही, मृतक उमेशसिंह के परिजनों के द्वारा मीडिया में दिए गए बयान सामने आ रहा है, परिजनों के द्वारा दिए गए व्यानों की पुष्टि हम नहीं करते लेकिन छपी खबरों की माने तो परिजनों के द्वारा कहा गया है कि मृतक की मृत्यु बलरामपुर कोतवाली पुलिस के द्वारा हिरासत में मारपीट करने के कारण हुई है। जिसके कारण परिजनों के द्वारा मृतक का शव लेने से इनकार कर दुबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर गुहार लगाई है।जिसकी खबर कई प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडियायो ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। जिस को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन के बलरामपुर जिला अध्यक्ष सुदामा रजवाड़े के द्वारा दिए गए पत्र में उल्लेख कर बताया है कि इस तरह के मामले मानव को मिले हुए अधिकार हनन को परिभाषित करता है, यही नहीं मानवाधिकार उल्लंघ के श्रेणी में भी माना जाता है, इस तरह के मामले आमजनमानस में कानून के प्रति तरह तरह की चर्चाओं में आकर पुलिस प्रशासन को बदनामी का दंश झेलना पड़ता है।
जिसको लेकर फाउंडेशन के बलरामपुर जिला जिलाध्यक्ष के द्वारा एक विस्तृत शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच आवश्यक है, जिससे आम जनता का विश्वास कानून और व्यवस्था पर कायम रह सके।


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