मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार,भारत लाने की कोशिश जारी
पूर्व राजनयिक ने बताया, मेहुल के प्रत्यर्पण में लग सकता है समय
चोकसी की धोखाधड़ी मामले पर भारत की जांच एजेंसियां सक्रिय
नई दिल्ली,14 अप्रैल 2025 (ए)। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 13,000 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारतीय जांच एजेंसियों के प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया। उसे भारत लाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन पूर्व राजनयिक के.पी. फैबियन का कहना है कि मेहुल चोकसी का प्रत्यर्पण अच्छा होगा, मगर इसमें बहुत समय लग सकता है।
तहव्वुर राणा को भारत लाने में लगे 17 साल
फैबियन ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का उदाहरण दिया। राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित करने में 17 साल लग गए। इसलिए चोकसी के मामले में हमें जल्द उम्मीद नहीं करनी चाहिए। फैबियन ने कहा कि यह बहुत अच्छा होगा अगर यह (प्रत्यर्पण) हो जाए। मगर राणा को लाने में कितने साल लगे? 26/11 कब हुआ था, 2008 में, और हम उसे 2025 में लाए। इसलिए, इन सभी प्रत्यर्पण प्रक्रियाओं में समय लगेगा। इसमें बाधाएं भी आ सकती हैं। मैंने अभी खबर सुनी है, मेरे पास कोई अंदर की जानकारी नहीं है कि वह अपनी सेहत के आधार पर इसे चुनौती देने जा रहा है तो चलिए देखते हैं,इस समय हम कुछ नहीं कह सकते।
पहली संधि 1958 में हो गई थी खत्म
भारत और बेल्जियम के बीच जो प्रत्यर्पण संधि है, उसके मुताबिक अगर कोई व्यक्ति किसी अपराध में शामिल है, तो उसे अपील करने वाले देश के हवाले किया जा सकता है। 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और बेल्जियम के बीच प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दी थी। यह संधि 1901 में ब्रिटेन और बेल्जियम के बीच हुई एक संधि की जगह लेती है, जिसे भारत में 1958 तक जारी रखा गया था। यह भारत और बेल्जियम के बीच अपराधियों को सौंपने के लिए एक नया समझौता है।
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