सूरजपुर,18 जुलाई 2025(घटती-घटना)। महिला एवं बाल विकास विभाग सूरजपुर के विशेष पोषण अभियान का असर अब ज़मीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। परियोजना अधिकारी श्रीमती वर्षा बंसल के नेतृत्व और सतत निगरानी में पिछले तीन वर्षों में हज़ारों बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। जिले की 343 आंगनबाड़ी केंद्रों के सहयोग से मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना और पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के तहत बच्चों को नियमित स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक आहार और परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। टीम ने गांव-गांव जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के साथ लगातार जागरूकता अभियान भी चलाए, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण अंचल के बच्चों तक पहुंचा। वर्ष 2023 में कुल 13,717 बच्चों में 1,481 मध्यम कुपोषित और 416 अति गंभीर कुपोषित पाए गए थे। वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 970 मध्यम और 391 अति गंभीर कुपोषित रह गई। वहीं वर्ष 2025 में आंकड़ा और घटकर 675 मध्यम तथा 251 अति गंभीर कुपोषित बच्चों तक सिमट गया। इन तीन वर्षों में कुपोषित बच्चों की संख्या में लगातार कमी आना, जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की जमीनी मेहनत का स्पष्ट प्रमाण है। सिर्फ आंकड़े नहीं,बदलाव की कहानियां भी परियोजना अधिकारी श्रीमती वर्षा बंसल ने कहा—हमारा लक्ष्य सिर्फ कुपोषण घटाना नहीं,बल्कि हर बच्चे को स्वस्थ और खुशहाल बनाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल से यह संभव हुआ है। ग्रामीणों का भी मानना है कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को बेहतर भोजन, नियमित वजन जांच और पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है, जिससे माताओं-पिताओं के नजरिए में भी बदलाव आया है। सूरजपुर परियोजना की यह पहल अब कुपोषण मुक्त सूरजपुर” की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
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