जिला अस्पताल के डॉक्टर इलाज करने से घबरा रहे क्योंकि एजेंट बनने पर ही उन्हें निज अस्पताल दे रहा मोटा पैसा:सूत्र

-शमरोज खान-
सूरजपुर,04 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के दावे कर रही है और जिला चिकित्सालय में डॉक्टर सहित व्यवस्थाओं पर करोड़ों खर्च कर रही है, इसके बाद भी क्या आम आदमी व गरीबों को बेहतर इलाज मिल पा रहा है या कहा जाए तो सारी व्यवस्था देने के बाद भी रेफर केंद्र ही बना हुआ है, सूरजपुर जिले में जितनी बड़ी इमारत शासकीय जिला अस्पताल के पास है और जितने उपकरण व स्टाफ डॉक्टर है उतने किसी भी अस्पताल में नहीं होंगे,सरकार अपने तरफ से बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मोहया करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, पर सरकारी अस्पताल में सरकार के तरफ से मिलने वाले वेतन से स्टाफ व डॉक्टर खुश नहीं है यही वजह है कि वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करके जिले के निजी अस्पतालों के एजेंट बन गए हैं? सूत्रों से मिली जानकारी आ रही है उसमें यह बताया जा रहा है कि जिला चिकित्सालय में महिला विशेषज्ञ डॉक्टर कई है फिर भी यह डॉक्टर इलाज नहीं कर रहे हैं निजी अस्पतालों को पर्ची लिखकर वहां मरीजों को भेज रहे हैं, यदि ऐसा हो रहा है तो फिर यह तो नियम विरुद्ध है कहीं ना कहीं सरकार के मनसा पर यह पानी फेर रहे हैं, इस मामले को लेकर सूरजपुर जिला अस्पताल काफी चर्चा में है, खासकर महिला विशेषज्ञों को लेकर ऐसी स्थिति देखी जा रही है तमाम तरह से डिलीवरी केस निजी अस्पताल के लिए भेजे जा रहे हैं जिस वजह से जो इलाज जिला अस्पताल में मुफ्त में होना है उसके लिए लोग निज अस्पताल में भारी भरकम पैसा खर्च कर रहे हैं।
देवरानी जेठानी की जोड़ी
देवरानी जेठानी की जोड़ी जमकर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं,एक डाक्टर जहां जिला अस्पताल में पदस्थ है तो दूसरे का निजी अस्पताल संचालित हो रहा है,इन दोनों के साथ गांठ से जिला अस्पताल के मरीज निजी अस्पताल में जाते हैं और सूत्रों का तो यह भी दबा है कि उस निजी अस्पताल में जाकर यह डॉक्टर भी वहां इलाज करते हैं,जिला अस्पताल में वह बेहतर इलाज नहीं दे पाती हैं पर उस निजी अस्पताल में जाकर बेहतर इलाज देती है, यहां तक की झूठ बोलकर मरीजों को भेजा जाता है कि यहां पर सुविधाएं उपलब्ध नहीं है,यदि इस मामले पर सरकार जल्द से जल्द कड़ा रुख नहीं अपनाया तो इतने पैसे खर्च करने के बाद भी सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल सका, तो इसका नुकसान आगामी चुनाव में देखने को मिलेगा सरकार से भरोसा लोगों का उठ जाएगा और सरकार से लोगों का भरोसा सिर्फ ऐसे कर्मचारियों की वजह से ही उठेगा।
बीएल मेमोरियल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल रहता है हमेशा सुर्खियों में आए दिन आती है शिकायत?
यह निजी अस्पताल हमेशा सुर्खियों में रहता है यह जिला अस्पताल से चंद मीटर की दूरी पर है और यहां पर सबसे ज्यादा शासकीय अस्पताल के मरीजों को भेजा जाता है, वह भी यह बोलकर की जिला अस्पताल में सुविधा नहीं है इलाज नहीं हो पाएगा,सुविधा होने के बाद भी यहां के डॉक्टरों का यह कह कर भेजना कहीं ना कहीं शासन के मांसाओं पर पानी फेर रहा है फिर भी ऐसे डॉक्टर पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही? स्वास्थ्य मंत्री को भी इस बात पर संज्ञान लेना चाहिए और सरकार की मंशा के अनुरूप तत्काल जिला अस्पताल के ऐसे कर्मचारियों को चिन्हित कर कार्यवाही करना चाहिए ताकि शासन की बेहतर सुविधाओं का लाभ आम लोगों को मिल सके।
क्या नर्सिंग एक्ट का इस अस्पताल में हो रहा पालन?
सूत्रों का यह भी दावा है कि निजी अस्पतालों में नर्सिंग एक्ट का खुला उल्लंघन हो रहा है यहां पर यदि जांच हो जाए तो सारी कमियां निकाल कर बाहर आ जाएंगे, नर्सिंग एक्ट में जितने नियम दिए गए हैं जो सुविधाएं एक की अस्पताल में होनी चाहिए वह क्या सही तरीके से उपलध हैं जिसकी लिए जांच होने की मांग उठ रही है।
जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर इस अस्पताल में मरीज को करते हैं रेफर
जिला अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ इस कदर निजी अस्पताल के मालिकों के गिरफ्त में हो गए हैं कि वह सरकार के मंशा को ही बट्टा लगा रहे हैं सारी सुविधाएं होने के बाद भी निजी अस्पतालों में सिर्फ इसलिए भेज रहे हैं क्योंकि निजी अस्पताल के मालिक जिला अस्पताल के लोगों को हर केस का पैसा दे रहे हैं चाहे वह ऑपरेशन हो या फिर सोनोग्राफी या फिर अन्य चीज सबके रेट तय हैं घटती घटना को एक कार्ड हाथ लगा है जिसमें डॉक्टर को कितना पैसा उस निजी अस्पताल से मिलता है यह उसमें लिखा हुआ है,साथ ही वह पर्ची भी हाथ लगी है जो सरकारी अस्पताल के डॉक्टर निजी अस्पताल के लिए लिखकर देते हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों को भी है सब मालूम लेकिन साधे हैं चुप्पी
ऐसा नहीं है कि यह बात किसी को पता नहीं है जिम्मेदार अधिकारी भी इस बात से अनभिज्ञ नहीं है फिर भी आंख मुंधे बैठे हुए हैं और निजी अस्पतालों को अपनी मनमर्जी करने की खुली छूट दे रखा है वही वर्तमान सरकार के उद्देश्यों को यह मटियामेट कर रहे हैं सरकार लगातार बेहतर व्यवस्था व सुविधाओं की दवा कर रही है वहीं चंद पैसों के लिए यहां के स्टाफ व डॉक्टर सरकार की मनसा को ही गलत साबित करने में तुले हुए हैं।
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