- जलाए जा रहे घी और तेल के मनोकामना दीप
- चांग भखार क्षेत्र की शान है चांग माता मंदिर,शक्ति की भक्ति में लीन हुआ क्षेत्र
-राजन पाण्डेय-
एमसीबी/भरतपुर/कोरिया, 25 सितंबर 2025 (घटती-घटना)। भरतपुर का चांग माता मंदिर अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। चांग माता का मंदिर भरतपुर के भगवानपुर गांव में स्थित है। ये मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां शारदीय नवरात्र पर्व के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं,इस दौरान माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं। भक्तों का मानना है कि यहां आने से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सोनहत में भी नवरात्रि पर भव्य आयोजन
सोनहत में भी नवरात्रि के शुभ अवसर पर फारेस्ट कालोनी एवं नवयुवक दुर्गा पूजा समिति द्वारा जनपद चौक के पास दुर्गा जी स्थापना कर पूजन किया जा रहा है जिसमे प्रतिदिन श्रद्धालुओं द्वारा पूजन किया जा रहा है इसी क्रम में सोनहत के केशगवां,रजौली रामगढ़ भैसवार कटगोड़ी,कर्री बलिया में दुर्गा माता की स्थापना कर पूजा किया जा रहा है।
नवरात्रि का आयोजन और धार्मिक अनुष्ठान
नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में सैकड़ो की संख्या में घी और तेल के कलश स्थापित किए गए हैं,जिनमें ज्योति कलश की स्थापना कर माता की आराधना की जा रही है। सुबह-शाम विशेष पूजा,अर्चना और मंगल आरती का आयोजन हो रहा है,नवमी के दिन कन्या भोज का भी आयोजन किया जाता है।
प्राचीन इतिहास और आस्था की गाथा
माता चांग का ये मंदिर करीब डेढ़ सौ साल पुराना माना जाता है। कहा जाता है कि पहले मां की मूर्ति एक पेड़ के नीचे रखी गई थी,जिसे बैगा पूजते थे,समय के साथ इस स्थान ने आस्था का केंद्र बनकर कई भक्तों को आकर्षित किया। आज यह स्थान मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से आने वाले भक्तों के लिए धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन गया है। वहीं मंदिर पहुंचे भक्त अंकुर प्रताप सिंह ने बताया कि यहां मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य कई राज्यों से देवी मां के भक्त पहुंचते हैं। नवमी के दिन यहां भंडारे का भी आयोजन होता है। जहां दूर दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर के सेवादार ने बताया कि यहां घी और तेल के दीपक प्रज्जवलित जाते हैं। स्थानीय लोगों की माने तो चांग माता बालंग राजा की कुलदेवी हैं। इसलिए नवरात्रि के अवसर पर माता के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। मां दुर्गा अपने नौ रूपों में आती हैं। भक्त 9 दिन तक माता रानी के उपासना में लीन होकर पूजा अर्चना करते हैं।
चांग भखार क्षेत्र में चांग माता की छत्रछाया:अंकुर प्रताप
क्षेत्र के अंकुर प्रताप सिंह ने बताया कि नवरात्रि के दौरान मां चांग देवी के मंदिर का दरबार भक्तों की भारी भीड़ से सजा होता है,जहाँ अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाती है,जवारे बोए जाते हैं और चंडी यज्ञ का अनुष्ठान होता है। यह एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ की तरह है। शारदीय और चैत्र नवरात्रि में हजारों श्रद्धालु देवी के दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं। भक्तों द्वारा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाती है और देवी मंदिर के पास जवारा कक्ष में जवारे बोए जाते हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए देवी की प्रतिमा के समक्ष नारियल बांधते और चढ़ते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य यह मंदिर प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है।
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