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सूरजपुर@जीएसटी संशोधन पर भाजपा फैसले का सम्मान कर रही है तो वहीं कांग्रेस का कहना है कि इतने साल के नुकसान की भरपाई कौन करेगा

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  • जीएसटी पर मिले-जुले सुर,किसी ने सराहा तो किसी ने जताई नाराज़गी
  • जीएसटी पर जनता की राय बंटी,सुधार और देरी पर उठे सवाल
  • जीएसटी पर मिली-जुली प्रतिक्रिया,फायदे-नुकसान पर गरमा रही बहस


-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर,04 सितम्बर 2025 (घटती-घटना)। किसी वस्तु पर जीएसटी की जो दर होती है वही दर उस वस्तु के आयात पर लगने वाले इंटीग्रेटेड जीएसटी की होती है। जाहिर है कि जीएसटी दरों में संशोधन के साथ इंटीग्रेटेड जीएसटी में भी संशोधन होंगे। हम यहां बता रहे हैं कि इंटीग्रेटेड जीएसटी में संशोधन का आम उपभोक्ता और कंपनियों के खर्च तथा सरकार के राजस्व पर क्या प्रभाव पड़ेगा। जीएसटी काउंसिल ने जिन उत्पादों पर टैक्स दरों में संशोधन किया है, उनमें आवश्यक कच्चे माल के साथ हाई वैल्यू प्रोडक्ट भी शामिल हैं। ये संशोधन बिजनेस और कंज्यूमर के खर्च के साथ सरकार के राजस्व को सीधे प्रभावित करेंगे। जीएसटी संग्रह का 24 प्रतिशत हिस्सा इंटीग्रेटेड जीएसटी के माध्यम से आयात पर लगने वाले टैक्स से आता है। इसलिए जीएसटी दरों में संशोधन का असर आईजीएसटी पर भी पड़ेगा। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी वस्तु के आयात पर इंटीग्रेटेड जीएसटी की दर वही होगी जो उस वस्तु के लिए निर्धारित इंटीग्रेटेड जीएसटी दर है, बशर्ते उस पर छूट न दी गई हो। जीएसटी संशोधन पर जहां भाजपा सरकार के तारीफ करते नहीं थक रही है तो वहीं विपक्ष इस मामले को विलंब करने को लेकर निशाना सत्य दिखा उनकी प्रतिक्रियाओं में यह सब देखने को मिला।
भारत की जनता,व्यापारियों व किसानों का खून पूरी तरह से निचोड
विमलेश तिवारी उपाध्यक्ष प्रदेश किसान कांग्रेस ने कहा की गोदी सरकार लगातार 8 वर्षों के जीएसटी के नाम पर भारत की जनता का व्यापारियों का किसानों का खून पूरी तरह से निचोड,चुकी है,और अब जब जीएसटी का विरोध छ.ग. में कांग्रेस पार्टी के द्वारा शुरू किया गया है,तो आठ साल के बाद जी एस टी कौंसिल की बैठक में कुछ चीजों में कमी की गई है, जो कि बहुत पहले हो जाना था। एक ओर स्कूलों को बंद कर नित नए शराब दुकान खोलने वाली सरकार को आम आदमी की कोई फिक्र नहीं है।
सभी को ध्यान में रखे बिना जल्दबाजी की गई है
पंकज तिवारी जीएसटी सुधार को सिर्फ जुमला बताया कहा की इसमें और सुधार सकी गुंजजैश थी सभी का ध्यान रखना चाहिए था जल्दबाजी की गई है।
पूर्व के नुकसान की भरपाई कौन करेगा
अश्वनी सिंह अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पूर्व पार्षद ने कहा की राहुल गांधी जी पहले ही बोले थे कि जीएसटी में संशोधन किया जाय आज उसमें संशोधन किया गया इस बीच का नुकसान जो हुआ उसकी भरपाई कौन करेगा फिर जो संशोधन हुआ है उस स्लैब का टोटल करेंगे तो 63 ही आता है सिर्फ कुछ चीजों में राहत है बाकी सब वही है।
जीएसटी रिफॉर्म से देशवासियों को टैक्स से बड़ी राहत
रामकृपाल साहू प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा छत्तीसगढ़ ने कहा की देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देशवासियों को टैक्स में भारी राहत मिलने वाली है। यह रोटी कपड़ा मकान और सेहत का विशेष तोहफा दीपावली से पहले मोदी जी ने दिया है। जो की नवरात्रि से एक दिन पहले लागू होगा। इसका सीधा लाभ किसानों, मध्यम वर्ग, महिलाओं, युवाओं एवं छोटे व्यापारियों को मिलेगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय नागरिकों का जीवन सरल व सुगम बनाने के साथ-साथ उद्योग व व्यापार जगत को नवीन ऊर्जा देगा। यह कदम भारत की अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त, समावेशी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 12 प्रतिशत स्लैब की वस्तुओं को 5 प्रतिशत एवं 28 परसेंट वाले को 18 परसेंट पे लाना बहुत बड़ा ऐतिहासिक निर्णय है यानि की 12 प्रतिशत एवं 2 प्रतिशत की दरें खत्म हो जाएगी जिससे ज्यादातर रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ते व सुलभ टैक्स ढांचे में आ जाएंगी। शिक्षा के क्षेत्र में एक्सरसाइज बुक एवं नोटबुक टैक्स फ्री, जीवन रक्षक दवाइयां,इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ऑटोमोबाइल,कृषि उपकरण में टैक्स कम किए गए हैं। लग्जरी और तंबाकू उत्पाद एवं विलासिता की वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाए जाएंगे इस अत्यंत सराहनीय एवं स्वागत योग्य कदम से आम जनता का जीवन सहज एवं सरल होगा। मैं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी एवं श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का हृदय से आभार प्रकट करता हूं।
जीएसटी के बदलावों से आम आदमी की बचत और देश में खपत दोनों बढ़ेगी
भाजपा युवा मोर्चा जिला मंत्री संस्कार अग्रवाल ने कहा है कि देश ने कल अब तक के सबसे बड़े कर-सुधारों में से एक जीएसटी में हुए कर-सुधार से आम आदमी के जीवन में अहम और सकारात्मक बदलाव आना तय है। श्री अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से आम आदमी की बचत बढ़ेगी और लगभग 6 लाख करोड़ रुपए की खपत बढ़ेगी और आम आदमी के जीवन-स्तर व देश के आर्थिक परिदृश्य में क्रांतिकारी मजबूती आएगी उन्होंने कहा कि सीमेंट,जो घर बनाने की एक बहुत जरूरी वस्तु है के टैक्स रेट में 10 प्रतिशत की कटौती घर बनाने की लागत को कम करने जा रही है। अक्सर यह माना जाता है कि एक घर में 20 प्रतिशत लागत सीमेंट की ही होती है और अब उसके टैक्स रेट में 10 प्रतिशत की कटौती घर बनाने की लागत में सीधा-सीधा दो प्रतिशत कमी कर देंगे। घर में लगने वाले और उपयोग होने वाले कई सामान,जिनमें टीवी,रेफ्रिजरेटर, डेकोरेशन के सामान, पर भी टैक्स दरों में भारी कटौती से घर बनाने की लागत में महत्वपूर्ण कमी आएगी। यह कमी घर में उपयोग होने वाली वस्तुओं के हिसाब से 5 से 10 प्रतिशत की हो सकती है। घर चलाने के लिए जरूरी हर एक वस्तु पर अब टैक्स की दरों में कमी होने से घर चलाने का बजट भी प्रभावी रूप से कम हो जाएगा भारत सरकार द्वारा किए गए इनकम टैक्स एवं जीएसटी के बदलाव के बाद भारत में खपत लगभग 6 लाख करोड रुपए से बढ़ेगी। इससे जीडीपी में बढ़ोतरी के साथ साथ रोजगार और आर्थिक विकास में भी ज्यादा रफ्तार दिखेगा। जीएसटी का रिफंड अब केवल 7 दिनों में होगा जिससे एक्सपोर्ट में भारी उछाल आएगा। इससे स्वास्थ्य शिक्षा और खेती के खर्चों में भी भारी कमी आएगी।
सरकार को दर और कानूनी प्रावधान दोनों की सरलीकरण की दिशा में निर्णय लेना था एक तरफा निर्णय हमेशा घातक होता है
छत्तीसगढ़ टैक्स बार काउन्सिल के प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता आर. के. ओझा ने बताया कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं दोनों पक्षो पर विचार करना चाहिए जहाँ जीएसटी दरों में कमी से आम उपभोक्ता को काफ़ी फायदा हुआ है वहीं सरकार को बहुत बड़ी राजस्व हानि का सामना करना पड़ेगा जिसका सीधा प्रभाव विकास कार्यों पर पड़ेगा। दरों में जरुरी बदलाव युक्तयुक्त होना चाहिए फ़ौरी तौर पर आम आदमी को मंहगाई से राहत जरूर मिलेगी लेकिन व्यापारी वर्ग के लिए चुनौतीयां बढ़ेगी 22 सितम्बर का लेखा कार्य स्टॉक संधारण दरवार जानकारी प्रस्तुत करना होगा। सरकार को दर और कानूनी प्रावधान दोनों की सरलीकरण की दिशा में निर्णय लेना था एक तरफा निर्णय हमेशा घातक होता है। व्यापारी वर्ग आर-1, थ्री-बी, टू-ए, टू-बी जैसे मकड़जाल में उलझा हुआ है उसके सरलीकरण की दिशा में सरकार मौन है। राजस्व घाटे की पूर्ति के लिये जांच और छापे की अधिकता बढ़ेगी जिनसे व्यापार जगत हलकान होगा। कैसी विडंबना है कि यदि विक्रेता कम्पनी कर चोरी करे, समय पर रिटर्न न भरे तो उसके लिये क्रेता व्यापारी को नोटिस भेजा जाता है और कार्यवाही की जाती है। एक कर एक रिटर्न का प्रावधान होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए सरकार को जीएसटी दर युक्तिकरण के लिए धन्यवाद
इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी सूरजपुर के जिला चेयरमैन,छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व उपाध्यक्ष, पूर्व प्रदेश संयोजक भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ एवं पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल ने माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और एनडीए सरकार को हाल ही में घोषित अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों एवं दर युक्तिकरण के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। जीएसटी के अंतर्गत वस्तुओं एवं सेवाओं पर कर दरों को 4 स्लैब से घटाकर मुख्यतः 5′ और 18′ करने का यह ऐतिहासिक निर्णय व्यापार जगत,उद्योगों और आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत है। खाद्य सामग्री जैसे आटा,चावल,दूध,पनीर, मक्खन, फल-सçज़यां, दवाइयाँ, चिकित्सा उपकरण,कृषि उपकरण, साबुन,टूथपेस्ट,बच्चों के डायपर,स्कूल नोटबुक, तथा छोटे वाहन जैसे बाइक और ऑटो आदि पर करों में भारी कमी की गई है। इन वस्तुओं पर कर में कमी से महंगाई कम होगी,खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “दृढ़ विश्वास से सुधार” के संकल्प का स्पष्ट उदाहरण है। यह केवल कर सुधार नहीं, बल्कि ‘एक भारत,एक कर,एक बाजार’ की अवधारणा को सशक्त बनाने वाला कदम है,जो सरदार वल्लभभाई पटेल के आर्थिक एकीकरण के स्वप्न को साकार कर रहा है। व्यापारियों और उद्योग जगत को लंबे समय से एक सरल और पारदर्शी कर प्रणाली की आवश्यकता थी। यह दर युक्तिकरण एमएसएमई, किसानों, कारीगरों और आम जनता के लिए भी बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। इसके परिणामस्वरूप न केवल उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर वस्तुएं मिलेंगी, बल्कि देश का कर आधार बढ़ेगा और राजस्व संग्रह में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आने वाले वर्षों में विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा ।और यह कर सुधार उस दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जीएसटी सुधारों की नई दिशा
भाजपा जिला मिडिया प्रभारी शशि तिवारी ने जताया आभार हुए कहा की नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते है कि यह निर्णय भारत की कार्यप्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा।श्री तिवारी ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं,खेती-किसानी के उपकरण,खाने-पीने की चीज़ें,दवाइयां,शिक्षा सामग्री,मनोरंजन की वस्तुएं,ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री जी की व्यापार करने में आसानी और जीवन जीने में आसानी की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
भारत सरकार द्वारा घोषित अगली पीढ़ी का जीएसटी सुधार वास्तव में आम जनता और व्यापार जगत दोनों के लिए ऐतिहासिक सौगात है…
सीए हिमांशु अग्रवाल ने कहा की भारत सरकार द्वारा घोषित अगली पीढ़ी का जीएसटी सुधार वास्तव में आम जनता और व्यापार जगत दोनों के लिए ऐतिहासिक सौगात है। रोज़मर्रा के उपयोग की वस्तुएँ जैसे तेल, साबुन, टूथपेस्ट, घी, नमकीन, बच्चों के उपयोग की वस्तुएँ अब सस्ती होंगी। इससे हर घर के खर्च में सीधी बचत होगी। किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। ट्रैक्टर, टायर, कीटनाशक, सिंचाई उपकरण और कृषि मशीनों पर टैक्स घटने से खेती-किसानी की लागत कम होगी और उत्पादकता बढ़ेगी। स्वास्थ्य सेवाओं में भी राहत दी गई है बीमा, मेडिकल ऑक्सीजन, डायग्नोस्टिक किट, थर्मामीटर जैसी वस्तुओं को जीएसटी से लगभग मुक्त कर दिया गया है। शिक्षा सामग्री जैसे किताबें, कॉपियाँ, ग्लोब,पेंसिल,रबर भी अब पहले से सस्ती मिलेंगी। साथ ही, गाडि़यों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर कर कम होने से आम मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ा सहारा मिलेगा। इस सुधार से छोटे व्यवसायियों और एसएमई को भी लाभ होगा क्योंकि पंजीकरण और रिफंड की प्रक्रिया आसान की गई है। यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सरकार का दूरगामी प्रयास है।
जीएसटी दरों में सुधार उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
सीए स्वयं गोयल ने कहा की 22 सितम्बर 2025 से देश में जीएसटी दरों का नया ढांचा लागू हो रहा है। सरकार ने इसे उपभोक्ताओं और उद्योग दोनों के हित में बड़ा कदम बताया है। खाद्य और दवाइयाँ सस्ती रोटी, पराठा, दूध, पनीर जैसी रोज़मर्रा की वस्तुएँ अब टैक्समुक्त या 5 प्रतिशत पर होंगी। दवाइयाँ और मेडिकल उपकरण भी सिर्फ 5 प्रतिशत पर उपलध होंगे। स्वास्थ्य बीमा को पूरी तरह करमुक्त किया गया है। इससे आम आदमी का खर्च घटेगा। वाहन और कृषि क्षेत्र छोटी कारें, तीन पहिया, बस और ट्रक अब 18 प्रतिशत टैक्स पर आएंगे (पहले 28प्रतिशत)। किसानों को राहत देते हुए कृषि मशीनरी पर दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। रोज़मर्रा का सामान साबुन, शैम्पू, फेस पाउडर अब केवल 5 प्रतिशत पर मिलेंगे। होटल (7500 तक) और सैलून/जिम जैसी सेवाएँ भी सस्ती होंगी। सेवाओं और ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और पर्यटन सेवाओं पर राहत दी गई है। सौर पैनल और बैटरियों पर टैक्स घटाकर 5′ कर दिया गया है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा। संतुलन और राजस्व सरकार ने जहाँ आम जनता को राहत दी है, वहीं लक्ज़री व सिन्न वस्तुओं (बड़ी कारें, शराब, कैसिनो, आईपीएल टिकट आदि) पर 40′ टैक्स रखकर राजस्व की सुरक्षा भी की है जीएसटी का यह रेशनलाइजेशन उपभोक्ताओं को सीधी बचत देगा, स्वास्थ्य व कृषि क्षेत्र को मजबूती देगा और उद्योग जगत में नई ऊर्जा लाएगा।
यह निर्णय सरकार की जनहित और राजस्व संतुलन की नीति का सकारात्मक उदाहरण है।
जीएसटी स्लैब में परिवर्तन राहत का झुनझुना
संजय दोषी शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा की जीएसटी स्लैब में परिवर्तन राहत का झुनझुना है। पीएम मोदी को सालों बाद अब देश की जनता की याद आई है। चहुं ओर महंगाई चरम सीमा पर है। जीएसटी की मार से आम जनता त्रस्त है, त्राहि त्राहि मची हुई है। ऐसे में अब जीएसटी में राहत देने की बात बेमानी प्रतीत होती है।
समाज के हर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा
हर वर्ग को होगा लाभ भाजापा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिया गया जीएसटी फैसला एक अच्छा फैसला है आगामी विकसित भारत समृद्ध है। इस फैसले से समाज के हर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। अधिकांश वस्तुएँ अब दो स्वीकृत टैक्स स्लैब में समाहित होंगी। इसके चलते कई सामान सस्ते हो जाएंगे। वहीं, विलासिता और हानिकारिक वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत का एक अलग स्लैब मंजूर किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी समाज के समग्र विकास और आर्थिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। श्री सोनी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राष्ट्र के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
निर्णय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला साबित होगा
प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए जीएसटी दर युक्तिकरण के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम से न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी बल्कि आम जनता भी सीधे तौर पर इसका लाभ उठा सकेगी। विधायक मरावी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इससे कारोबार का दायरा बढ़ेगा और उपभोक्ताओं को भी उचित मूल्य पर वस्तुएं उपलब्ध होंगी।


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