जांच समिति ने कहा…दें इस्तीफा या सजा का करें सामना
नई दिल्ली,08 मई 2025 (ए)। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाए जाने की सिफारिश किये जाने की खबर है। प्रधान न्यायाधीश ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से जुड़े मामले में उच्चतम न्यायालय समिति की रिपोर्ट साझा की है। जिसने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ नकदी बरामदगी के आरोपों की जांच
की है। सूत्रों के मुताबिक,इसमें न्यायमूर्ति वर्मा को हटाए जाने की सिफारिश की गई है। तीन सदस्यीच पैनल की रिपोर्ट के आधार पर ये चिट्ठी भेजी गई है। सीजेआई ने पैनल की रिपोर्ट के साथ न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का जवाब भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ साझा किया है। पैनल ने रविवार को सीजेआई को अपनी रिपोर्ट
सौंपी थी। सीजेआई ने जस्टिस वर्मा से रिपोर्ट पर जवाब मांगा था। रिपोर्ट के निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उच्चतम न्यायालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत के प्रधान न्यायाधीश ने आंतरिक प्रक्रिया के अनुसार राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है, जिसमें तीन सदस्यीय समिति की तीन मई की रिपोर्ट की प्रति तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से प्राप्त छह मई के पत्र/प्रतिक्रिया की प्रति संलग्न है। जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर नकदी मिलने के आरोपों की जांच के लिए गठित आंतरिक समिति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को सौंपी अपनी रिपोर्ट में न्यायाधीश को दोषी ठहराया है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार उन्हें इस्तीफा देना ही होगा और यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश भेजी जाएगी।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में उन पर आरोप लगाया गया है। प्रक्रिया के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने उनसे पूछताछ की है। उन्हें दिया गया पहला विकल्प इस्तीफा देना है। अगर वह इस्तीफा देते हैं, तो यह अच्छा है। “यह भी समझा जाता है कि न्यायमूर्ति वर्मा को मुख्य न्यायाधीश को जवाब देने के लिए शुक्रवार, 9 मई तक का समय दिया गया है।
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