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चिरमिरी@नाली के गंदे पानी को साफ करने में लगे एसटीपी प्लांट पूर्णतः फ्लॉपःडोमरु रेड्डी

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कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जनदर्शन में कलेक्टर से की मुलाकात,12 करोड़ की योजना को बताया ‘फर्जीवाड़ा’
-संवाददाता-
चिरमिरी,12 नवम्बर 2025 (घटती-घटना)।
पर्यावरण संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद चिरमिरी में स्थापित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) अब फ्लॉप प्रोजेक्ट साबित हो रहे हैं,पूर्व महापौर एवं जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष के. डोमरु रेड्डी ने मंगलवार को कांग्रेस नेताओं के साथ जनदर्शन में कलेक्टर से मुलाकात कर आरोप लगाया कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा चिरमिरी क्षेत्र में करोड़ों की योजनाओं में खुली लूट मचाई जा रही है।
12 करोड़ का ‘सफेद हाथी’ बना ट्रीटमेंट प्लांट…
जानकारी के अनुसार, गोदरीपारा,हल्दीबाड़ी के एनसीपीएच कॉलरी और चिरमिरी कॉलरी बरतुंगा के कोठारी क्षेत्र में नालियों से निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर साफ करने हेतु लगभग 12 करोड़ की लागत से तीन एसबीआर सिस्टम स्थापित किए गए थे,परंतु आज स्थिति यह है कि तीनों प्लांट पूरी तरह निष्कि्रय हैं, और इनमें से एक भी कॉलोनी का गंदा पानी इनसे होकर नहीं गुजरता। पूर्व महापौर रेड्डी ने कहा एसईसीएल ने इस योजना में जनता के टैक्स का पैसा पानी की तरह बहा दिया। प्लांट चालू दिखाने के लिए नालियों का नहीं, बल्कि बोरिंग के साफ पानी का कृत्रिम बहाव दिखाया जा रहा है।
कागजों में ‘क्लीन वाटर’,जमीन पर गंदगी…
एनजीटी के सख्त निर्देशों के बाद पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर बनाई गई यह योजना कागजों में तो ‘क्लीन वाटर प्रोजेक्ट’ दिखती है, लेकिन हकीकत में यह सिर्फ कागजी खानापूर्ति साबित हो रही है, नालियों का कनेक्शन प्लांट से न जुड़ने के कारण एक लीटर भी गंदा पानी फिल्टर नहीं होता, और जो प्लांट प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाए गए थे, वे अब सिर्फ दिखावटी ढांचा बनकर खड़े हैं।
भुगतान पहले,काम अधूरा…
रेड्डी ने आरोप लगाया कि अधूरे काम के बावजूद ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया,और अब मेंटेनेंस के नाम पर दोबारा राशि जारी की जा रही है। इसके अलावा, निर्माण एजेंसी द्वारा एसईसीएल कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की बात अनुबंध में दर्ज थी, लेकिन उस दिशा में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी ने सिर्फ कागजों में रिपोर्ट बनाई, जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया। अब समय आ गया है कि इस फर्जीवाड़े की जांच उच्च स्तरीय समिति से कराई जाए।
जनदर्शन में कलेक्टर से मुलाकात…
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जनदर्शन के दौरान जिला कलेक्टर से इस पूरे मामले की शिकायत की और एसईसीएल पर धोखाधड़ी,भ्रष्टाचार और जनता से छल का आरोप लगाया।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को राज्य शासन और पर्यावरण विभाग के समक्ष उठाएंगे।
जवाबदेही की मांग…
पूर्व महापौर ने कहा कि यह केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की भावना से भी खिलवाड़ है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य जनता को सुविधा देना था,लेकिन चिरमिरी में यह योजना भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई है। दोषियों पर कार्रवाई आवश्यक है।


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