- तहसीलदार के तहसील क्षेत्र में कोई भी काम बिना पैसे के होना संभव नहीं है:सूत्र
- शिकायतकर्ता ने लगाया आरोप तो खबर प्रकाशित होने के बाद तहसीलदार अपने आप को पाक-साफ साबित करने के लिए मीडिया में देने लगे बयान?
- क्या भैयाथान तहसीलदार को नेता बनने का है शौक उनके पहनावे से भी कुछ ऐसा ही झलकता है?
- यदि कोई गोपनीय टीम बनाकर भैयाथान तहसील की कराई जाए जांच तो खुल जाएंगे सारे राज
- परिवार के जमीन विवाद के बीच तहसीलदार पर लगे बड़े आरोप…
- क्या तहसीलदार एक परिवार के जमीन विवाद को नहीं समझ पाए आखिर…दो परिवारों के बीच कौन है सही क्या इसकी जांच तहसीलदार नहीं कर पाए?


-शमरोज खान –
सुरजपुर,01 जून 2025 (घटती-घटना)। पारिवारिक जमीन विवाद के बीच भैयाथान तहसीलदार पर ही लग गया है बड़ा आरोप,सौतेली व सगे बेटों के बीच उत्पन्न है जमीन विवाद दोनों तरफ से हो रहा है जमीन पर हक लेने का दावा,जमीन किसकी है किसे मिलना चाहिए यह प्रकरण था भैयाथान तहसील न्यायालय में और फैसला एक पक्ष को समझ नहीं आया,और जमीन तहसीलदार के फैसले अनुसार दूसरे को मिल गई और उस जमीन से एक बड़ा हिस्सा तहसीलदार ने अपने पत्नी के नाम खरीद लिया जो आरोप दूसरे पक्ष ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर लगाया,इसके बाद अब यह जांच की मांग उठने लगी है कि तहसीलदार का किया गया फैसला कितना सही है?क्या तहसीलदार न्याय को प्रभावित कर दिए उस जमीन को खरीदने के लिए या फिर उस एवज में उन्हें इनाम स्वरूप में वह जमीन मिली,यह आरोप दैनिक घटती-घटना का नहीं यह आरोप पीडि़त का है,पीडि़त का आरोप यह भी है कि जीवित की मृत्यु बताकर फर्जी नामांतरण बिक्री किया गया है,पीडि़त की बातें सच है या नहीं इस बात का फैसला तो जांच के बाद ही होगा,इसलिए अब यह मांग हो रही है कि कलेक्टर सूरजपुर भैयाथान तहसीलदार को वहां से पृथक कर किसी और को वहां भेजकर इस मामले की निष्पक्ष जांच टीम गठित करें,ताकि पूरी सच्चाई से पर्दा उठ सके,क्या सही में तहसीलदार ने अपनी पत्नी के नाम पर उस वक्त विवादित जमीन का कुछ हिस्सा ले लिया है या फिर हिस्सा उन्हें इनाम में मिला है? वैसे दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं पर इस बीच तहसीलदार पर ही बड़ा आरोप लगना कहीं ना कहीं न्याय प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। वैसे तहसीलदार की कार्यप्रणाली बहुत अच्छी नहीं है उस क्षेत्र में तहसीलदार की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं काफी हैं कुछ उनका पहनावा भी नेताओ से कम नहीं है और नेतागिरी में ही वह ज्यादा देखे जाते हैं नेताओं के आगे पीछे घूम कर अच्छे तहसील कार्यालय में बैठकर मोटी रकम कमाना इनका उद्देश्य है ऐसा सूत्रों का कहना।
आखिर जमीन खरीदने के लिए उन्होंने कहां से लाया इतना पैसा या जमीन मिली उपहार में?
जिस जमीन का प्रकरण तहसील न्यायालय भैयाथान में चल रहा था उस प्रकरण में फैसले के साथ ही जमीन का एक बड़ा टुकड़ा तहसीलदार के परिवार का हो गया,अब यह पक्ष में फैसला सुनाने का ईमान है यह तहसीलदार ने जमीन खरीदी है यह सवाल है,वैसे जमीन यदि खरीदी है तो वही जमीन क्यों खरीदी जिसके विवाद का निपटारा उन्होंने किया और यदि खरीदी भी तो पैसा इतना कहां से आया यह भी सवाल खड़ा हो रहा है,यह भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई मामला तो नहीं यह भी समझने वाली और जांच का विषय है।
तहसीलदार के महंगे
शौक भी बताते हैं कि उनके न्यायालय में ईमानदारी से नहीं होता होगा कोई काम
तहसीलदार भैयाथान के शौक काफी महंगे हैं जो सामान्य तौर पर वेतन भत्तो से वह पूरी कर सकें ऐसा संभव नहीं है,वेतन से जब संभव नहीं तो कैसे वह अपने शौक पूरी करते हैं यह सवाल है और इससे यह कहना कि उनके न्यायालय में कोई काम शायद ही ईमानदारी से होता हो इसमें संशय है,तहसीलदार भैयाथान ब्रांडेड शौक के आदि हैं और यह शौक एक लोकसेवक के लिए भ्रष्टाचार से ही पूरे करने का माध्यम है।
विवादों से है इनका का गहरा नाता
तहसीलदार भैयाथान का विवादों से गहरा नाता है,बताया जाता है कि उनकी कार्यप्रणाली हमेशा विवादों में ही रहती है,आमलोगों के अनुसार बताया जाता है कि तहसीलदार भैयाथान कार्यालय में अपनी मनमानी चलाते हैं आम फरियादी भी उनसे परेशान हैं। ऐसा सिर्फ किसी एक तहसील कार्यालय में रहकर नहीं जिस भी तहसील कार्यालय में रहे हैं वहां पर उनकी शिकायतें रही हैं जहां पर भी जाते हैं उस तहसील में काम करने की रकम मोटी हो जाती है और फैसला कैसे होते होंगे यह आप अंदाजा लगाया सकते हैं सूत्रों को कहना है कि सूरजपुर तहसील कार्यालय में भी इनकी कार्यप्रणाली बहुत अच्छी नहीं थी यहां पर भी है फरियादियों को परेशानी करते थे।
कार्यालय में मनाते हैं जन्मदिन
भैयाथान तहसीलदार साहब को फोटो फ्रेम में बने रहना भी पसंद है,वह कार्यालय में ही जन्मदिन भी मनाते नजर आ चुके हैं,बताया जाता है कि उन्हें फोटो में बने रहने का काफी शौक है। वह इसलिए लिए समय समय पर अपनी तस्वीर भी साझा करते रहते हैं।
क्या सूरजपुर कलेक्टर व सरगुजा संभाग आयुक्त इस मामले की निष्पक्ष जांच करवा पाएंगे?
पूरे मामले में जिसमें एक तहसील न्यायालय भैयाथान में चल रहे प्रकरण जमीनी का निर्णय आता है जिसमें जिसके पक्ष में निर्णय आता है उसके हिस्से की कुछ जमीन फैसला देने वाले तहसीलदार के परिवार के नाम बिक्रीनामा होता है में यह संदेह जाहिर किया जा रहा है कि फैसला पक्ष में सुनाने के लिए ही जमीन लिया गया है,अब क्या इस मामले में संभागायुक्त सरगुजा और कलेक्टर सुरजपुर जांच टीम का गठन कर जांच करवाते हैं यह देखने वाली बात होगी।
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